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भारत के खिलाफ पाकिस्तानी मंत्री का आक्रामक रुख: युद्ध की धमकी और ऐतिहासिक विकृतियाँ

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर, 2025 :भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है, ऐसे में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ ज़हरीला भाषण दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच संबंध पहले से कहीं ज़्यादा बिगड़ गए हैं, और आसिफ ने एक पाकिस्तानी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में भारत को युद्ध की खोखली धमकी दी और ऐतिहासिक तथ्यों को भी तोड़-मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने भारत की एकता पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर युद्ध हुआ, तो अल्लाह हमें पहले से भी बड़ी जीत दिलाएगा।" इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति को उजागर कर दिया है, और भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह शांति के लिए प्रयास कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की बहादुरी की गवाही
इन घटनाक्रमों का मूल आधार पिछले साल हुआ ऑपरेशन सिंदूर है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए, जबकि भारतीय वायुसेना ने भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह ऑपरेशन सिर्फ़ बदला नहीं था, बल्कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक था। हालाँकि, पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन को "आक्रमण" बताकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को बदनाम करने की कोशिश की। नतीजतन, दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी बढ़ गई, और अब आसिफ के बयान से फिर से युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान ने सीमा पर सैन्य तैयारियाँ बढ़ा दीं। सर क्रीक क्षेत्र में उनकी गतिविधियों के कारण भारत सतर्क हो गया था। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में एक बैठक में इस पर चिंता व्यक्त की। सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा, "सर क्रीक में पाकिस्तान द्वारा सैनिकों की संख्या में वृद्धि और निर्माण शांति के लिए ख़तरा है। अगर उन्होंने हिम्मत की, तो भारत इसका मुँहतोड़ जवाब देगा। पाकिस्तान को यह नहीं भूलना चाहिए कि कराची का रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है।" यह प्रतिक्रिया आसिफ की धमकी का अप्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है।
आसिफ की ज़हरीली भाषा: मुख्य बयान
एक पाकिस्तानी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में, ख्वाजा आसिफ ने भारत के इतिहास से शुरुआत की। उन्होंने भारत की एकीकृत प्रकृति पर हमला करते हुए कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो भारत केवल एक रियासत के रूप में अस्तित्व में था। वह 18वीं शताब्दी में औरंगज़ेब के समय की बात है। भारत कभी एक देश नहीं था। एक समय था जब 540 रियासतें अस्तित्व में थीं।" यह दावा ऐतिहासिक रूप से पूरी तरह से गलत है। भारत की सांस्कृतिक और राजनीतिक एकता हज़ारों सालों से चली आ रही है, जिसका प्रमाण वेद, महाभारत और मौर्य साम्राज्य हैं। आसिफ का बयान पाकिस्तान के धार्मिक राष्ट्रवाद को मज़बूत करने की एक कोशिश लगता है।
आसिफ ने आगे कहा, "हमने अल्लाह के नाम पर एक राष्ट्र बनाया है। हमारे बीच ऊपर से नीचे तक बहुत लड़ाई चल रही है। उत्तर से दक्षिण तक यही चल रहा है। इन चीज़ों का असर हो रहा है। मुझे लगता है कि एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो रही है।" इस बयान में पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता का ज़िक्र करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से भारत को ज़िम्मेदार ठहराया गया। आखिर में, उन्होंने पाकिस्तानी सेना की क्षमताओं के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावा करते हुए धमकी दी, "लेकिन अगर इस बार युद्ध हुआ, तो अल्लाह हमें पहले से भी बड़ी जीत दिलाएगा।" यह बयान 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की हार को भुलाता हुआ सा लगता है, जिसमें भारत ने बांग्लादेश को आज़ाद कराकर पाकिस्तान को असली सबक सिखाया था। यह पहली बार नहीं है जब ख्वाजा आसिफ ने भारत पर कटाक्ष किया हो। इससे पहले, उन्होंने भारतीय वायुसेना को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, "अगर भारतीय विमान पाकिस्तानी सीमा में घुस आए, तो हम उन्हें जाने नहीं देंगे।" हालाँकि, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को चकमा देकर उसकी पोल खोल दी थी। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान का रक्षा बजट सिर्फ़ 10 अरब डॉलर का है, जबकि भारत का 70 अरब डॉलर का है। ऐसे में आसिफ की धमकी को सिर्फ़ एक सियासी खेल माना जा रहा है।

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