महुआ मोइत्रा ने सफाई दी: मरते दम तक BJP का विरोध, सुवेंदु अधिकारियों से इमोशनल रिश्ते
नई दिल्ली/कोलकाता, 25 जून, 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने BBC हिंदी को दिए इंटरव्यू में पार्टी में फूट और BJP में शामिल होने की बातों पर साफ स्टैंड लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC में फूट पड़ गई है और कई MLA और MP ने ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए अलग-अलग ग्रुप बना लिए हैं। इसी बैकग्राउंड में मोइत्रा ने बागी नेताओं को फटकार लगाई।
मोइत्रा ने कहा, “अगर पार्टी में दिक्कतें थीं, तो मुझे लीडरशिप से बात करनी चाहिए थी। जब मुझे दिक्कतें आईं, तो मैंने ममता दीदी से बात की और उन्हें सुलझाया। हार के बाद पार्टी छोड़ने वालों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है।”
BJP में शामिल होने की बात से किया इनकार
जब मोइत्रा से एक इंटरव्यू में BJP में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपना पक्का इरादा ज़ाहिर करते हुए कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी और जवानी पॉलिटिक्स को दे दी है। मेरा मानना है कि एक सेक्युलर इंडिया होना चाहिए, जहाँ सबको साथ लेकर चलना चाहिए और तरक्की करनी चाहिए। लेकिन BJP धर्म का ज़हर फैला रही है और देश को बाँट रही है। जब तक मैं ज़िंदा हूँ, BJP का विरोध करती रहूँगी। जब तक BJP पावर में है, इंडिया वैसा नहीं रहेगा जैसा हम जानते हैं।”
सुवेंदु अधिकारी के साथ दोस्ती पर इमोशनल बातें
मोइत्रा ने BJP लीडर और पश्चिम बंगाल में लीडर ऑफ़ अपोज़िशन सुवेंदु अधिकारी के साथ अपनी पर्सनल दोस्ती का ज़िक्र किया। मोइत्रा ने कहा, “पर्सनल लेवल पर, सुवेंदु अब भी मेरे अच्छे दोस्त हैं। करीमपुर इलेक्शन में उन्होंने मेरा साथ दिया। जब 2014 में मुझे लोकसभा टिकट नहीं मिला तो मैं रो रही थी, तो सुवेंदु ने कहा, ‘मैं तुम्हारे साथ हूँ।’ ये इमोशनल रिश्ते हैं। अब जब वे दूसरी पार्टी में हैं, तो हम बात नहीं कर सकते, यह अलग बात है।”
मोइत्रा ने पार्टी के साथ अपने इमोशनल रिश्ते पर भी ज़ोर दिया और ममता के प्रति अपनी लॉयल्टी का भरोसा दिलाया। इस इंटरव्यू ने TMC में चल रही अंदरूनी कलह और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर रोशनी डाली है। महुआ मोइत्रा को अभी ममता के भरोसेमंद नेताओं में से एक माना जाता है।
नई दिल्ली/कोलकाता, 25 जून, 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने BBC हिंदी को दिए इंटरव्यू में पार्टी में फूट और BJP में शामिल होने की बातों पर साफ स्टैंड लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC में फूट पड़ गई है और कई MLA और MP ने ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए अलग-अलग ग्रुप बना लिए हैं। इसी बैकग्राउंड में मोइत्रा ने बागी नेताओं को फटकार लगाई।
मोइत्रा ने कहा, “अगर पार्टी में दिक्कतें थीं, तो मुझे लीडरशिप से बात करनी चाहिए थी। जब मुझे दिक्कतें आईं, तो मैंने ममता दीदी से बात की और उन्हें सुलझाया। हार के बाद पार्टी छोड़ने वालों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है।”
BJP में शामिल होने की बात से किया इनकार
