मेरठ ब्लू ड्रम मर्डर केस: लंदन से बेटी का बर्थडे मनाने आए सौरभ की पत्नी-प्रेमी ने हत्या कर दी; आखिरी फैसला कल
दिल्ली: देश भर में हलचल मचाने वाले मेरठ के 'सौरभ रस्तोगी ब्लू ड्रम मर्डर केस' में आखिरी फैसला बुधवार, 30 सितंबर को लोकल कोर्ट में सुनाया जा सकता है।
लंदन में काम करने वाले सौरभ रस्तोगी फरवरी 2025 में अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आए थे। 3 मार्च, 2025 की रात को उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर चाकू घोंपकर मार डाला। इसके बाद बॉडी के टुकड़े-टुकड़े करके सीमेंट और रेत से भरे 1200 लीटर के नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपा दिया।
7 मार्च को पुलिस ने बदबू और शक के चलते ब्रह्मपुरी के एक घर से ड्रम जब्त किया। मुस्कान और साहिल को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। केस में एक और ट्विस्ट तब आया जब पता चला कि गिरफ्तारी के समय मुस्कान प्रेग्नेंट थी।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कृष्ण कुमार चौबे ने 22 गवाहों के बयान और मजबूत फोरेंसिक सबूत पेश किए हैं। बचाव पक्ष ने यह दावा करते हुए रिहाई की मांग की है कि कोई सीधा गवाह नहीं है और उसे प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया गया था।
मुख्य गवाह और सबूत:
सौरभ का भाई बबलू कुमार: मुस्कान 2019 से साहिल के साथ रिलेशनशिप में थी और उसने सौरभ से कहा था कि उसकी जान को खतरा है।
सौरभ की मां रेणु देवी: मुस्कान का व्यवहार खराब था।
पड़ोसियों, चाकू बेचने वाले, ड्रम बेचने वाले, सीमेंट व्यापारी, डॉक्टर, पोस्टमॉर्टम डॉक्टर और कैब ड्राइवर की गवाही।
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, सीने पर चाकू के तीन गंभीर घाव थे, सिर और हाथ अलग-अलग थे। हत्या से पहले ज़हर/ड्रग्स दिए गए थे।
कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन जैसे साइबर सबूत।
यह मामला पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट का आखिरी फैसला कल आने की उम्मीद है।
दिल्ली: देश भर में हलचल मचाने वाले मेरठ के 'सौरभ रस्तोगी ब्लू ड्रम मर्डर केस' में आखिरी फैसला बुधवार, 30 सितंबर को लोकल कोर्ट में सुनाया जा सकता है।
लंदन में काम करने वाले सौरभ रस्तोगी फरवरी 2025 में अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आए थे। 3 मार्च, 2025 की रात को उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर चाकू घोंपकर मार डाला। इसके बाद बॉडी के टुकड़े-टुकड़े करके सीमेंट और रेत से भरे 1200 लीटर के नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपा दिया।
7 मार्च को पुलिस ने बदबू और शक के चलते ब्रह्मपुरी के एक घर से ड्रम जब्त किया। मुस्कान और साहिल को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। केस में एक और ट्विस्ट तब आया जब पता चला कि गिरफ्तारी के समय मुस्कान प्रेग्नेंट थी।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कृष्ण कुमार चौबे ने 22 गवाहों के बयान और मजबूत फोरेंसिक सबूत पेश किए हैं। बचाव पक्ष ने यह दावा करते हुए रिहाई की मांग की है कि कोई सीधा गवाह नहीं है और उसे प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया गया था।
मुख्य गवाह और सबूत:
सौरभ का भाई बबलू कुमार: मुस्कान 2019 से साहिल के साथ रिलेशनशिप में थी और उसने सौरभ से कहा था कि उसकी जान को खतरा है।
सौरभ की मां रेणु देवी: मुस्कान का व्यवहार खराब था।
पड़ोसियों, चाकू बेचने वाले, ड्रम बेचने वाले, सीमेंट व्यापारी, डॉक्टर, पोस्टमॉर्टम डॉक्टर और कैब ड्राइवर की गवाही।
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, सीने पर चाकू के तीन गंभीर घाव थे, सिर और हाथ अलग-अलग थे। हत्या से पहले ज़हर/ड्रग्स दिए गए थे।
कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन जैसे साइबर सबूत।
यह मामला पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट का आखिरी फैसला कल आने की उम्मीद है।
लंदन में काम करने वाले सौरभ रस्तोगी फरवरी 2025 में अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आए थे। 3 मार्च, 2025 की रात को उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर चाकू घोंपकर मार डाला। इसके बाद बॉडी के टुकड़े-टुकड़े करके सीमेंट और रेत से भरे 1200 लीटर के नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपा दिया।
7 मार्च को पुलिस ने बदबू और शक के चलते ब्रह्मपुरी के एक घर से ड्रम जब्त किया। मुस्कान और साहिल को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। केस में एक और ट्विस्ट तब आया जब पता चला कि गिरफ्तारी के समय मुस्कान प्रेग्नेंट थी।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कृष्ण कुमार चौबे ने 22 गवाहों के बयान और मजबूत फोरेंसिक सबूत पेश किए हैं। बचाव पक्ष ने यह दावा करते हुए रिहाई की मांग की है कि कोई सीधा गवाह नहीं है और उसे प्रॉपर्टी विवाद में फंसाया गया था।
मुख्य गवाह और सबूत:
सौरभ का भाई बबलू कुमार: मुस्कान 2019 से साहिल के साथ रिलेशनशिप में थी और उसने सौरभ से कहा था कि उसकी जान को खतरा है।
सौरभ की मां रेणु देवी: मुस्कान का व्यवहार खराब था।
पड़ोसियों, चाकू बेचने वाले, ड्रम बेचने वाले, सीमेंट व्यापारी, डॉक्टर, पोस्टमॉर्टम डॉक्टर और कैब ड्राइवर की गवाही।
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, सीने पर चाकू के तीन गंभीर घाव थे, सिर और हाथ अलग-अलग थे। हत्या से पहले ज़हर/ड्रग्स दिए गए थे।
कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन जैसे साइबर सबूत।
यह मामला पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट का आखिरी फैसला कल आने की उम्मीद है।
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