
युवाओं को जिला कलेक्टरों के साथ काम करने का मौका, 'मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम' की घोषणा
सीएम फेलोशिप प्रोग्राम 2025-26: फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और ऑनलाइन परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र होना भी अनिवार्य है।
राज्य के युवाओं को प्रशासन के साथ काम करने का अनुभव मिलना चाहिए और इसके साथ ही उनके ज्ञान और अनुभव को व्यापक बनाने में मदद मिलनी चाहिए। युवाओं में रचनात्मकता, अलग-अलग विचार प्रस्तुत करने की क्षमता, उत्साह और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि का प्रशासन में उपयोग करने और इसके माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा परिकल्पित "मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम" 2025-26 की घोषणा की गई है। तदनुसार, इस कार्यक्रम में 60 फेलो का चयन किया जाएगा।
फेलो के चयन के मानदंड, नियुक्ति के लिए नियम व शर्तें तथा शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा व क्रियान्वयन के संबंध में सरकार का निर्णय महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया और सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया। 2023-24 की अवधि में कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के बाद अब इस कार्यक्रम को 2025-26 के लिए घोषित किया गया है।
आवेदन करने की शर्तें
फेलो के चयन के लिए मानदंड: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
शैक्षिक योग्यता: किसी भी विषय में स्नातक (न्यूनतम 60% अंक आवश्यक)।
अनुभव: कम से कम 1 वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव आवश्यक होगा। इसके अलावा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए उनके पाठ्यक्रम के भाग के रूप में पूर्णकालिक इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप/आर्टिकलशिप सहित 1 वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा। पूर्णकालिक स्वरोजगार और स्व-उद्यमिता अनुभव पर भी विचार किया जाएगा। आवेदक को ऐसा स्व-घोषणापत्र प्रस्तुत करना होगा।
भाषा और कंप्यूटर ज्ञान: मराठी भाषा लिखने, पढ़ने और बोलने की क्षमता आवश्यक होगी। हिन्दी और अंग्रेजी का पर्याप्त ज्ञान आवश्यक होगा। इसके अलावा, कंप्यूटर कौशल और इंटरनेट का ज्ञान भी आवश्यक होगा।
आयु सीमा: आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 21 वर्ष तथा अधिकतम 26 वर्ष होनी चाहिए।
अभ्यर्थी को वित्त एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आवेदन शुल्क कितना है?
आवेदन शुल्क रु. 100/- होगा। इस कार्यक्रम में फेलो की संख्या 60 निर्धारित की गई है। इनमें से महिला फेलो की संख्या कुल फेलो की संख्या की 1/3 होगी। यदि 1/3 महिला फेलो उपलब्ध न हों तो उनकी जगह पुरुष फेलो का चयन किया जाएगा। फेलो का दर्जा सरकारी सेवा में ग्रुप-ए अधिकारियों के समकक्ष होगा।
चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऑनलाइन परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र होना भी अनिवार्य है। परीक्षा शुल्क का भुगतान करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ परीक्षा देनी होगी।
ऑनलाइन परीक्षा देने की प्रक्रिया निदेशालय की वेबसाइट mahades.maharashtra.gov.in पर घोषित की जाएगी और उम्मीदवार को उसमें दिए गए नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। जो फेलो पहले मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर चुके हैं, वे इस कार्यक्रम के अंतर्गत फेलो के रूप में चयन के लिए पात्र नहीं होंगे। फेलो को आवेदन में इसका उल्लेख करना आवश्यक होगा।
वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले लगभग 210 अभ्यर्थियों को दिए गए विषयों में से किसी एक पर दिए गए तिथि एवं समय पर ऑनलाइन निबंध प्रस्तुत करना होगा। वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले 210 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार मुम्बई में होगा।
