23 साल के यशस्वी जायसवाल का कमाल, सचिन समेत दिग्गजों की लिस्ट में हुए शामिल
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी की आंखें नम कर दीं। महज 23 साल के इस युवा ने अपने टेस्ट करियर का सातवां शतक जड़ा, जिसकी बदौलत वह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यशस्वी ने इसकी पूरी जिम्मेदारी संभाली। यह शतक महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बड़ी राहत है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज बेहद रोमांचक होती जा रही है। हालांकि भारत ने पहला मैच जीत लिया था, लेकिन वेस्टइंडीज के पास दूसरे मैच में बदला चुकता करने का मौका है। बहरहाल, यशस्वी जायसवाल के इस शतक ने भारतीय टीम को एक मज़बूत आधार दिया है। मैच शुरू होने से पहले ही मौसम और मैदान की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन यशस्वी ने अपने बल्ले से सभी शंकाओं का समाधान कर दिया। उन्होंने 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और साई सुदर्शन के साथ 193 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की। पहले दिन का खेल खत्म होने पर वह 88 ओवर के बाद 173 रन बनाकर नाबाद थे, जिससे दोहरे शतक की संभावना सबसे ज़्यादा चर्चा में है।
यशस्वी जायसवाल का यह प्रदर्शन न सिर्फ़ इस मैच में, बल्कि उनके पूरे टेस्ट करियर में एक मील का पत्थर है। 2023 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने सिर्फ़ दो साल में सात शतक जड़ दिए हैं। ऐसा करने वाले वह दुनिया के तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 24 साल की उम्र से पहले 11 शतक लगाए थे, जबकि डॉन ब्रैडमैन ने 12 शतक लगाए थे। सर गारफील्ड सोबर्स के नाम 9 शतक थे, जबकि पाकिस्तान के जावेद मियांदाद, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन ने सात-सात शतक लगाए थे। यशस्वी ने यह सातवां शतक लगाकर दिग्गजों की सूची में जगह बनाई है, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।
यशस्वी अपने पदार्पण के बाद से ही भारतीय सलामी बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। अपने पदार्पण के बाद से, अन्य सभी भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर केवल छह शतक लगाए हैं, जबकि यशस्वी ने अकेले सात शतक लगाए हैं। दुनिया के अन्य खिलाड़ियों में इंग्लैंड के बेन डकेट ने चार शतक लगाए हैं, जो यशस्वी के प्रदर्शन से कम है। ये आंकड़े बताते हैं कि यशस्वी केवल संख्याओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी है। राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए आईपीएल में भी चमकने वाले इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में भी कई रिकॉर्ड बनाए हैं। विंग कमांडर अभय सालुंखे क्रिकेट अकादमी से निकले इस युवा खिलाड़ी ने मुश्किल हालात से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है, जो युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करेगा।
मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यशस्वी-साई सुदर्शन की जोड़ी ने शुरुआत से ही टीम को मजबूत समर्थन दिया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत में आक्रामक गेंदबाजी की, लेकिन यशस्वी ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। उनके शतक में 20 चौके और 2 छक्के शामिल थे, जिससे मैदान में तालियां बज उठीं। टीम पहले सत्र में 50 रन तक पहुँची, दूसरे सत्र में शतक पूरा किया और तीसरे सत्र में रन गति बढ़ा दी। साई सुदर्शन ने भी अर्धशतक लगाया, लेकिन यशस्वी की तूफानी पारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यशस्वी ने जेसन होल्डर और अल्जारी जोसेफ जैसे वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। पहले दिन के अंत तक भारत 3 विकेट पर 350 रन की मजबूत स्थिति में पहुँच गया था।
यह शतक यशस्वी के आत्मविश्वास का प्रतीक है। टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग करना आसान नहीं होता, खासकर विदेशी टीमों के खिलाफ। लेकिन यशस्वी ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने यशस्वी की तारीफ करते हुए कहा, "यह युवा भारतीय क्रिकेट का भविष्य है। उसमें सचिन की तरह शतक लगाने की क्षमता है।" साथ ही, सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया पर यशस्वी की तारीफ की है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में और उत्साह है। यह प्रदर्शन यशस्वी को आने वाले मैचों के लिए काफी जिम्मेदारी देगा। भारत ऑस्ट्रेलिया में अपना आखिरी टेस्ट जीतना चाहता है और यशस्वी की तूफानी पारी उस अभियान के लिए अहम होगी। साथ ही, इसका फायदा राजस्थान रॉयल्स टीम को आईपीएल 2026 के लिहाज से भी होगा। हालांकि, यशस्वी को अभी और सुधार करने की जरूरत है, जैसे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ाना और लंबी दौड़ लगाने की क्षमता बढ़ाना।
