नागपुर-गोवा शक्ति पीठ हाईवे: कोल्हापुर में बवाल; सतेज पाटिल ने कहा, किसान गुस्से में...
कोल्हापुर: नागपुर और गोवा के बीच प्रस्तावित राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'शक्ति पीठ हाईवे' प्रोजेक्ट का कोल्हापुर में लगातार विरोध हो रहा है। आज एक बार फिर किसानों ने इस हाईवे के खिलाफ बड़ा नारा लगाया है।
किसानों का दावा है कि यह हाईवे काफी हद तक उनकी खेती की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेगा, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी और भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर किसान अभी भी गुस्से में हैं, जिसके लिए पहले भी कई विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सतेज पाटिल ने इस मुद्दे पर सरकार पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सरकार किसानों के हितों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करके सिर्फ़ ड्रीम प्रोजेक्ट का सपना देख रही है। उनकी ज़मीनें लेकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद करने के बजाय, सरकार को उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें न्याय देना चाहिए।"
हालांकि शक्तिपीठ हाईवे को राज्य सरकार का एक बड़ा टूरिज्म और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन कोल्हापुर समेत कुछ ज़िलों में किसानों के विरोध के कारण इस प्रोजेक्ट में रुकावटें आ रही हैं। इस नए आंदोलन पर सरकार की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जवाब नहीं आया है।
कोल्हापुर: नागपुर और गोवा के बीच प्रस्तावित राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'शक्ति पीठ हाईवे' प्रोजेक्ट का कोल्हापुर में लगातार विरोध हो रहा है। आज एक बार फिर किसानों ने इस हाईवे के खिलाफ बड़ा नारा लगाया है।
किसानों का दावा है कि यह हाईवे काफी हद तक उनकी खेती की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेगा, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी और भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर किसान अभी भी गुस्से में हैं, जिसके लिए पहले भी कई विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सतेज पाटिल ने इस मुद्दे पर सरकार पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सरकार किसानों के हितों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करके सिर्फ़ ड्रीम प्रोजेक्ट का सपना देख रही है। उनकी ज़मीनें लेकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद करने के बजाय, सरकार को उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें न्याय देना चाहिए।"
हालांकि शक्तिपीठ हाईवे को राज्य सरकार का एक बड़ा टूरिज्म और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन कोल्हापुर समेत कुछ ज़िलों में किसानों के विरोध के कारण इस प्रोजेक्ट में रुकावटें आ रही हैं। इस नए आंदोलन पर सरकार की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जवाब नहीं आया है।
किसानों का दावा है कि यह हाईवे काफी हद तक उनकी खेती की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेगा, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी और भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लेकर किसान अभी भी गुस्से में हैं, जिसके लिए पहले भी कई विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सतेज पाटिल ने इस मुद्दे पर सरकार पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सरकार किसानों के हितों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करके सिर्फ़ ड्रीम प्रोजेक्ट का सपना देख रही है। उनकी ज़मीनें लेकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद करने के बजाय, सरकार को उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें न्याय देना चाहिए।"
हालांकि शक्तिपीठ हाईवे को राज्य सरकार का एक बड़ा टूरिज्म और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन कोल्हापुर समेत कुछ ज़िलों में किसानों के विरोध के कारण इस प्रोजेक्ट में रुकावटें आ रही हैं। इस नए आंदोलन पर सरकार की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जवाब नहीं आया है।
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