अब क्लास 9 से इमरजेंसी, जेपी आंदोलन और मीडिया की भूमिका; NCERT ने टेक्स्टबुक में शामिल किया
नई दिल्ली: अब क्लास 9 के स्टूडेंट्स भी भारतीय लोकतंत्र के सबसे ज़रूरी और विवादित चैप्टर 'इमरजेंसी' के बारे में जानेंगे। NCERT ने नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में इमरजेंसी को खास जगह दी है।
पहले यह टॉपिक मुख्य रूप से क्लास 11 और 12 के पॉलिटिकल साइंस सिलेबस का हिस्सा था। नई किताब स्टूडेंट्स को इमरजेंसी के दौरान फंडामेंटल राइट्स पर असर, जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका के बारे में डिटेल में जानकारी देगी।
ये बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के हिसाब से किए गए हैं। इसके अलावा, नई टेक्स्टबुक में भारतीय सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा को ज़्यादा अहमियत दी गई है।
दूसरी ओर, फ्रेंच क्रांति, रूसी क्रांति, नाज़ीवाद और कॉलोनियलिज़्म जैसे पारंपरिक चैप्टर किताब से हटा दिए गए हैं। नई किताब का मुख्य मकसद स्टूडेंट्स को सिर्फ़ फैक्ट्स सिखाना नहीं है, बल्कि समाज, इतिहास, भूगोल और डेमोक्रेसी की प्रैक्टिकल समझ डेवलप करना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई को असल ज़िंदगी से जोड़ने में मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि ये बदलाव NCERT की लगातार कोशिशों का हिस्सा हैं।
नई दिल्ली: अब क्लास 9 के स्टूडेंट्स भी भारतीय लोकतंत्र के सबसे ज़रूरी और विवादित चैप्टर 'इमरजेंसी' के बारे में जानेंगे। NCERT ने नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में इमरजेंसी को खास जगह दी है।
पहले यह टॉपिक मुख्य रूप से क्लास 11 और 12 के पॉलिटिकल साइंस सिलेबस का हिस्सा था। नई किताब स्टूडेंट्स को इमरजेंसी के दौरान फंडामेंटल राइट्स पर असर, जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका के बारे में डिटेल में जानकारी देगी।
ये बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के हिसाब से किए गए हैं। इसके अलावा, नई टेक्स्टबुक में भारतीय सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा को ज़्यादा अहमियत दी गई है।
दूसरी ओर, फ्रेंच क्रांति, रूसी क्रांति, नाज़ीवाद और कॉलोनियलिज़्म जैसे पारंपरिक चैप्टर किताब से हटा दिए गए हैं। नई किताब का मुख्य मकसद स्टूडेंट्स को सिर्फ़ फैक्ट्स सिखाना नहीं है, बल्कि समाज, इतिहास, भूगोल और डेमोक्रेसी की प्रैक्टिकल समझ डेवलप करना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई को असल ज़िंदगी से जोड़ने में मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि ये बदलाव NCERT की लगातार कोशिशों का हिस्सा हैं।
पहले यह टॉपिक मुख्य रूप से क्लास 11 और 12 के पॉलिटिकल साइंस सिलेबस का हिस्सा था। नई किताब स्टूडेंट्स को इमरजेंसी के दौरान फंडामेंटल राइट्स पर असर, जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका के बारे में डिटेल में जानकारी देगी।
ये बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के हिसाब से किए गए हैं। इसके अलावा, नई टेक्स्टबुक में भारतीय सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय ज्ञान परंपरा को ज़्यादा अहमियत दी गई है।
दूसरी ओर, फ्रेंच क्रांति, रूसी क्रांति, नाज़ीवाद और कॉलोनियलिज़्म जैसे पारंपरिक चैप्टर किताब से हटा दिए गए हैं। नई किताब का मुख्य मकसद स्टूडेंट्स को सिर्फ़ फैक्ट्स सिखाना नहीं है, बल्कि समाज, इतिहास, भूगोल और डेमोक्रेसी की प्रैक्टिकल समझ डेवलप करना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई को असल ज़िंदगी से जोड़ने में मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि ये बदलाव NCERT की लगातार कोशिशों का हिस्सा हैं।
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