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लातूर-ज़ाहिराबाद हाईवे पर बड़ा हादसा; डीज़ल की कमी से एम्बुलेंस नहीं पहुंची, घायल आधे घंटे तक सड़क पर फंसे रहे

निलंगा (जिला लातूर): रविवार रात करीब 10 बजे लातूर-ज़ाहिराबाद हाईवे पर तलीखेड़ पाटी के पास एक कार और टमटम के बीच आमने-सामने की बड़ी टक्कर हो गई। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद निलंगा सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल को सूचना दी गई, लेकिन एम्बुलेंस में डीज़ल नहीं होने की वजह से एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। घायल मरीज आधे घंटे तक दर्द से तड़पता हुआ सड़क पर पड़ा रहा। आखिर में, स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाई और उसे प्राइवेट गाड़ियों से हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा औरद शाहजनी से निलंग्या आ रही एक टमटम (MH 14 JP 6723) और निलंग्या से औरद जा रही एक कार (MH 12 PN 3923) के बीच तलीखेड़ पाटी के पास सड़क पर एक बड़े गड्ढे की वजह से हुआ। गड्ढे से बचने की कोशिश में दोनों गाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गाड़ियां चकनाचूर हो गईं।
घायल लोग:

गाड़ी में: लक्ष्मीबाई प्रकाशराव मसलगे, प्रकाश नरसिंहराव मसलगे (गंभीर), इंदु प्रकाश मसलगे और सिंधु प्रकाश मसलगे (मामूली)।

कार में: मीनाक्षी पुरुषोत्तम मंत्री, पुरुषोत्तम दगडू मंत्री, वैष्णवी जुगलकिशोर मंत्री और वसुधा जुगलकिशोर मंत्री (गंभीर)।

प्रशासन की लापरवाही?

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत 108 पर कॉल करके मदद मांगी। निलंगा सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल को बताने के बाद भी जवाब मिला, “डीज़ल नहीं है, गाड़ी नहीं आ सकती”। सरकारी सिस्टम की इस लापरवाही की वजह से गंभीर रूप से घायल मरीज़ों को सड़क पर लेटना पड़ा। बाद में, स्थानीय लोगों ने घायलों को प्राइवेट गाड़ियों से सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और एक प्राइवेट क्लिनिक पहुंचाया। मीनाक्षी मंत्री और लक्ष्मीबाई मसलगे की हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें लातूर शिफ्ट किया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को सुबह 2 बजे एम्बुलेंस में डीज़ल भरने के बाद ही लातूर भेजा गया। करोड़ों रुपये का फंड पाने वाले सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में एम्बुलेंस में डीज़ल न होना मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए शर्म की बात है। अगर डीज़ल की कमी से किसी की जान चली जाती है, तो कौन ज़िम्मेदार होगा? यह एक गुस्सा दिलाने वाला सवाल है।

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