बेरोज़गार युवाओं के लिए अच्छी खबर! आदिवासी आश्रम स्कूलों में टीचरों की भर्ती 'पवित्र' पोर्टल से होगी
अमरावती (9 जून, 2026): राज्य के बेरोज़गार और पढ़े-लिखे युवाओं के लिए ज़रूरी और अच्छी खबर है जो टीचर भर्ती का इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के सरकारी आश्रम स्कूलों में खाली टीचर पदों को सीधे 'पवित्र' कंप्यूटर सिस्टम से भरने का ऐतिहासिक फ़ैसला लिया है। इस बारे में आज, मंगलवार, 9 जून को एक ऑफिशियल सरकारी आदेश जारी किया गया है।
इस नए प्रोसेस से टीचर भर्ती में ट्रांसपेरेंसी आएगी और धोखाधड़ी पर पूरी तरह से रोक लगेगी। वकालत और राजनीतिक सिफारिशों की कोई गुंजाइश नहीं होगी। सिलेक्शन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगा।
खास बातें:
रिक्रूटमेंट प्रोसेस: इसे नागपुर, अमरावती, ठाणे और नासिक के चार अपर कमिश्नर (अपर ट्राइबल कमिश्नर) के लेवल पर लागू किया जाएगा।
कमेटी: कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स की अच्छी तरह से जांच करने के लिए अपर कमिश्नर की अध्यक्षता में 5 सदस्यों की स्पेशल सिलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। कवर किए गए पद: प्राइमरी टीचर, सेकेंडरी टीचर और जूनियर कॉलेज टीचर।
अवधि: शिक्षक सेवक का समय आम तौर पर 3 साल का होगा।
लाभ: आदिवासी और दूर-दराज के इलाकों के स्कूलों में सालों से खाली सीटें जल्दी भरी जाएंगी। इससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।
यह भर्ती D.T.Ed., B.Ed. और TET/TAIT करने वाले कैंडिडेट्स के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भर्ती का डिटेल्ड शेड्यूल और जानकारी जल्द ही संबंधित अपर कमिश्नर द्वारा घोषित की जाएगी।
इस फैसले से राज्य के हजारों बेरोजगार टीचर कैंडिडेट्स को उम्मीद की किरण मिली है।
अमरावती (9 जून, 2026): राज्य के बेरोज़गार और पढ़े-लिखे युवाओं के लिए ज़रूरी और अच्छी खबर है जो टीचर भर्ती का इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के सरकारी आश्रम स्कूलों में खाली टीचर पदों को सीधे 'पवित्र' कंप्यूटर सिस्टम से भरने का ऐतिहासिक फ़ैसला लिया है। इस बारे में आज, मंगलवार, 9 जून को एक ऑफिशियल सरकारी आदेश जारी किया गया है।
इस नए प्रोसेस से टीचर भर्ती में ट्रांसपेरेंसी आएगी और धोखाधड़ी पर पूरी तरह से रोक लगेगी। वकालत और राजनीतिक सिफारिशों की कोई गुंजाइश नहीं होगी। सिलेक्शन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगा।
खास बातें:
रिक्रूटमेंट प्रोसेस: इसे नागपुर, अमरावती, ठाणे और नासिक के चार अपर कमिश्नर (अपर ट्राइबल कमिश्नर) के लेवल पर लागू किया जाएगा।
कमेटी: कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स की अच्छी तरह से जांच करने के लिए अपर कमिश्नर की अध्यक्षता में 5 सदस्यों की स्पेशल सिलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। कवर किए गए पद: प्राइमरी टीचर, सेकेंडरी टीचर और जूनियर कॉलेज टीचर।
अवधि: शिक्षक सेवक का समय आम तौर पर 3 साल का होगा।
लाभ: आदिवासी और दूर-दराज के इलाकों के स्कूलों में सालों से खाली सीटें जल्दी भरी जाएंगी। इससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।
यह भर्ती D.T.Ed., B.Ed. और TET/TAIT करने वाले कैंडिडेट्स के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भर्ती का डिटेल्ड शेड्यूल और जानकारी जल्द ही संबंधित अपर कमिश्नर द्वारा घोषित की जाएगी।
इस फैसले से राज्य के हजारों बेरोजगार टीचर कैंडिडेट्स को उम्मीद की किरण मिली है।
इस नए प्रोसेस से टीचर भर्ती में ट्रांसपेरेंसी आएगी और धोखाधड़ी पर पूरी तरह से रोक लगेगी। वकालत और राजनीतिक सिफारिशों की कोई गुंजाइश नहीं होगी। सिलेक्शन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगा।
खास बातें:
रिक्रूटमेंट प्रोसेस: इसे नागपुर, अमरावती, ठाणे और नासिक के चार अपर कमिश्नर (अपर ट्राइबल कमिश्नर) के लेवल पर लागू किया जाएगा।
कमेटी: कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स की अच्छी तरह से जांच करने के लिए अपर कमिश्नर की अध्यक्षता में 5 सदस्यों की स्पेशल सिलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। कवर किए गए पद: प्राइमरी टीचर, सेकेंडरी टीचर और जूनियर कॉलेज टीचर।
अवधि: शिक्षक सेवक का समय आम तौर पर 3 साल का होगा।
लाभ: आदिवासी और दूर-दराज के इलाकों के स्कूलों में सालों से खाली सीटें जल्दी भरी जाएंगी। इससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा।
यह भर्ती D.T.Ed., B.Ed. और TET/TAIT करने वाले कैंडिडेट्स के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भर्ती का डिटेल्ड शेड्यूल और जानकारी जल्द ही संबंधित अपर कमिश्नर द्वारा घोषित की जाएगी।
इस फैसले से राज्य के हजारों बेरोजगार टीचर कैंडिडेट्स को उम्मीद की किरण मिली है।
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