चारों के जाने से पत्रकारिता में एक खालीपन आया है जिसे भरा नहीं जा सकता - राहुल पांडे
-वरिष्ठ पत्रकारों के काम को जाने-माने लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी
नागपुर, 9 अगस्त:- कुछ लोग समय के पर्दे के पीछे चले जाते हैं। लेकिन उनकी लिखाई और समाज के लिए किए गए उनके काम हमेशा ज़िंदा रहते हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है उसे भरा नहीं जा सकता। लक्ष्मणराव जोशी, टी.बी. गोल्हर, विराग पचपोर और मिलिंद ठेंगड़ी पत्रकारिता के तपस्वी थे। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा, ऐसा राज्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने भावुक होकर कहा।
क्रांति दिवस, 9 अगस्त के मौके पर, तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट, नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ और पत्रकार क्लब ऑफ़ नागपुर ने मिलकर प्रेस क्लब, सिविल लाइंस में चार दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों की याद में एक शोक सभा रखी। राहुल पांडे उस समय बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इन चारों ने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा पत्रकारिता को दिया। उन्होंने कुछ लेखकों के काम का भी ज़िक्र किया।
चारों दिवंगत पत्रकारों की पत्रकारिता के अलग-अलग पहलुओं और उनके जीवन की चुनिंदा घटनाओं पर MLA संजय भेंडे, सीनियर सोशल एक्टिविस्ट विजय जावंधिया, किशोर तिवारी, सुधीर पाठक, प्रफुल्ल गुढ़ाधे पाटिल, प्रगति पाटिल, अंधप्रकाश मेघे और भालचंद्र जोशी ने प्रकाश डाला। प्रेस क्लब और तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट के प्रेसिडेंट प्रदीप कुमार मैत्रा ने अपनी भूमिका में इस शोक सभा के पीछे की भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करके समाज पर अपनी छाप छोड़ने वाले सीनियर पत्रकारों को याद करना और उनके काम की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना, यही इस पहल के पीछे की भावना है।
दिवंगत टी.बी. गोल्हर के परिवार की ओर से उनकी पत्नी श्रीमती कोकिला तुलशीदास गोल्हर, बच्चों के डॉक्टर डॉ. संदीप गोल्हर और उनकी पत्नी श्रीमती योगिता संदीप गोल्हर मौजूद थीं। उनकी मौजूदगी ने शोक सभा के माहौल को और भावुक कर दिया। इन चारों की पत्रकारिता के बारे में सोचते ही एक बात बहुत महसूस होती है। पत्रकार रिटायर हो सकता है, लेकिन पत्रकारिता कभी रिटायर नहीं होती। शोक सभा में मौजूद पत्रकारों के चेहरे यादों से भरे हुए थे। शोक सभा के आखिर में, मौजूद लोगों ने दिवंगत पत्रकारों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं। कार्यक्रम का संचालन सीनियर पत्रकार विनोद देशमुख ने किया। इस मौके पर सीनियर पत्रकार विश्वास इंदुरकर, शिरीष बोरकर, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, जोसेफ राव, विवेक पुराभट, चंद्रशेखर जोशी, डॉ. राम ठाकुर, महाराष्ट्र टाइम्स के एडिटर अतुल पांडे, सीनियर पत्रकार शिव शाहू, सुनील चोखरे, चंद्रकांत शेंडे, रंजीत देशमुख, शेखर सोनी, अरुण असटकर, देवराव प्रधान और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
-वरिष्ठ पत्रकारों के काम को जाने-माने लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी
नागपुर, 9 अगस्त:- कुछ लोग समय के पर्दे के पीछे चले जाते हैं। लेकिन उनकी लिखाई और समाज के लिए किए गए उनके काम हमेशा ज़िंदा रहते हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है उसे भरा नहीं जा सकता। लक्ष्मणराव जोशी, टी.बी. गोल्हर, विराग पचपोर और मिलिंद ठेंगड़ी पत्रकारिता के तपस्वी थे। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा, ऐसा राज्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने भावुक होकर कहा।
क्रांति दिवस, 9 अगस्त के मौके पर, तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट, नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ और पत्रकार क्लब ऑफ़ नागपुर ने मिलकर प्रेस क्लब, सिविल लाइंस में चार दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों की याद में एक शोक सभा रखी। राहुल पांडे उस समय बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इन चारों ने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा पत्रकारिता को दिया। उन्होंने कुछ लेखकों के काम का भी ज़िक्र किया।