चयनित फेलो में से आवश्यकतानुसार 20 चयनित जिलों में दो से तीन फेलो का समूह नियुक्त किया जाएगा। इस समूह का एक सदस्य संबंधित जिला कलेक्टर के अधीन काम करेगा तथा एक से दो सदस्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद के अधीन काम करेंगे। फेलो की नियुक्ति 12 महीने की अवधि के लिए होगी। इसमें वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा, फेलो की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 12 महीने बाद स्वतः समाप्त हो जाएगी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित फेलो को 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। 56,100 रुपये वेतन और यात्रा भत्ता रु. 5400, कुल रु. 61,500. शैक्षिक कार्यक्रम फेलोशिप का एक अभिन्न अंग होगा। चयनित फेलो के लिए आईआईटी, मुंबई के सहयोग से सार्वजनिक नीति में एक स्वतंत्र स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर ऑफलाइन और ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जो फेलोज को उनके निर्धारित स्थानों पर कार्य करते समय उपयोगी होंगे। फेलोशिप के आरंभ में दो सप्ताह, छह महीने बाद तथा अंत में एक-एक सप्ताह के लिए आईआईटी, मुंबई में ऑफलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार पूरे वर्ष शनिवार, रविवार या सार्वजनिक अवकाशों पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। फेलो के लिए सभी व्याख्यानों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से उपस्थित होना अनिवार्य है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपराधियों को सार्वजनिक हित में काम करने और नीति बनाने के लिए सही उपकरण प्रदान करना है।
सीएम फेलोशिप प्रोग्राम 2025-26: फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और ऑनलाइन परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र होना भी अनिवार्य है।
राज्य के युवाओं को प्रशासन के साथ काम करने का अनुभव मिलना चाहिए और इसके साथ ही उनके ज्ञान और अनुभव को व्यापक बनाने में मदद मिलनी चाहिए। युवाओं में रचनात्मकता, अलग-अलग विचार प्रस्तुत करने की क्षमता, उत्साह और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि का प्रशासन में उपयोग करने और इसके माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा परिकल्पित "मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम" 2025-26 की घोषणा की गई है। तदनुसार, इस कार्यक्रम में 60 फेलो का चयन किया जाएगा।
फेलो के चयन के मानदंड, नियुक्ति के लिए नियम व शर्तें तथा शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा व क्रियान्वयन के संबंध में सरकार का निर्णय महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया और सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया। 2023-24 की अवधि में कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के बाद अब इस कार्यक्रम को 2025-26 के लिए घोषित किया गया है।
आवेदन करने की शर्तें
फेलो के चयन के लिए मानदंड: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
शैक्षिक योग्यता: किसी भी विषय में स्नातक (न्यूनतम 60% अंक आवश्यक)।
अनुभव: कम से कम 1 वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव आवश्यक होगा। इसके अलावा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए उनके पाठ्यक्रम के भाग के रूप में पूर्णकालिक इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप/आर्टिकलशिप सहित 1 वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा। पूर्णकालिक स्वरोजगार और स्व-उद्यमिता अनुभव पर भी विचार किया जाएगा। आवेदक को ऐसा स्व-घोषणापत्र प्रस्तुत करना होगा।
भाषा और कंप्यूटर ज्ञान: मराठी भाषा लिखने, पढ़ने और बोलने की क्षमता आवश्यक होगी। हिन्दी और अंग्रेजी का पर्याप्त ज्ञान आवश्यक होगा। इसके अलावा, कंप्यूटर कौशल और इंटरनेट का ज्ञान भी आवश्यक होगा।
आयु सीमा: आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 21 वर्ष तथा अधिकतम 26 वर्ष होनी चाहिए।
अभ्यर्थी को वित्त एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आवेदन शुल्क कितना है?