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी की आंखें नम कर दीं। महज 23 साल के इस युवा ने अपने टेस्ट करियर का सातवां शतक जड़ा, जिसकी बदौलत वह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यशस्वी ने इसकी पूरी जिम्मेदारी संभाली। यह शतक महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बड़ी राहत है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज बेहद रोमांचक होती जा रही है। हालांकि भारत ने पहला मैच जीत लिया था, लेकिन वेस्टइंडीज के पास दूसरे मैच में बदला चुकता करने का मौका है। बहरहाल, यशस्वी जायसवाल के इस शतक ने भारतीय टीम को एक मज़बूत आधार दिया है। मैच शुरू होने से पहले ही मौसम और मैदान की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन यशस्वी ने अपने बल्ले से सभी शंकाओं का समाधान कर दिया। उन्होंने 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और साई सुदर्शन के साथ 193 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की। पहले दिन का खेल खत्म होने पर वह 88 ओवर के बाद 173 रन बनाकर नाबाद थे, जिससे दोहरे शतक की संभावना सबसे ज़्यादा चर्चा में है।
यशस्वी जायसवाल का यह प्रदर्शन न सिर्फ़ इस मैच में, बल्कि उनके पूरे टेस्ट करियर में एक मील का पत्थर है। 2023 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने सिर्फ़ दो साल में सात शतक जड़ दिए हैं। ऐसा करने वाले वह दुनिया के तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 24 साल की उम्र से पहले 11 शतक लगाए थे, जबकि डॉन ब्रैडमैन ने 12 शतक लगाए थे। सर गारफील्ड सोबर्स के नाम 9 शतक थे, जबकि पाकिस्तान के जावेद मियांदाद, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन ने सात-सात शतक लगाए थे। यशस्वी ने यह सातवां शतक लगाकर दिग्गजों की सूची में जगह बनाई है, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।
यशस्वी अपने पदार्पण के बाद से ही भारतीय सलामी बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। अपने पदार्पण के बाद से, अन्य सभी भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर केवल छह शतक लगाए हैं, जबकि यशस्वी ने अकेले सात शतक लगाए हैं। दुनिया के अन्य खिलाड़ियों में इंग्लैंड के बेन डकेट ने चार शतक लगाए हैं, जो यशस्वी के प्रदर्शन से कम है। ये आंकड़े बताते हैं कि यशस्वी केवल संख्याओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी है। राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए आईपीएल में भी चमकने वाले इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में भी कई रिकॉर्ड बनाए हैं। विंग कमांडर अभय सालुंखे क्रिकेट अकादमी से निकले इस युवा खिलाड़ी ने मुश्किल हालात से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है, जो युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करेगा।
मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यशस्वी-साई सुदर्शन की जोड़ी ने शुरुआत से ही टीम को मजबूत समर्थन दिया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत में आक्रामक गेंदबाजी की, लेकिन यशस्वी ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। उनके शतक में 20 चौके और 2 छक्के शामिल थे, जिससे मैदान में तालियां बज उठीं। टीम पहले सत्र में 50 रन तक पहुँची, दूसरे सत्र में शतक पूरा किया और तीसरे सत्र में रन गति बढ़ा दी। साई सुदर्शन ने भी अर्धशतक लगाया, लेकिन यशस्वी की तूफानी पारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यशस्वी ने जेसन होल्डर और अल्जारी जोसेफ जैसे वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। पहले दिन के अंत तक भारत 3 विकेट पर 350 रन की मजबूत स्थिति में पहुँच गया था।
यह शतक यशस्वी के आत्मविश्वास का प्रतीक है। टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग करना आसान नहीं होता, खासकर विदेशी टीमों के खिलाफ। लेकिन यशस्वी ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने यशस्वी की तारीफ करते हुए कहा, "यह युवा भारतीय क्रिकेट का भविष्य है। उसमें सचिन की तरह शतक लगाने की क्षमता है।" साथ ही, सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया पर यशस्वी की तारीफ की है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में और उत्साह है। यह प्रदर्शन यशस्वी को आने वाले मैचों के लिए काफी जिम्मेदारी देगा। भारत ऑस्ट्रेलिया में अपना आखिरी टेस्ट जीतना चाहता है और यशस्वी की तूफानी पारी उस अभियान के लिए अहम होगी। साथ ही, इसका फायदा राजस्थान रॉयल्स टीम को आईपीएल 2026 के लिहाज से भी होगा। हालांकि, यशस्वी को अभी और सुधार करने की जरूरत है, जैसे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ाना और लंबी दौड़ लगाने की क्षमता बढ़ाना।