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गोकुल चुनाव में राजनीतिक 'पिता-भाई' की लड़ाई; सतेज पाटिल ने कहा, किसान ही असली पिता हैं

कोल्हापुर: आने वाले गोकुल दूध संघ चुनाव का माहौल गरमाता जा रहा है। महायुति में सीट शेयरिंग और वर्चस्व की लड़ाई में 'बड़े भाई' और 'पिता' शब्दों को लेकर नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता हसन मुश्रीफ ने सबसे ज़्यादा प्रस्ताव दाखिल करके दिखाया कि वे महायुति में 'बड़े भाई' हैं। दूसरी ओर, BJP सांसद धनंजय महादिक ने दावा किया कि BJP ही बड़ा भाई है। महायुति में भाईचारे की यह लड़ाई ज़ोरों पर चल रही है।
दूसरी ओर, पूर्व डायरेक्टर अरुण डोंगले ने विश्वास पाटिल को 'गोकुल का असली पिता' कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया। चर्चा है कि 30 साल से ज़्यादा समय तक डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके इन दोनों ने अपना दबदबा बनाए रखने के लिए ऐसे बयान दिए हैं। डोंगले के इस बयान के बाद आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया।
सतेज पाटिल का कड़ा जवाब
कांग्रेस विधान परिषद ग्रुप लीडर MLA सतेज पाटिल ने इस विवाद पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "गोकुल की तरक्की के पीछे दूध किसानों और माताओं-बहनों का बड़ा हाथ है। उनकी मेहनत ने गोकुल को नाम दिलाया है। इसलिए, गोकुल के असली जनक दूध किसान हैं।"
दिवंगत प्रेसिडेंट आनंदराव पाटिल चुयेकर को सच्चा आर्किटेक्ट मानते हुए सतेज पाटिल ने यह भी कहा कि गोकुल ने साढ़े पांच लाख किसानों की ज़िंदगी में आर्थिक क्रांति लाई। डॉ. युवराज येदुरे ने भी किसानों को असली जनक कहा है।
पिछला इतिहास
पिछले कुछ सालों में विश्वास पाटिल और अरुण डोंगले ने अलग-अलग पार्टियों के साथ गठबंधन करके गोकुल की सत्ता पर दबदबा बनाया था। अब महायुति के बैकग्राउंड में ऐसा लग रहा है कि फिर से अपना 'दबदबा' दिखाने की कोशिश की जा रही है। इस विवाद की वजह से महायुति में नाराज़गी जताई जा रही है। गोकुल चुनाव के लिए प्रस्ताव दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होते ही यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।

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