आवेदन शुल्क रु. 100/- होगा। इस कार्यक्रम में फेलो की संख्या 60 निर्धारित की गई है। इनमें से महिला फेलो की संख्या कुल फेलो की संख्या की 1/3 होगी। यदि 1/3 महिला फेलो उपलब्ध न हों तो उनकी जगह पुरुष फेलो का चयन किया जाएगा। फेलो का दर्जा सरकारी सेवा में ग्रुप-ए अधिकारियों के समकक्ष होगा।
चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऑनलाइन परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र होना भी अनिवार्य है। परीक्षा शुल्क का भुगतान करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ परीक्षा देनी होगी।
ऑनलाइन परीक्षा देने की प्रक्रिया निदेशालय की वेबसाइट mahades.maharashtra.gov.in पर घोषित की जाएगी और उम्मीदवार को उसमें दिए गए नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। जो फेलो पहले मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर चुके हैं, वे इस कार्यक्रम के अंतर्गत फेलो के रूप में चयन के लिए पात्र नहीं होंगे। फेलो को आवेदन में इसका उल्लेख करना आवश्यक होगा।
वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले लगभग 210 अभ्यर्थियों को दिए गए विषयों में से किसी एक पर दिए गए तिथि एवं समय पर ऑनलाइन निबंध प्रस्तुत करना होगा। वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले 210 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार मुम्बई में होगा।
चयनित फेलो में से आवश्यकतानुसार 20 चयनित जिलों में दो से तीन फेलो का समूह नियुक्त किया जाएगा। इस समूह का एक सदस्य संबंधित जिला कलेक्टर के अधीन काम करेगा तथा एक से दो सदस्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद के अधीन काम करेंगे। फेलो की नियुक्ति 12 महीने की अवधि के लिए होगी। इसमें वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा, फेलो की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 12 महीने बाद स्वतः समाप्त हो जाएगी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित फेलो को 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। 56,100 रुपये वेतन और यात्रा भत्ता रु. 5400, कुल रु. 61,500. शैक्षिक कार्यक्रम फेलोशिप का एक अभिन्न अंग होगा। चयनित फेलो के लिए आईआईटी, मुंबई के सहयोग से सार्वजनिक नीति में एक स्वतंत्र स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर ऑफलाइन और ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जो फेलोज को उनके निर्धारित स्थानों पर कार्य करते समय उपयोगी होंगे। फेलोशिप के आरंभ में दो सप्ताह, छह महीने बाद तथा अंत में एक-एक सप्ताह के लिए आईआईटी, मुंबई में ऑफलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार पूरे वर्ष शनिवार, रविवार या सार्वजनिक अवकाशों पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। फेलो के लिए सभी व्याख्यानों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से उपस्थित होना अनिवार्य है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपराधियों को सार्वजनिक हित में काम करने और नीति बनाने के लिए सही उपकरण प्रदान करना है।
राज्य के युवाओं को प्रशासन के साथ काम करने का अनुभव मिलना चाहिए और इसके साथ ही उनके ज्ञान और अनुभव को व्यापक बनाने में मदद मिलनी चाहिए। युवाओं में रचनात्मकता, अलग-अलग विचार प्रस्तुत करने की क्षमता, उत्साह और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि का प्रशासन में उपयोग करने और इसके माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा परिकल्पित "मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम" 2025-26 की घोषणा की गई है। तदनुसार, इस कार्यक्रम में 60 फेलो का चयन किया जाएगा।
फेलो के चयन के मानदंड, नियुक्ति के लिए नियम व शर्तें तथा शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा क्रियान्वित शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा व क्रियान्वयन के संबंध में सरकार का निर्णय महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया और सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया। 2023-24 की अवधि में कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के बाद अब इस कार्यक्रम को 2025-26 के लिए घोषित किया गया है।
आवेदन करने की शर्तें
फेलो के चयन के लिए मानदंड: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
शैक्षिक योग्यता: किसी भी विषय में स्नातक (न्यूनतम 60% अंक आवश्यक)।
अनुभव: कम से कम 1 वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव आवश्यक होगा। इसके अलावा, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए उनके पाठ्यक्रम के भाग के रूप में पूर्णकालिक इंटर्नशिप/अप्रेंटिसशिप/आर्टिकलशिप सहित 1 वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा। पूर्णकालिक स्वरोजगार और स्व-उद्यमिता अनुभव पर भी विचार किया जाएगा। आवेदक को ऐसा स्व-घोषणापत्र प्रस्तुत करना होगा।
भाषा और कंप्यूटर ज्ञान: मराठी भाषा लिखने, पढ़ने और बोलने की क्षमता आवश्यक होगी। हिन्दी और अंग्रेजी का पर्याप्त ज्ञान आवश्यक होगा। इसके अलावा, कंप्यूटर कौशल और इंटरनेट का ज्ञान भी आवश्यक होगा।
आयु सीमा: आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 21 वर्ष तथा अधिकतम 26 वर्ष होनी चाहिए।
अभ्यर्थी को वित्त एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आवेदन शुल्क कितना है?
