NCP सिंबल विवाद: सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई, चाचा-भतीजे के बीच समझौता होगा या कन्फ्यूजन बढ़ेगा?
पुणे: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) में शरद पवार और अजित पवार के ग्रुप्स के बीच पार्टी सिंबल को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। यह विवाद अब पुणे जिला परिषद चुनाव (2026) तक पहुंच गया है, और दोनों ग्रुप्स ने अलग सिंबल के लिए दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट कल इस मामले की सुनवाई करेगा। इस सुनवाई के बाद ही यह साफ होगा कि किस ग्रुप को NCP का ऑफिशियल सिंबल मिलेगा।
अजित पवार और शरद पवार चाचा-भतीजे होने के बावजूद, पिछले कुछ सालों में उनके बीच पॉलिटिकल मतभेद बढ़े हैं। इन मतभेदों की वजह से पार्टी में फूट पड़ गई है, और दोनों ग्रुप्स अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अजित पवार ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल करके NCP सिंबल पर दावा किया है, जबकि शरद पवार ग्रुप ने भी अलग सिंबल की मांग की है।
यह सिंबल पुणे जिला परिषद चुनाव के लिए अहम होगा। दोनों ग्रुप्स एक्टिव हो गए हैं, और वर्कर्स में इस बात को लेकर कन्फ्यूजन है कि किस सिंबल पर लड़ना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही चुनाव की रणनीति तय होगी। चूंकि दोनों ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े नेता हैं, इसलिए इस विवाद का राज्य के राजनीतिक माहौल पर असर पड़ने की संभावना है।
इस सुनवाई का सभी को बेसब्री से इंतजार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि समझौता होता है या विवाद और बढ़ेगा।
पुणे: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) में शरद पवार और अजित पवार के ग्रुप्स के बीच पार्टी सिंबल को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। यह विवाद अब पुणे जिला परिषद चुनाव (2026) तक पहुंच गया है, और दोनों ग्रुप्स ने अलग सिंबल के लिए दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट कल इस मामले की सुनवाई करेगा। इस सुनवाई के बाद ही यह साफ होगा कि किस ग्रुप को NCP का ऑफिशियल सिंबल मिलेगा।
अजित पवार और शरद पवार चाचा-भतीजे होने के बावजूद, पिछले कुछ सालों में उनके बीच पॉलिटिकल मतभेद बढ़े हैं। इन मतभेदों की वजह से पार्टी में फूट पड़ गई है, और दोनों ग्रुप्स अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अजित पवार ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल करके NCP सिंबल पर दावा किया है, जबकि शरद पवार ग्रुप ने भी अलग सिंबल की मांग की है।
यह सिंबल पुणे जिला परिषद चुनाव के लिए अहम होगा। दोनों ग्रुप्स एक्टिव हो गए हैं, और वर्कर्स में इस बात को लेकर कन्फ्यूजन है कि किस सिंबल पर लड़ना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही चुनाव की रणनीति तय होगी। चूंकि दोनों ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े नेता हैं, इसलिए इस विवाद का राज्य के राजनीतिक माहौल पर असर पड़ने की संभावना है।
इस सुनवाई का सभी को बेसब्री से इंतजार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि समझौता होता है या विवाद और बढ़ेगा।
अजित पवार और शरद पवार चाचा-भतीजे होने के बावजूद, पिछले कुछ सालों में उनके बीच पॉलिटिकल मतभेद बढ़े हैं। इन मतभेदों की वजह से पार्टी में फूट पड़ गई है, और दोनों ग्रुप्स अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अजित पवार ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल करके NCP सिंबल पर दावा किया है, जबकि शरद पवार ग्रुप ने भी अलग सिंबल की मांग की है।
यह सिंबल पुणे जिला परिषद चुनाव के लिए अहम होगा। दोनों ग्रुप्स एक्टिव हो गए हैं, और वर्कर्स में इस बात को लेकर कन्फ्यूजन है कि किस सिंबल पर लड़ना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही चुनाव की रणनीति तय होगी। चूंकि दोनों ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े नेता हैं, इसलिए इस विवाद का राज्य के राजनीतिक माहौल पर असर पड़ने की संभावना है।
इस सुनवाई का सभी को बेसब्री से इंतजार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि समझौता होता है या विवाद और बढ़ेगा।
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