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UPI ट्रांज़ैक्शन ₹2000 तक पूरी तरह फ्री रहेंगे; सरकार का नया नोटिफिकेशन, ज़्यादा अमाउंट पर कौन देगा चार्ज?

केंद्र सरकार ने सोमवार को एक ज़रूरी नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) के ज़रिए किए गए ₹2000 तक के ट्रांज़ैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पूरी तरह फ्री रहेंगे। बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर इन ट्रांज़ैक्शन पर सीधे या इनडायरेक्टली कोई चार्ज नहीं ले पाएंगे।
यह नोटिफिकेशन फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के सेक्शन 10A के तहत जारी किया है। इसमें साफ़ तौर पर कहा गया है कि,
“(i) RuPay पावर्ड डेबिट कार्ड; और
(ii) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) ट्रांज़ैक्शन ₹2,000 तक…
कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर इन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मेथड का इस्तेमाल करके पेमेंट करने या लेने वाले किसी व्यक्ति पर सीधे या इनडायरेक्टली कोई चार्ज नहीं लगाएगा।”
आम कंज्यूमर्स के लिए क्या बदलाव हुए हैं?
₹2000 तक के UPI ट्रांज़ैक्शन (पर्सन-टू-पर्सन या मर्चेंट) पूरी तरह से फ़्री रहेंगे।
RuPay डेबिट कार्ड ट्रांज़ैक्शन पर भी चार्ज लगेगा।
लगभग 96% UPI ट्रांज़ैक्शन इसी रेंज में आते हैं। इसका मतलब है कि रोज़ाना की ज़्यादातर छोटी और बड़ी खरीदारी को इसका फ़ायदा मिलेगा।
अगर ₹2000 से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन हुए तो क्या होगा?
नोटिफ़िकेशन में ₹2000 से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इसका मतलब है कि ऐसे ट्रांज़ैक्शन अभी फ़्री हैं। हालाँकि, इससे भविष्य में कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया है।
सरकार पहले ही साफ़ कर चुकी है कि:
आम कंज्यूमर्स पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांज़ैक्शन हमेशा फ़्री रहेंगे।
अगर कोई चार्ज लगाया जाता है, तो वह सिर्फ़ मर्चेंट्स को ही देना होगा।
इन बदलावों के पीछे का मकसद डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सस्टेनेबल और कॉम्पिटिटिव बनाना है। UPI तेज़ी से बढ़ा है, इसलिए इंडस्ट्री की तरफ़ से इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने की मांग थी।
शॉर्ट में:
सभी UPI ट्रांज़ैक्शन और ₹2000 तक के RuPay कार्ड पेमेंट अब कानून से सुरक्षित हैं। आम यूज़र्स को अभी कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। ज़्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन के बारे में आगे के फ़ैसले NPCI और संबंधित अथॉरिटीज़ लेंगी।

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