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज बेहद रोमांचक होती जा रही है। हालांकि भारत ने पहला मैच जीत लिया था, लेकिन वेस्टइंडीज के पास दूसरे मैच में बदला चुकता करने का मौका है। बहरहाल, यशस्वी जायसवाल के इस शतक ने भारतीय टीम को एक मज़बूत आधार दिया है। मैच शुरू होने से पहले ही मौसम और मैदान की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही थी, लेकिन यशस्वी ने अपने बल्ले से सभी शंकाओं का समाधान कर दिया। उन्होंने 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और साई सुदर्शन के साथ 193 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की। पहले दिन का खेल खत्म होने पर वह 88 ओवर के बाद 173 रन बनाकर नाबाद थे, जिससे दोहरे शतक की संभावना सबसे ज़्यादा चर्चा में है।
यशस्वी जायसवाल का यह प्रदर्शन न सिर्फ़ इस मैच में, बल्कि उनके पूरे टेस्ट करियर में एक मील का पत्थर है। 2023 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने सिर्फ़ दो साल में सात शतक जड़ दिए हैं। ऐसा करने वाले वह दुनिया के तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 24 साल की उम्र से पहले 11 शतक लगाए थे, जबकि डॉन ब्रैडमैन ने 12 शतक लगाए थे। सर गारफील्ड सोबर्स के नाम 9 शतक थे, जबकि पाकिस्तान के जावेद मियांदाद, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन ने सात-सात शतक लगाए थे। यशस्वी ने यह सातवां शतक लगाकर दिग्गजों की सूची में जगह बनाई है, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।
यशस्वी अपने पदार्पण के बाद से ही भारतीय सलामी बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। अपने पदार्पण के बाद से, अन्य सभी भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर केवल छह शतक लगाए हैं, जबकि यशस्वी ने अकेले सात शतक लगाए हैं। दुनिया के अन्य खिलाड़ियों में इंग्लैंड के बेन डकेट ने चार शतक लगाए हैं, जो यशस्वी के प्रदर्शन से कम है। ये आंकड़े बताते हैं कि यशस्वी केवल संख्याओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी है। राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए आईपीएल में भी चमकने वाले इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में भी कई रिकॉर्ड बनाए हैं। विंग कमांडर अभय सालुंखे क्रिकेट अकादमी से निकले इस युवा खिलाड़ी ने मुश्किल हालात से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है, जो युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करेगा।
मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यशस्वी-साई सुदर्शन की जोड़ी ने शुरुआत से ही टीम को मजबूत समर्थन दिया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत में आक्रामक गेंदबाजी की, लेकिन यशस्वी ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। उनके शतक में 20 चौके और 2 छक्के शामिल थे, जिससे मैदान में तालियां बज उठीं। टीम पहले सत्र में 50 रन तक पहुँची, दूसरे सत्र में शतक पूरा किया और तीसरे सत्र में रन गति बढ़ा दी। साई सुदर्शन ने भी अर्धशतक लगाया, लेकिन यशस्वी की तूफानी पारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यशस्वी ने जेसन होल्डर और अल्जारी जोसेफ जैसे वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। पहले दिन के अंत तक भारत 3 विकेट पर 350 रन की मजबूत स्थिति में पहुँच गया था।
यह शतक यशस्वी के आत्मविश्वास का प्रतीक है। टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग करना आसान नहीं होता, खासकर विदेशी टीमों के खिलाफ। लेकिन यशस्वी ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने यशस्वी की तारीफ करते हुए कहा, "यह युवा भारतीय क्रिकेट का भविष्य है। उसमें सचिन की तरह शतक लगाने की क्षमता है।" साथ ही, सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया पर यशस्वी की तारीफ की है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में और उत्साह है। यह प्रदर्शन यशस्वी को आने वाले मैचों के लिए काफी जिम्मेदारी देगा। भारत ऑस्ट्रेलिया में अपना आखिरी टेस्ट जीतना चाहता है और यशस्वी की तूफानी पारी उस अभियान के लिए अहम होगी। साथ ही, इसका फायदा राजस्थान रॉयल्स टीम को आईपीएल 2026 के लिहाज से भी होगा। हालांकि, यशस्वी को अभी और सुधार करने की जरूरत है, जैसे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ाना और लंबी दौड़ लगाने की क्षमता बढ़ाना।
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