सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ क्रिमिनल केस; तेलंगाना के रेवंत रेड्डी 89 केस के साथ टॉप पर
नई दिल्ली, 18 अगस्त, 2026: नेताओं के खिलाफ क्रिमिनल केस की स्पीडी ट्रायल की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। सीनियर वकील विजय हंसारिया ने कोर्ट में जानकारी दी कि देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 89 क्रिमिनल केस के साथ इस लिस्ट में टॉप पर हैं। फिर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 केस हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 19-19 केस और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर 18 केस हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 5 केस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर 4-4 केस हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 2-2 केस हैं, जबकि सिक्किम, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों पर 1-1 केस है। हंसारिया की 96 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर अपराधों वाले सबसे ज़्यादा MLA पश्चिम बंगाल में हैं। 292 में से 170 MLA के खिलाफ अपराध दर्ज हैं। केरल (57%), आंध्र प्रदेश (56%), तेलंगाना (49%), झारखंड और ओडिशा (45%), बिहार (42%) और महाराष्ट्र (40%) में भी MLA के खिलाफ बड़ी संख्या में गंभीर अपराध दर्ज हैं। लोकसभा में 170 MP के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं। जुलाई 2026 तक, मौजूदा और पूर्व MP और MLA के खिलाफ कुल 4,192 क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 1,171 केस हैं। राज्यसभा के 233 में से 75 MP के खिलाफ भी केस दर्ज हैं। इस याचिका में मांग की गई है कि MLA और MP के खिलाफ पेंडिंग मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हो और हाई कोर्ट उनकी मॉनिटरिंग करें।
नई दिल्ली, 18 अगस्त, 2026: नेताओं के खिलाफ क्रिमिनल केस की स्पीडी ट्रायल की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। सीनियर वकील विजय हंसारिया ने कोर्ट में जानकारी दी कि देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 89 क्रिमिनल केस के साथ इस लिस्ट में टॉप पर हैं। फिर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 केस हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 19-19 केस और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर 18 केस हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 5 केस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर 4-4 केस हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 2-2 केस हैं, जबकि सिक्किम, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों पर 1-1 केस है। हंसारिया की 96 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर अपराधों वाले सबसे ज़्यादा MLA पश्चिम बंगाल में हैं। 292 में से 170 MLA के खिलाफ अपराध दर्ज हैं। केरल (57%), आंध्र प्रदेश (56%), तेलंगाना (49%), झारखंड और ओडिशा (45%), बिहार (42%) और महाराष्ट्र (40%) में भी MLA के खिलाफ बड़ी संख्या में गंभीर अपराध दर्ज हैं। लोकसभा में 170 MP के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं। जुलाई 2026 तक, मौजूदा और पूर्व MP और MLA के खिलाफ कुल 4,192 क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 1,171 केस हैं। राज्यसभा के 233 में से 75 MP के खिलाफ भी केस दर्ज हैं। इस याचिका में मांग की गई है कि MLA और MP के खिलाफ पेंडिंग मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हो और हाई कोर्ट उनकी मॉनिटरिंग करें।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 89 क्रिमिनल केस के साथ इस लिस्ट में टॉप पर हैं। फिर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 केस हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर 19-19 केस और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर 18 केस हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 5 केस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर 4-4 केस हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 2-2 केस हैं, जबकि सिक्किम, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों पर 1-1 केस है। हंसारिया की 96 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर अपराधों वाले सबसे ज़्यादा MLA पश्चिम बंगाल में हैं। 292 में से 170 MLA के खिलाफ अपराध दर्ज हैं। केरल (57%), आंध्र प्रदेश (56%), तेलंगाना (49%), झारखंड और ओडिशा (45%), बिहार (42%) और महाराष्ट्र (40%) में भी MLA के खिलाफ बड़ी संख्या में गंभीर अपराध दर्ज हैं। लोकसभा में 170 MP के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं। जुलाई 2026 तक, मौजूदा और पूर्व MP और MLA के खिलाफ कुल 4,192 क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 1,171 केस हैं। राज्यसभा के 233 में से 75 MP के खिलाफ भी केस दर्ज हैं। इस याचिका में मांग की गई है कि MLA और MP के खिलाफ पेंडिंग मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हो और हाई कोर्ट उनकी मॉनिटरिंग करें।
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