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एयर पॉल्यूशन कंट्रोल में ढीला मैनेजमेंट; हाई कोर्ट ने म्युनिसिपल कमिश्नरों की सैलरी रोकने की धमकी दी!

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल करने के कोर्ट के आदेशों को नज़रअंदाज़ करने पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, नहीं तो मुंबई और नवी मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नरों की सैलरी रोक दी जाएगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अधिकारी भी मुंबईकरों की तरह इस प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं, वे किसी एलियन प्लैनेट पर नहीं रहते हैं।
चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की बेंच ने देखा कि एयर पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए दिए गए आदेशों को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया। कोर्ट ने एयर क्वालिटी इंडेक्स पर कदम न उठाने पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन पर कड़ी नाराज़गी जताई और फटकार लगाई।
डेटा जमा करने के निर्देश
कोर्ट ने मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को नवंबर 2025 से पहले तीन महीनों के लिए रोज़ाना के सेंसर डेटा की डिटेल्स जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया, 'हमें असली डेटा चाहिए, जिससे हम असली स्थिति को समझ सकें।' नगर निगम चलाना कोर्ट का काम नहीं है। नगर निगम के वकील एस. यू. कामदार ने कहा कि 600 कंस्ट्रक्शन में एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाने की ज़रूरत थी और करीब 400 डिवाइस लगाए जा चुके हैं। इस पर कोर्ट ने कहा, 'आप इतने सालों से क्या कर रहे थे? हर बार हालात का रिव्यू करना और नगर निगम चलाना कोर्ट का काम नहीं है।' इस मामले में कोर्ट ने एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करके मुंबईकरों की हेल्थ को प्रायोरिटी देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।

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