चारों दिवंगत पत्रकारों की पत्रकारिता के अलग-अलग पहलुओं और उनके जीवन की चुनिंदा घटनाओं पर MLA संजय भेंडे, सीनियर सोशल एक्टिविस्ट विजय जावंधिया, किशोर तिवारी, सुधीर पाठक, प्रफुल्ल गुढ़ाधे पाटिल, प्रगति पाटिल, अंधप्रकाश मेघे और भालचंद्र जोशी ने प्रकाश डाला। प्रेस क्लब और तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट के प्रेसिडेंट प्रदीप कुमार मैत्रा ने अपनी भूमिका में इस शोक सभा के पीछे की भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करके समाज पर अपनी छाप छोड़ने वाले सीनियर पत्रकारों को याद करना और उनके काम की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना, यही इस पहल के पीछे की भावना है।
दिवंगत टी.बी. गोल्हर के परिवार की ओर से उनकी पत्नी श्रीमती कोकिला तुलशीदास गोल्हर, बच्चों के डॉक्टर डॉ. संदीप गोल्हर और उनकी पत्नी श्रीमती योगिता संदीप गोल्हर मौजूद थीं। उनकी मौजूदगी ने शोक सभा के माहौल को और भावुक कर दिया। इन चारों की पत्रकारिता के बारे में सोचते ही एक बात बहुत महसूस होती है। पत्रकार रिटायर हो सकता है, लेकिन पत्रकारिता कभी रिटायर नहीं होती। शोक सभा में मौजूद पत्रकारों के चेहरे यादों से भरे हुए थे। शोक सभा के आखिर में, मौजूद लोगों ने दिवंगत पत्रकारों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं। कार्यक्रम का संचालन सीनियर पत्रकार विनोद देशमुख ने किया। इस मौके पर सीनियर पत्रकार विश्वास इंदुरकर, शिरीष बोरकर, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, जोसेफ राव, विवेक पुराभट, चंद्रशेखर जोशी, डॉ. राम ठाकुर, महाराष्ट्र टाइम्स के एडिटर अतुल पांडे, सीनियर पत्रकार शिव शाहू, सुनील चोखरे, चंद्रकांत शेंडे, रंजीत देशमुख, शेखर सोनी, अरुण असटकर, देवराव प्रधान और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
नागपुर, 9 अगस्त:- कुछ लोग समय के पर्दे के पीछे चले जाते हैं। लेकिन उनकी लिखाई और समाज के लिए किए गए उनके काम हमेशा ज़िंदा रहते हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है उसे भरा नहीं जा सकता। लक्ष्मणराव जोशी, टी.बी. गोल्हर, विराग पचपोर और मिलिंद ठेंगड़ी पत्रकारिता के तपस्वी थे। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा, ऐसा राज्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने भावुक होकर कहा।
क्रांति दिवस, 9 अगस्त के मौके पर, तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट, नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ और पत्रकार क्लब ऑफ़ नागपुर ने मिलकर प्रेस क्लब, सिविल लाइंस में चार दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों की याद में एक शोक सभा रखी। राहुल पांडे उस समय बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इन चारों ने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा पत्रकारिता को दिया। उन्होंने कुछ लेखकों के काम का भी ज़िक्र किया।
चारों दिवंगत पत्रकारों की पत्रकारिता के अलग-अलग पहलुओं और उनके जीवन की चुनिंदा घटनाओं पर MLA संजय भेंडे, सीनियर सोशल एक्टिविस्ट विजय जावंधिया, किशोर तिवारी, सुधीर पाठक, प्रफुल्ल गुढ़ाधे पाटिल, प्रगति पाटिल, अंधप्रकाश मेघे और भालचंद्र जोशी ने प्रकाश डाला। प्रेस क्लब और तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट के प्रेसिडेंट प्रदीप कुमार मैत्रा ने अपनी भूमिका में इस शोक सभा के पीछे की भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करके समाज पर अपनी छाप छोड़ने वाले सीनियर पत्रकारों को याद करना और उनके काम की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना, यही इस पहल के पीछे की भावना है।
दिवंगत टी.बी. गोल्हर के परिवार की ओर से उनकी पत्नी श्रीमती कोकिला तुलशीदास गोल्हर, बच्चों के डॉक्टर डॉ. संदीप गोल्हर और उनकी पत्नी श्रीमती योगिता संदीप गोल्हर मौजूद थीं। उनकी मौजूदगी ने शोक सभा के माहौल को और भावुक कर दिया। इन चारों की पत्रकारिता के बारे में सोचते ही एक बात बहुत महसूस होती है। पत्रकार रिटायर हो सकता है, लेकिन पत्रकारिता कभी रिटायर नहीं होती। शोक सभा में मौजूद पत्रकारों के चेहरे यादों से भरे हुए थे। शोक सभा के आखिर में, मौजूद लोगों ने दिवंगत पत्रकारों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं। कार्यक्रम का संचालन सीनियर पत्रकार विनोद देशमुख ने किया। इस मौके पर सीनियर पत्रकार विश्वास इंदुरकर, शिरीष बोरकर, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, जोसेफ राव, विवेक पुराभट, चंद्रशेखर जोशी, डॉ. राम ठाकुर, महाराष्ट्र टाइम्स के एडिटर अतुल पांडे, सीनियर पत्रकार शिव शाहू, सुनील चोखरे, चंद्रकांत शेंडे, रंजीत देशमुख, शेखर सोनी, अरुण असटकर, देवराव प्रधान और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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