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चमोली टनल हादसा: लैंडस्लाइड में 9 मज़दूरों की मौत, 6 लापता; NDRF ने नीले ड्रम का इस्तेमाल करके रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया

उत्तराखंड के चमोली ज़िले में अलकनंदा नदी पर बन रहे विष्णुगाड-पीपलकोटी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टेल रेस टनल में गुरुवार (13 अगस्त) शाम को एक भयानक हादसा हुआ। जब टनल में काम चल रहा था, तभी ज़ोरदार लैंडस्लाइड हुआ और पानी और मलबे का एक बड़ा हिस्सा अंदर घुस गया। इस हादसे में नौ मज़दूरों की मौत हो गई और छह मज़दूर अभी भी लापता हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, टनल में गर्दन तक पानी और दलदली मलबा भरने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी रुकावटें आ रही हैं। NDRF और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की टीमें नीले ड्रम के सहारे पानी में आगे बढ़ रही हैं।
असल में यह हादसा कैसे हुआ?
यह भयानक हादसा गुरुवार शाम करीब 6:45 बजे हुआ। THDC-NTPC द्वारा बनाए जा रहे इस 444 MW के प्रोजेक्ट का करीब 70 परसेंट काम पूरा हो चुका है। टनल 3.5 km लंबी है, और हादसा तब हुआ जब करीब 1.8 km अंदर ‘पैकिंग ऑन ग्रेविटी’ और सेंटरिंग का काम चल रहा था।
झारखंड के एक चश्मदीद वर्कर ने बताया, “अचानक एक ज़ोरदार धमाका हुआ और टनल के ऊपरी हिस्से से पानी और मलबा तेज़ी से अंदर आने लगा। किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सब इधर-उधर फेंके गए और चीख-पुकार मच गई।” घटना के समय टनल में 25 से ज़्यादा वर्कर थे। इनमें से ज़्यादातर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और मृतकों की जानकारी
9 वर्करों के शव बरामद कर लिए गए हैं। 6 वर्करों के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है। 10 वर्करों का गोपेश्वर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में, एक का श्रीनगर और एक का पीपलकोटी में इलाज चल रहा है। एक घायल व्यक्ति को छुट्टी दे दी गई है।
रात में रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया, फिर से शुरू हुआ
NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक ज़ायरा ने बताया कि टनल में कीचड़ और पानी ज़्यादा होने की वजह से रात में रेस्क्यू ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। साथ ही, टनल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से खतरा बढ़ गया था। शुक्रवार सुबह नए जोश के साथ ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया। श्रीनगर गढ़वाल से एक स्पेशल राफ्ट मंगाई गई है, जिसकी मदद से 6 लोगों को खोजा जाएगा।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर का भरोसा
प्रोजेक्ट डायरेक्टर शरद कुमार ने हादसे पर दुख जताते हुए इसे बहुत बुरा बताया है। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित निकालना है। इसके लिए सभी इंतज़ाम कर दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को मदद दी जाएगी और घटना की पूरी जांच की जाएगी।"

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