आवेदन शुल्क रु. 100/- होगा। इस कार्यक्रम में फेलो की संख्या 60 निर्धारित की गई है। इनमें से महिला फेलो की संख्या कुल फेलो की संख्या की 1/3 होगी। यदि 1/3 महिला फेलो उपलब्ध न हों तो उनकी जगह पुरुष फेलो का चयन किया जाएगा। फेलो का दर्जा सरकारी सेवा में ग्रुप-ए अधिकारियों के समकक्ष होगा।
चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऑनलाइन परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। साथ ही ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र होना भी अनिवार्य है। परीक्षा शुल्क का भुगतान करने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ परीक्षा देनी होगी।
ऑनलाइन परीक्षा देने की प्रक्रिया निदेशालय की वेबसाइट mahades.maharashtra.gov.in पर घोषित की जाएगी और उम्मीदवार को उसमें दिए गए नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। जो फेलो पहले मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर चुके हैं, वे इस कार्यक्रम के अंतर्गत फेलो के रूप में चयन के लिए पात्र नहीं होंगे। फेलो को आवेदन में इसका उल्लेख करना आवश्यक होगा।
वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले लगभग 210 अभ्यर्थियों को दिए गए विषयों में से किसी एक पर दिए गए तिथि एवं समय पर ऑनलाइन निबंध प्रस्तुत करना होगा। वस्तुनिष्ठ परीक्षा में सर्वोच्च अंक लाने वाले 210 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार मुम्बई में होगा।
चयनित फेलो में से आवश्यकतानुसार 20 चयनित जिलों में दो से तीन फेलो का समूह नियुक्त किया जाएगा। इस समूह का एक सदस्य संबंधित जिला कलेक्टर के अधीन काम करेगा तथा एक से दो सदस्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद के अधीन काम करेंगे। फेलो की नियुक्ति 12 महीने की अवधि के लिए होगी। इसमें वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा, फेलो की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 12 महीने बाद स्वतः समाप्त हो जाएगी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित फेलो को 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। 56,100 रुपये वेतन और यात्रा भत्ता रु. 5400, कुल रु. 61,500. शैक्षिक कार्यक्रम फेलोशिप का एक अभिन्न अंग होगा। चयनित फेलो के लिए आईआईटी, मुंबई के सहयोग से सार्वजनिक नीति में एक स्वतंत्र स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर ऑफलाइन और ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जो फेलोज को उनके निर्धारित स्थानों पर कार्य करते समय उपयोगी होंगे। फेलोशिप के आरंभ में दो सप्ताह, छह महीने बाद तथा अंत में एक-एक सप्ताह के लिए आईआईटी, मुंबई में ऑफलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार पूरे वर्ष शनिवार, रविवार या सार्वजनिक अवकाशों पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। फेलो के लिए सभी व्याख्यानों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से उपस्थित होना अनिवार्य है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अपराधियों को सार्वजनिक हित में काम करने और नीति बनाने के लिए सही उपकरण प्रदान करना है।