अशोकधाम मंदिर में भगदड़ – एक साथ दो ट्रेनें आने से फैली अफवाह; 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत
बिहार:-नाग पंचमी के दिन बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़ में आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बिहार के लखीसराय जिले में मशहूर श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोकधाम) में श्रावण मास के तीसरे सोमवार की सुबह एक भयानक हादसा हुआ। मंदिर में जलाभिषेक और पूजा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए थे। इसी बीच अशोकधाम हॉल्ट के पास भारी हंगामा हुआ और मंदिर इलाके में भगदड़ मच गई। इसमें आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
क्या हुआ?
प्रशासन की शुरुआती जांच के मुताबिक, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों तरफ से एक साथ ट्रेनें आईं। ट्रेन को देखते ही वहां मौजूद कुछ युवक अचानक भागने लगे। इसी भीड़ में एक बिजली का खंभा गिर गया। खंभा गिरने के बाद यह अफवाह तेजी से फैल गई कि “मुझे बिजली का झटका लगा है।” अफवाह सुनते ही भक्तों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। भीड़ का दबाव तेज़ी से बढ़ा और भगदड़ मच गई। भीड़ के हंगामे में कई भक्त ज़मीन पर गिर गए और कुचले गए।
शुरुआती रिपोर्ट में पता चला था कि मौतें 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार से करंट लगने से हुईं। हालांकि, ज़िला प्रशासन ने साफ़ किया कि भक्तों की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि भगदड़ में कुचलने से हुई। घटना के समय बिजली सप्लाई बंद थी और बिजली के तार ढके हुए थे।
राहत और बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासनिक टीमें मृतकों और घायलों की पहचान करने में लगी हैं। इस घटना के बाद मंदिर और आस-पास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बेकाबू भगदड़ किन हालातों में हुई, इसका पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
बिहार:-नाग पंचमी के दिन बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़ में आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बिहार के लखीसराय जिले में मशहूर श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोकधाम) में श्रावण मास के तीसरे सोमवार की सुबह एक भयानक हादसा हुआ। मंदिर में जलाभिषेक और पूजा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए थे। इसी बीच अशोकधाम हॉल्ट के पास भारी हंगामा हुआ और मंदिर इलाके में भगदड़ मच गई। इसमें आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
क्या हुआ?
प्रशासन की शुरुआती जांच के मुताबिक, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों तरफ से एक साथ ट्रेनें आईं। ट्रेन को देखते ही वहां मौजूद कुछ युवक अचानक भागने लगे। इसी भीड़ में एक बिजली का खंभा गिर गया। खंभा गिरने के बाद यह अफवाह तेजी से फैल गई कि “मुझे बिजली का झटका लगा है।” अफवाह सुनते ही भक्तों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। भीड़ का दबाव तेज़ी से बढ़ा और भगदड़ मच गई। भीड़ के हंगामे में कई भक्त ज़मीन पर गिर गए और कुचले गए।
शुरुआती रिपोर्ट में पता चला था कि मौतें 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार से करंट लगने से हुईं। हालांकि, ज़िला प्रशासन ने साफ़ किया कि भक्तों की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि भगदड़ में कुचलने से हुई। घटना के समय बिजली सप्लाई बंद थी और बिजली के तार ढके हुए थे।
राहत और बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासनिक टीमें मृतकों और घायलों की पहचान करने में लगी हैं। इस घटना के बाद मंदिर और आस-पास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बेकाबू भगदड़ किन हालातों में हुई, इसका पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
क्या हुआ?
प्रशासन की शुरुआती जांच के मुताबिक, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों तरफ से एक साथ ट्रेनें आईं। ट्रेन को देखते ही वहां मौजूद कुछ युवक अचानक भागने लगे। इसी भीड़ में एक बिजली का खंभा गिर गया। खंभा गिरने के बाद यह अफवाह तेजी से फैल गई कि “मुझे बिजली का झटका लगा है।” अफवाह सुनते ही भक्तों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। भीड़ का दबाव तेज़ी से बढ़ा और भगदड़ मच गई। भीड़ के हंगामे में कई भक्त ज़मीन पर गिर गए और कुचले गए।
शुरुआती रिपोर्ट में पता चला था कि मौतें 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार से करंट लगने से हुईं। हालांकि, ज़िला प्रशासन ने साफ़ किया कि भक्तों की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि भगदड़ में कुचलने से हुई। घटना के समय बिजली सप्लाई बंद थी और बिजली के तार ढके हुए थे।
राहत और बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासनिक टीमें मृतकों और घायलों की पहचान करने में लगी हैं। इस घटना के बाद मंदिर और आस-पास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बेकाबू भगदड़ किन हालातों में हुई, इसका पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
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