पहलगाम आतंकी हमले के पीछे चौंकाने वाला रहस्य: चार साल से बंद पड़ा मोबाइल फोन आतंकियों तक कैसे पहुंचा?
NIA का बड़ा खुलासा: सालों से एक्टिवेट एक 'डेड' मोबाइल फोन कैसे पहलगाम हमले में इस्तेमाल हुआ?
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीछे एक बड़ा रहस्य सामने आया है। हमले में मारे गए आतंकियों से सुरक्षा एजेंसियों को मिले दो मोबाइल फोन से पाकिस्तान से जुड़े एक संभावित सप्लाई नेटवर्क का शक पैदा हुआ है।
NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इनमें से एक मोबाइल फोन चार साल से पूरी तरह बंद (डेड) था। फिर भी, हमले से पहले यह अचानक एक्टिव हो गया। NIA इस बात का जवाब ढूंढने में लगी है कि यह फोन आतंकियों के हाथों कैसे पहुंचा।
जांच करने वालों के मुताबिक, लंबे समय तक इनएक्टिव रहने के बाद इस मोबाइल फोन के अचानक इस्तेमाल के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों का सप्लाई नेटवर्क एक्टिव है। सिक्योरिटी एजेंसियां अब इस फोन के IMEI नंबर, सिम कार्ड और उसकी हिस्ट्री की अच्छी तरह से स्टडी कर रही हैं।
इस घटना को इस बात का इशारा माना जा रहा है कि आतंकवादियों के पास कितनी मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन है। NIA इस केस में और सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है।
NIA का बड़ा खुलासा: सालों से एक्टिवेट एक 'डेड' मोबाइल फोन कैसे पहलगाम हमले में इस्तेमाल हुआ?
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीछे एक बड़ा रहस्य सामने आया है। हमले में मारे गए आतंकियों से सुरक्षा एजेंसियों को मिले दो मोबाइल फोन से पाकिस्तान से जुड़े एक संभावित सप्लाई नेटवर्क का शक पैदा हुआ है।
NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इनमें से एक मोबाइल फोन चार साल से पूरी तरह बंद (डेड) था। फिर भी, हमले से पहले यह अचानक एक्टिव हो गया। NIA इस बात का जवाब ढूंढने में लगी है कि यह फोन आतंकियों के हाथों कैसे पहुंचा।
जांच करने वालों के मुताबिक, लंबे समय तक इनएक्टिव रहने के बाद इस मोबाइल फोन के अचानक इस्तेमाल के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों का सप्लाई नेटवर्क एक्टिव है। सिक्योरिटी एजेंसियां अब इस फोन के IMEI नंबर, सिम कार्ड और उसकी हिस्ट्री की अच्छी तरह से स्टडी कर रही हैं।
इस घटना को इस बात का इशारा माना जा रहा है कि आतंकवादियों के पास कितनी मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन है। NIA इस केस में और सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है।
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीछे एक बड़ा रहस्य सामने आया है। हमले में मारे गए आतंकियों से सुरक्षा एजेंसियों को मिले दो मोबाइल फोन से पाकिस्तान से जुड़े एक संभावित सप्लाई नेटवर्क का शक पैदा हुआ है।
NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इनमें से एक मोबाइल फोन चार साल से पूरी तरह बंद (डेड) था। फिर भी, हमले से पहले यह अचानक एक्टिव हो गया। NIA इस बात का जवाब ढूंढने में लगी है कि यह फोन आतंकियों के हाथों कैसे पहुंचा।
जांच करने वालों के मुताबिक, लंबे समय तक इनएक्टिव रहने के बाद इस मोबाइल फोन के अचानक इस्तेमाल के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों का सप्लाई नेटवर्क एक्टिव है। सिक्योरिटी एजेंसियां अब इस फोन के IMEI नंबर, सिम कार्ड और उसकी हिस्ट्री की अच्छी तरह से स्टडी कर रही हैं।
इस घटना को इस बात का इशारा माना जा रहा है कि आतंकवादियों के पास कितनी मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन है। NIA इस केस में और सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है।
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