अबूझमाड़ के जंगल में बड़ा ऑपरेशन; नक्सलियों के ठिकानों से 1 करोड़ से ज़्यादा कैश और 28 हथियार बरामद
नई दिल्ली/रायपुर (13 मई, 2026): छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले में सिक्योरिटी फोर्स को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अबूझमाड़ के घने जंगलों में नक्सलियों का छिपाया हुआ 'खज़ाना' मिला है। 1 करोड़, 1 लाख 64 हज़ार रुपये से ज़्यादा कैश और कई खतरनाक हथियार ज़ब्त किए गए हैं।
नारायणपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि ज़िले को 31 मार्च को हथियारबंद माओवादियों से आज़ाद घोषित कर दिया गया था। उसके बाद 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया गया। इस ऑपरेशन में ज़िला पुलिस, डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG), ITBP और BSF के जवानों ने हिस्सा लिया।
खुफिया जानकारी और गांववालों के एक्टिव सहयोग से यह ऑपरेशन कामयाब रहा। जवानों ने जंगल के दूर-दराज के इलाकों में नक्सलियों के कई ठिकानों पर पहुंचकर सर्च किया। ज़ब्त की गई चीज़ों की जानकारी:
कैश: Rs 1,01,64,000 (14 लाख एक जगह और बाकी रकम दूसरी जगह)
हथियार: 28 हथियार, कारतूस और विस्फोटक
3 AK-47 राइफल
3 SLR राइफल
2 .303 राइफल
1 .315 बोर राइफल
2 12-बोर बंदूकें
2 देसी कट्टे
1 एयर गन
इस ऑपरेशन में जवानों ने मुश्किल हालात का सामना करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। गांववालों की मदद से नक्सलियों के छिपे हुए ठिकानों तक पहुंचना मुमकिन हो पाया।
इस ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नई दिल्ली/रायपुर (13 मई, 2026): छत्तीसगढ़ के नारायणपुर ज़िले में सिक्योरिटी फोर्स को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अबूझमाड़ के घने जंगलों में नक्सलियों का छिपाया हुआ 'खज़ाना' मिला है। 1 करोड़, 1 लाख 64 हज़ार रुपये से ज़्यादा कैश और कई खतरनाक हथियार ज़ब्त किए गए हैं।
नारायणपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि ज़िले को 31 मार्च को हथियारबंद माओवादियों से आज़ाद घोषित कर दिया गया था। उसके बाद 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया गया। इस ऑपरेशन में ज़िला पुलिस, डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG), ITBP और BSF के जवानों ने हिस्सा लिया।
खुफिया जानकारी और गांववालों के एक्टिव सहयोग से यह ऑपरेशन कामयाब रहा। जवानों ने जंगल के दूर-दराज के इलाकों में नक्सलियों के कई ठिकानों पर पहुंचकर सर्च किया। ज़ब्त की गई चीज़ों की जानकारी:
कैश: Rs 1,01,64,000 (14 लाख एक जगह और बाकी रकम दूसरी जगह)
हथियार: 28 हथियार, कारतूस और विस्फोटक
3 AK-47 राइफल
3 SLR राइफल
2 .303 राइफल
1 .315 बोर राइफल
2 12-बोर बंदूकें
2 देसी कट्टे
1 एयर गन
इस ऑपरेशन में जवानों ने मुश्किल हालात का सामना करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। गांववालों की मदद से नक्सलियों के छिपे हुए ठिकानों तक पहुंचना मुमकिन हो पाया।
इस ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नारायणपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि ज़िले को 31 मार्च को हथियारबंद माओवादियों से आज़ाद घोषित कर दिया गया था। उसके बाद 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया गया। इस ऑपरेशन में ज़िला पुलिस, डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG), ITBP और BSF के जवानों ने हिस्सा लिया।
खुफिया जानकारी और गांववालों के एक्टिव सहयोग से यह ऑपरेशन कामयाब रहा। जवानों ने जंगल के दूर-दराज के इलाकों में नक्सलियों के कई ठिकानों पर पहुंचकर सर्च किया। ज़ब्त की गई चीज़ों की जानकारी:
कैश: Rs 1,01,64,000 (14 लाख एक जगह और बाकी रकम दूसरी जगह)
हथियार: 28 हथियार, कारतूस और विस्फोटक
3 AK-47 राइफल
3 SLR राइफल
2 .303 राइफल
1 .315 बोर राइफल
2 12-बोर बंदूकें
2 देसी कट्टे
1 एयर गन
इस ऑपरेशन में जवानों ने मुश्किल हालात का सामना करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। गांववालों की मदद से नक्सलियों के छिपे हुए ठिकानों तक पहुंचना मुमकिन हो पाया।
इस ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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