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पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस में भ्रष्टाचार के मामले में CBI जांच के आदेश; हाई कोर्ट ने दो महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया

चंडीगढ़:-पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस (CMO) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब पुलिस की जांच वापस लेकर पूरी जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI को अगले दो महीने में कोर्ट में डिटेल्ड जांच रिपोर्ट देने के साफ निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री ऑफिस के अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है।
यह मामला एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच से जुड़ा है। ED ने पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को लगातार तीन लेटर लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इन लेटर में सीनियर अधिकारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग, जमीन के CLU और दूसरे जरूरी सरकारी कामों में करोड़ों रुपये के बड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
ED ने अपने ऑफिशियल लेटर में पंजाब के मुख्यमंत्री के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर घुम्मन का नाम खास तौर पर लिखा था। तीन बार बातचीत के बाद भी, पंजाब पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया है और न ही संबंधित लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है।
पंजाब पुलिस की इस निष्क्रियता के खिलाफ वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए, हाई कोर्ट ने मामले के दायरे और गंभीरता पर ध्यान दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि राज्य पुलिस पर निर्भर हुए बिना, पूरे मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच के लिए जांच CBI को ट्रांसफर कर दी जाए।
CBI को सभी फाइनेंशियल लेन-देन, ट्रांसफर में कथित गड़बड़ियों और इस मामले में अधिकारियों की भूमिका की पूरी तरह से जांच करने और दो महीने के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

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