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भारत में 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ज़रूरी: पर्यावरण सुरक्षा और फ्यूल की बचत

नई दिल्ली, 26 फरवरी, 2026: केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। 1 अप्रैल, 2026 से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल (E-20) बेचना ज़रूरी कर दिया गया है। इस पेट्रोल का रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 होना चाहिए, जो गाड़ियों के इंजन को सुरक्षित रखेगा और उन्हें आसानी से चलाएगा।
इथेनॉल गन्ने, मक्का और दूसरे अनाज से बनता है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल के इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा बचेगी और बढ़ते प्रदूषण पर कंट्रोल होगा। सूत्रों ने बताया कि यह फैसला पर्यावरण सुरक्षा के नज़रिए से अहम है।
2023 के बाद बनी ज़्यादातर गाड़ियां E-20 फ्यूल के साथ कम्पैटिबल हैं। हालांकि, पुरानी गाड़ियों के लिए कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। यह फ्यूल माइलेज को 3-7% तक कम कर सकता है और रबर या प्लास्टिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, ऑक्टेन नंबर ज़्यादा होने की वजह से इंजन में नॉकिंग (शोर) नहीं होगी और फ्यूल बराबर जलेगा, जिससे गाड़ियों की एफिशिएंसी बढ़ेगी।
केंद्र सरकार ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस फैसले से देश की इकॉनमी मजबूत होगी और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

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