जब मोइत्रा से एक इंटरव्यू में BJP में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपना पक्का इरादा ज़ाहिर करते हुए कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी और जवानी पॉलिटिक्स को दे दी है। मेरा मानना है कि एक सेक्युलर इंडिया होना चाहिए, जहाँ सबको साथ लेकर चलना चाहिए और तरक्की करनी चाहिए। लेकिन BJP धर्म का ज़हर फैला रही है और देश को बाँट रही है। जब तक मैं ज़िंदा हूँ, BJP का विरोध करती रहूँगी। जब तक BJP पावर में है, इंडिया वैसा नहीं रहेगा जैसा हम जानते हैं।”
सुवेंदु अधिकारी के साथ दोस्ती पर इमोशनल बातें
मोइत्रा ने BJP लीडर और पश्चिम बंगाल में लीडर ऑफ़ अपोज़िशन सुवेंदु अधिकारी के साथ अपनी पर्सनल दोस्ती का ज़िक्र किया। मोइत्रा ने कहा, “पर्सनल लेवल पर, सुवेंदु अब भी मेरे अच्छे दोस्त हैं। करीमपुर इलेक्शन में उन्होंने मेरा साथ दिया। जब 2014 में मुझे लोकसभा टिकट नहीं मिला तो मैं रो रही थी, तो सुवेंदु ने कहा, ‘मैं तुम्हारे साथ हूँ।’ ये इमोशनल रिश्ते हैं। अब जब वे दूसरी पार्टी में हैं, तो हम बात नहीं कर सकते, यह अलग बात है।”
मोइत्रा ने पार्टी के साथ अपने इमोशनल रिश्ते पर भी ज़ोर दिया और ममता के प्रति अपनी लॉयल्टी का भरोसा दिलाया। इस इंटरव्यू ने TMC में चल रही अंदरूनी कलह और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर रोशनी डाली है। महुआ मोइत्रा को अभी ममता के भरोसेमंद नेताओं में से एक माना जाता है।
मोइत्रा ने कहा, “अगर पार्टी में दिक्कतें थीं, तो मुझे लीडरशिप से बात करनी चाहिए थी। जब मुझे दिक्कतें आईं, तो मैंने ममता दीदी से बात की और उन्हें सुलझाया। हार के बाद पार्टी छोड़ने वालों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है।”
BJP में शामिल होने की बात से किया इनकार
जब मोइत्रा से एक इंटरव्यू में BJP में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपना पक्का इरादा ज़ाहिर करते हुए कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी और जवानी पॉलिटिक्स को दे दी है। मेरा मानना है कि एक सेक्युलर इंडिया होना चाहिए, जहाँ सबको साथ लेकर चलना चाहिए और तरक्की करनी चाहिए। लेकिन BJP धर्म का ज़हर फैला रही है और देश को बाँट रही है। जब तक मैं ज़िंदा हूँ, BJP का विरोध करती रहूँगी। जब तक BJP पावर में है, इंडिया वैसा नहीं रहेगा जैसा हम जानते हैं।”
सुवेंदु अधिकारी के साथ दोस्ती पर इमोशनल बातें
मोइत्रा ने BJP लीडर और पश्चिम बंगाल में लीडर ऑफ़ अपोज़िशन सुवेंदु अधिकारी के साथ अपनी पर्सनल दोस्ती का ज़िक्र किया। मोइत्रा ने कहा, “पर्सनल लेवल पर, सुवेंदु अब भी मेरे अच्छे दोस्त हैं। करीमपुर इलेक्शन में उन्होंने मेरा साथ दिया। जब 2014 में मुझे लोकसभा टिकट नहीं मिला तो मैं रो रही थी, तो सुवेंदु ने कहा, ‘मैं तुम्हारे साथ हूँ।’ ये इमोशनल रिश्ते हैं। अब जब वे दूसरी पार्टी में हैं, तो हम बात नहीं कर सकते, यह अलग बात है।”
मोइत्रा ने पार्टी के साथ अपने इमोशनल रिश्ते पर भी ज़ोर दिया और ममता के प्रति अपनी लॉयल्टी का भरोसा दिलाया। इस इंटरव्यू ने TMC में चल रही अंदरूनी कलह और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर रोशनी डाली है। महुआ मोइत्रा को अभी ममता के भरोसेमंद नेताओं में से एक माना जाता है।
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