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श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज; महोबा में चिटफंड घोटाले से हड़कंप

महोबा, 18 सितंबर, 2025: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े, वरिष्ठ अभिनेता आलोक नाथ और 15 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की गई है। इस घोटाले में कई ग्रामीणों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और दावा किया जा रहा है कि इसके पीछे मुख्य मास्टरमाइंड मुंबई का है।
घोटाले की पृष्ठभूमि
इस मामले में 'लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड' नाम की एक कंपनी शामिल है। इस कंपनी ने ग्रामीणों को कम समय में उनके निवेश पर दोगुना रिटर्न देने का वादा किया था। कंपनी के एजेंटों ने कई लोगों को धोखाधड़ी वाली योजनाओं में निवेश करने के लिए उकसाया। इन योजनाओं में सावधि जमा (एफडी), आवर्ती जमा (आरडी) और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल थीं। हालाँकि, जब निवेशकों ने निर्धारित अवधि के बाद अपना पैसा वापस माँगा, तो कंपनी ने असंतोषजनक जवाब दिए और अंततः कंपनी बंद कर दी और सभी संबंधित व्यक्ति गायब हो गए।
यह घोटाला लगभग दस साल पहले शुरू हुआ था। कंपनी का कार्यालय महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र में ललित विश्वकर्मा के घर पर खोला गया था। ललित विश्वकर्मा इस शाखा के प्रबंधक थे। कंपनी ने स्थानीय लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये इकट्ठा किए। हालाँकि, जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस माँगा, तो कंपनी ने आनाकानी की और अंततः कार्यालय बंद कर फरार हो गई।
मामला दर्ज और आरोपी
इस मामले में श्रीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसमें श्रेयस तलपड़े, आलोक नाथ, समीर अग्रवाल, उनकी पत्नी सानिया, आर.के. शेट्टी, संजय मुदगिल, ललित विश्वकर्मा, डालचंद्र कुशवाहा, सुनील विश्वकर्मा, सचिन रैकवार, कमल रैकवार, सुनील कुमार, महेश रैकवार, मोहन कुशवाहा, जितेंद्र नामदेव और नारायण सिंह राजपूत शामिल हैं। इन सभी पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और संपत्ति हस्तांतरण के ज़रिए धोखाधड़ी करने का आरोप है।
इस मामले में 30 पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें नारायण दास, लखन, प्रकाश, किशोर, देवेंद्र, रमेश अग्रवाल, बृजगोपाल, कपूरी देवी और कई अन्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले दस सालों से उनके साथ धोखाधड़ी की और करोड़ों रुपये हड़प लिए।
पहले भी इसी तरह के मामलों में नाम
यह पहली बार नहीं है जब श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ का नाम इस तरह के धोखाधड़ी के मामले में आया है। इससे पहले फरवरी 2025 में लखनऊ के गोमती नगर थाने में उनके खिलाफ 9 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। उन पर हरियाणा के सोनीपत में एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया था। इस मामले में, उन्होंने 'ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड' नामक कंपनी की योजनाओं का ब्रांड एंबेसडर बनकर प्रचार किया, जिससे कई निवेशकों ने इन योजनाओं पर भरोसा करके पैसा लगाया।
सोनीपत में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह कंपनी 16 सितंबर, 2016 से कई राज्यों में काम कर रही थी और सावधि जमा और आवर्ती जमा जैसी योजनाओं के ज़रिए निवेशकों को आकर्षित कर रही थी। शिकायतकर्ता विपुल अंतिल ने दावा किया कि श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ द्वारा ब्रांड एंबेसडर के रूप में कंपनी के प्रचार से निवेशकों का विश्वास बढ़ा और उन्होंने बड़ी मात्रा में निवेश किया।
श्रेयस तलपड़े का खुलासा
इन आरोपों के बाद, श्रेयस तलपड़े की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि श्रेयस तलपड़े का इस कंपनी से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है। उनकी टीम ने स्पष्ट किया, "श्रेयस तलपड़े एक सार्वजनिक हस्ती हैं और उन्हें कई कॉर्पोरेट और सार्वजनिक कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता है। हो सकता है कि उन्होंने कुछ कार्यक्रमों में भाग लिया हो, लेकिन उनका इस कंपनी से कोई संबंध नहीं है।" उन्होंने जनता से झूठी जानकारी फैलाने से बचने की भी अपील की और कहा कि श्रेयस तलपड़े कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं।
कानूनी कार्रवाई और सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने भी हस्तक्षेप किया है। जुलाई 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने श्रेयस तलपड़े को गिरफ़्तारी से सुरक्षा प्रदान की और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों को नोटिस जारी किए। इसके अलावा, सितंबर 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने आलोक नाथ को भी गिरफ़्तारी से अस्थायी सुरक्षा प्रदान की। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक दोनों के ख़िलाफ़ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
जांच में तेज़ी
महोबा के श्रीनगर थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। घोटाले की व्यापकता और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए गहन जाँच की जा रही है। सोनीपत के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजीत सिंह ने कहा, "हम इस मामले में श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की सटीक भूमिका की जाँच कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने उन पर ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रचार करने का आरोप लगाया है, लेकिन उनकी संलिप्तता की सीमा जाँच के बाद ही स्पष्ट होगी।"
प्रधानमंत्री से शिकायत
इस घोटाले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँच गई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस घोटाले के कारण स्थानीय निवेशकों की जान जा चुकी है।

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