मानहानि केस में संजय राउत को क्लीन चिट; सोमैया दंपत्ति को कोर्ट से झटका
मुंबई, 26 फरवरी, 2026: मुंबई सेशंस कोर्ट ने आज BJP नेता किरीट सोमैया और उनकी पत्नी मेधा सोमैया की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ग्रुप के MP संजय राउत के खिलाफ फाइल की गई मानहानि पिटीशन पर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिटीशन खारिज कर दी और राउत दंपत्ति को बरी कर दिया। यह फैसला सोमैया दंपत्ति के लिए बड़ा झटका है।
संजय राउत ने सोमैया दंपत्ति पर भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया में 100 करोड़ रुपये के टॉयलेट स्कैम का आरोप लगाया था। इन आरोपों से नाराज मेधा सोमैया ने मझगांव कोर्ट में मानहानि का केस फाइल किया था। मझगांव कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में ही राउत को सजा सुनाई थी। हालांकि, राउत ने इस फैसले को चैलेंज करते हुए सेशंस कोर्ट में अपील की थी।
सेशंस कोर्ट ने सबूतों और दलीलों को सुनने के बाद राउत के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा है कि राउत के आरोप सबूतों पर आधारित हैं और मानहानि के दायरे में नहीं आते हैं। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है, और शिवसेना ठाकरे गुट ने इस फैसले का स्वागत किया है।
इस केस की सुनवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही है। सोमैया दंपत्ति ने राउत के आरोपों को झूठा साबित करने के लिए कई सबूत पेश किए थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह काफी नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प है कि क्या सोमैया दंपत्ति हाई कोर्ट में अपील करेंगे।
इस फैसले के बाद संजय राउत ने कहा, "न्यायपालिका ही सही है। मैं हमेशा सच के साथ खड़ा रहा हूं।" दूसरी ओर, सोमैया दंपत्ति ने अभी तक इस फैसले पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
मुंबई, 26 फरवरी, 2026: मुंबई सेशंस कोर्ट ने आज BJP नेता किरीट सोमैया और उनकी पत्नी मेधा सोमैया की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ग्रुप के MP संजय राउत के खिलाफ फाइल की गई मानहानि पिटीशन पर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिटीशन खारिज कर दी और राउत दंपत्ति को बरी कर दिया। यह फैसला सोमैया दंपत्ति के लिए बड़ा झटका है।
संजय राउत ने सोमैया दंपत्ति पर भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया में 100 करोड़ रुपये के टॉयलेट स्कैम का आरोप लगाया था। इन आरोपों से नाराज मेधा सोमैया ने मझगांव कोर्ट में मानहानि का केस फाइल किया था। मझगांव कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में ही राउत को सजा सुनाई थी। हालांकि, राउत ने इस फैसले को चैलेंज करते हुए सेशंस कोर्ट में अपील की थी।
सेशंस कोर्ट ने सबूतों और दलीलों को सुनने के बाद राउत के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा है कि राउत के आरोप सबूतों पर आधारित हैं और मानहानि के दायरे में नहीं आते हैं। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है, और शिवसेना ठाकरे गुट ने इस फैसले का स्वागत किया है।
इस केस की सुनवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही है। सोमैया दंपत्ति ने राउत के आरोपों को झूठा साबित करने के लिए कई सबूत पेश किए थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह काफी नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प है कि क्या सोमैया दंपत्ति हाई कोर्ट में अपील करेंगे।
इस फैसले के बाद संजय राउत ने कहा, "न्यायपालिका ही सही है। मैं हमेशा सच के साथ खड़ा रहा हूं।" दूसरी ओर, सोमैया दंपत्ति ने अभी तक इस फैसले पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
संजय राउत ने सोमैया दंपत्ति पर भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एरिया में 100 करोड़ रुपये के टॉयलेट स्कैम का आरोप लगाया था। इन आरोपों से नाराज मेधा सोमैया ने मझगांव कोर्ट में मानहानि का केस फाइल किया था। मझगांव कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में ही राउत को सजा सुनाई थी। हालांकि, राउत ने इस फैसले को चैलेंज करते हुए सेशंस कोर्ट में अपील की थी।
सेशंस कोर्ट ने सबूतों और दलीलों को सुनने के बाद राउत के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा है कि राउत के आरोप सबूतों पर आधारित हैं और मानहानि के दायरे में नहीं आते हैं। इस फैसले से राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है, और शिवसेना ठाकरे गुट ने इस फैसले का स्वागत किया है।
इस केस की सुनवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही है। सोमैया दंपत्ति ने राउत के आरोपों को झूठा साबित करने के लिए कई सबूत पेश किए थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह काफी नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प है कि क्या सोमैया दंपत्ति हाई कोर्ट में अपील करेंगे।
इस फैसले के बाद संजय राउत ने कहा, "न्यायपालिका ही सही है। मैं हमेशा सच के साथ खड़ा रहा हूं।" दूसरी ओर, सोमैया दंपत्ति ने अभी तक इस फैसले पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
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