ताज़ा खबर

दल-बदल राजनीति का हिस्सा बन गया है; अन्ना हजारे ने पार्टी बदलने पर कहा, “अपना फ़ायदा देखने वाले लोग पार्टी बदलते हैं”

मुंबई, 23 जून, 2026: उद्धव ठाकरे ग्रुप के छह MPs के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद सीनियर सोशल वर्कर अन्ना हजारे ने पहली बार कोई बड़ी बात कही है। अन्ना हजारे ने कहा, “लोकतंत्र है। हम लोकतंत्र का विरोध कैसे कर सकते हैं? अगर गलत काम हो रहा है, तो हमें उसका विरोध करना चाहिए, लेकिन जो लोग समाज की भलाई के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें अपना काम करने दें।”
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, अन्ना हजारे ने राजनीतिक दल-बदल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “दल-बदल राजनीति का हिस्सा बन गया है। पार्टियां बदलना सही नहीं है। इसके पीछे कोई आस्था, वफ़ादारी और आदर्शवाद नहीं होता। जिनके पास सच्चा आदर्शवाद होता है, जो देश और समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, वे कभी पार्टियां नहीं बदलते। सिर्फ़ अपना फ़ायदा देखने वाले लोग ही पार्टियां बदलते हैं।”
अन्ना हजारे ने एंटी-डिफेक्शन एक्ट को सख्ती से लागू करने की ज़रूरत भी जताई। उन्होंने यह भी कहा, “जो लोग अच्छे कानून बनाते हैं, उन्हें सत्ता में आना चाहिए। जिस दिन ऐसे लोग आएंगे, असली फर्क पड़ेगा।”
बैकग्राउंड:
उन्होंने कहा है कि ठाकरे गुट के MPs के शिंदे गुट में शामिल होने के पीछे मुख्य कारण पार्टी के अंदर अविश्वास, कुछ नेताओं का व्यवहार और चुनाव क्षेत्र में विकास कार्यों में मुश्किलें थीं। इन घटनाक्रमों पर अन्ना हजारे की यह पहली महत्वपूर्ण राय है।
अन्ना हजारे का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

Releated

Latest News!