महादेव मुंडे मर्डर केस: साइंटिफिक टेस्ट रिपोर्ट हाथ लगी; हत्यारों की तलाश आखिरी दौर में!
बीड: परली शहर के मशहूर बिजनेसमैन महादेव मुंडे की बेरहमी से हत्या को दो साल हो गए हैं, फिर भी मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। हालांकि, इस क्राइम की जांच में काफी तरक्की हुई है, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को हाल ही में नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट से मर्डर का राज खुलने की उम्मीद बढ़ गई है, और जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है।
IPS ऑफिसर पंकज कुमावत की लीडरशिप में SIT ने पिछले छह महीनों में जांच में तेजी लाई है। टेक्निकल सबूतों की कमी के कारण रुकावटों का सामना करते हुए, साइंटिफिक तरीके अपनाए गए। दो अहम गवाहों का नार्को टेस्ट और एक का ब्रेन मैपिंग टेस्ट मुंबई पुलिस हॉस्पिटल में किया गया। इसके अलावा, 12 गवाहों का साइकोलॉजिकल एग्जामिनेशन भी पूरा हो चुका है।
जांच के बढ़े हुए दायरे में 200 से ज़्यादा लोगों से आमने-सामने पूछताछ की गई। 150 संदिग्धों की कॉल डिटेल्स की जांच की गई तो 1500 से अधिक लोगों की जानकारी का गहराई से विश्लेषण किया गया। महादेव मुंडे से जुड़े वित्तीय लेनदेन, साजिश रचने के विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी जैसी सभी संभावनाओं की जांच की गई है। इस मामले का मुख्य संदिग्ध गोत्या गीते अभी भी फरार है। उसके खिलाफ 'मकोका' एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर वह पकड़ा जाता है तो जांच में और तेजी आएगी। शुक्रवार को मिली इन साइंटिफिक रिपोर्ट्स का विश्लेषण आईपीएस पंकज कुमावत की देखरेख में किया जाएगा। इससे हत्या के मुख्य मास्टरमाइंड और उसके पीछे के कारणों का पता चलने की उम्मीद है। जिले भर के नागरिकों ने इस रिपोर्ट की ओर ध्यान दिलाया है। मामले के महत्वपूर्ण बिंदु: घटना: दो साल पहले महादेव मुंडे की नृशंस हत्या। जांच प्रगति: 200 पूछताछ, 150 कॉल डिटेल्स, 1500 सूचनाओं का विश्लेषण। टेस्ट: 2 नार्को, 1 ब्रेन मैपिंग, 12 मनोवैज्ञानिक टेस्ट। स्थिति: मुख्य आरोपी फरार है; जांच अंतिम चरण में है।
बीड: परली शहर के मशहूर बिजनेसमैन महादेव मुंडे की बेरहमी से हत्या को दो साल हो गए हैं, फिर भी मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। हालांकि, इस क्राइम की जांच में काफी तरक्की हुई है, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को हाल ही में नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट से मर्डर का राज खुलने की उम्मीद बढ़ गई है, और जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है।
IPS ऑफिसर पंकज कुमावत की लीडरशिप में SIT ने पिछले छह महीनों में जांच में तेजी लाई है। टेक्निकल सबूतों की कमी के कारण रुकावटों का सामना करते हुए, साइंटिफिक तरीके अपनाए गए। दो अहम गवाहों का नार्को टेस्ट और एक का ब्रेन मैपिंग टेस्ट मुंबई पुलिस हॉस्पिटल में किया गया। इसके अलावा, 12 गवाहों का साइकोलॉजिकल एग्जामिनेशन भी पूरा हो चुका है।
जांच के बढ़े हुए दायरे में 200 से ज़्यादा लोगों से आमने-सामने पूछताछ की गई। 150 संदिग्धों की कॉल डिटेल्स की जांच की गई तो 1500 से अधिक लोगों की जानकारी का गहराई से विश्लेषण किया गया। महादेव मुंडे से जुड़े वित्तीय लेनदेन, साजिश रचने के विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी जैसी सभी संभावनाओं की जांच की गई है। इस मामले का मुख्य संदिग्ध गोत्या गीते अभी भी फरार है। उसके खिलाफ 'मकोका' एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर वह पकड़ा जाता है तो जांच में और तेजी आएगी। शुक्रवार को मिली इन साइंटिफिक रिपोर्ट्स का विश्लेषण आईपीएस पंकज कुमावत की देखरेख में किया जाएगा। इससे हत्या के मुख्य मास्टरमाइंड और उसके पीछे के कारणों का पता चलने की उम्मीद है। जिले भर के नागरिकों ने इस रिपोर्ट की ओर ध्यान दिलाया है। मामले के महत्वपूर्ण बिंदु: घटना: दो साल पहले महादेव मुंडे की नृशंस हत्या। जांच प्रगति: 200 पूछताछ, 150 कॉल डिटेल्स, 1500 सूचनाओं का विश्लेषण। टेस्ट: 2 नार्को, 1 ब्रेन मैपिंग, 12 मनोवैज्ञानिक टेस्ट। स्थिति: मुख्य आरोपी फरार है; जांच अंतिम चरण में है।
IPS ऑफिसर पंकज कुमावत की लीडरशिप में SIT ने पिछले छह महीनों में जांच में तेजी लाई है। टेक्निकल सबूतों की कमी के कारण रुकावटों का सामना करते हुए, साइंटिफिक तरीके अपनाए गए। दो अहम गवाहों का नार्को टेस्ट और एक का ब्रेन मैपिंग टेस्ट मुंबई पुलिस हॉस्पिटल में किया गया। इसके अलावा, 12 गवाहों का साइकोलॉजिकल एग्जामिनेशन भी पूरा हो चुका है।
जांच के बढ़े हुए दायरे में 200 से ज़्यादा लोगों से आमने-सामने पूछताछ की गई। 150 संदिग्धों की कॉल डिटेल्स की जांच की गई तो 1500 से अधिक लोगों की जानकारी का गहराई से विश्लेषण किया गया। महादेव मुंडे से जुड़े वित्तीय लेनदेन, साजिश रचने के विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी जैसी सभी संभावनाओं की जांच की गई है। इस मामले का मुख्य संदिग्ध गोत्या गीते अभी भी फरार है। उसके खिलाफ 'मकोका' एक्ट के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर वह पकड़ा जाता है तो जांच में और तेजी आएगी। शुक्रवार को मिली इन साइंटिफिक रिपोर्ट्स का विश्लेषण आईपीएस पंकज कुमावत की देखरेख में किया जाएगा। इससे हत्या के मुख्य मास्टरमाइंड और उसके पीछे के कारणों का पता चलने की उम्मीद है। जिले भर के नागरिकों ने इस रिपोर्ट की ओर ध्यान दिलाया है। मामले के महत्वपूर्ण बिंदु: घटना: दो साल पहले महादेव मुंडे की नृशंस हत्या। जांच प्रगति: 200 पूछताछ, 150 कॉल डिटेल्स, 1500 सूचनाओं का विश्लेषण। टेस्ट: 2 नार्को, 1 ब्रेन मैपिंग, 12 मनोवैज्ञानिक टेस्ट। स्थिति: मुख्य आरोपी फरार है; जांच अंतिम चरण में है।
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