दिल्ली में इलेक्शन कमीशन की ऐतिहासिक राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस: 27 साल बाद स्टेट कमिश्नरों के साथ चर्चा
नई दिल्ली - इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने आज भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक नेशनल राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस कॉन्फ्रेंस में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इलेक्शन कमिश्नर हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि 1999 के बाद पहली बार ऐसी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद सेंट्रल इलेक्शन कमीशन और स्टेट इलेक्शन कमीशन के बीच तालमेल बढ़ाना है। यह मीटिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हो रही है, और इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद हैं। स्टेट कमिश्नर अपने लीगल और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल, वोटर लिस्ट की सटीकता में सुधार, टेक्निकल एक्सचेंज और कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को मजबूत करना शामिल है। कमीशन के सीनियर अधिकारी एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ECINET' पेश करेंगे, जो EVM की ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी पर फोकस करेगा। 73वें और 74वें संशोधन के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और चुनाव कराने के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसके अलावा, 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) कैंपेन की तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। यह कैंपेन अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। यह कॉन्फ्रेंस चुनावी सिस्टम में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम होगा, जिससे देश में चुनावी प्रक्रिया को और मज़बूत और ट्रांसपेरेंट बनाने में मदद मिलेगी।
नई दिल्ली - इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने आज भारत मंडपम में एक ऐतिहासिक नेशनल राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस कॉन्फ्रेंस में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इलेक्शन कमिश्नर हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि 1999 के बाद पहली बार ऐसी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद सेंट्रल इलेक्शन कमीशन और स्टेट इलेक्शन कमीशन के बीच तालमेल बढ़ाना है। यह मीटिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हो रही है, और इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद हैं। स्टेट कमिश्नर अपने लीगल और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल, वोटर लिस्ट की सटीकता में सुधार, टेक्निकल एक्सचेंज और कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को मजबूत करना शामिल है। कमीशन के सीनियर अधिकारी एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ECINET' पेश करेंगे, जो EVM की ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी पर फोकस करेगा। 73वें और 74वें संशोधन के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और चुनाव कराने के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसके अलावा, 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) कैंपेन की तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। यह कैंपेन अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। यह कॉन्फ्रेंस चुनावी सिस्टम में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम होगा, जिससे देश में चुनावी प्रक्रिया को और मज़बूत और ट्रांसपेरेंट बनाने में मदद मिलेगी।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद सेंट्रल इलेक्शन कमीशन और स्टेट इलेक्शन कमीशन के बीच तालमेल बढ़ाना है। यह मीटिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हो रही है, और इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद हैं। स्टेट कमिश्नर अपने लीगल और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल, वोटर लिस्ट की सटीकता में सुधार, टेक्निकल एक्सचेंज और कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को मजबूत करना शामिल है। कमीशन के सीनियर अधिकारी एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ECINET' पेश करेंगे, जो EVM की ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी पर फोकस करेगा। 73वें और 74वें संशोधन के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और चुनाव कराने के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसके अलावा, 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) कैंपेन की तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। यह कैंपेन अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। यह कॉन्फ्रेंस चुनावी सिस्टम में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम होगा, जिससे देश में चुनावी प्रक्रिया को और मज़बूत और ट्रांसपेरेंट बनाने में मदद मिलेगी।
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