बंगाल चुनाव से पहले 'महा सफाई'! 91 लाख वोटरों के नाम गायब; 70 सीटों पर नतीजे पलटने की संभावना
वोटर लिस्ट 'फ़िल्टर' से बंगाल सरकार को बड़ा झटका; 91 लाख नाम बाहर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन (SIR) प्रोसेस के बाद करीब 91 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। इस वजह से राज्य की 294 सीटों में से 65 से 70 सीटों पर कुछ पोलिंग स्टेशन 2026 के विधानसभा चुनाव में अहम होंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन स्टेशनों पर वोटों का अंतर नतीजे बदल सकता है।
इलेक्शन कमीशन की इस कार्रवाई के बाद बंगाल के राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। इसका असर खासकर नंदीग्राम, भवानीपुर, नॉर्थ 24 परगना (मटुआ पट्टा), मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे इलाकों पर पड़ेगा। यहां 2021 के विधानसभा चुनाव में MLA 623 से 8,000 वोटों के मार्जिन से चुने गए थे, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वोटों का मार्जिन बहुत ज़्यादा नहीं था।
खास बातें:
91 लाख नाम हटाए गए: SIR प्रोसेस में कुल करीब 90.83 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। चुनाव आयोग ने साफ़ किया है कि इसमें डुप्लीकेट, मृतक, माइग्रेटेड या इनवैलिड नाम शामिल हैं।
65-70 अहम सीटें: इन चुनाव क्षेत्रों में कुछ खास सेंटर पर पहले एक ही पोलिंग बूथ हुआ करता था। अब उन नामों की वजह से वोटिंग पैटर्न बदल गया है।
प्रभावित ज़िले: 11 ज़िलों की 70 सीटें प्रभावित हुई हैं।
राजनीतिक दावे: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भरोसा जताया है कि तृणमूल कांग्रेस कम से कम 215 सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। दूसरी ओर, BJP ने 77 सीटों से बढ़कर 170 सीटों पर पहुंचने का दावा किया है। ऐसा लगता है कि BJP ने SIR के बाद बदलावों पर विचार किया है।
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि इस प्रोसेस से तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि कई जगहों पर जीत का मार्जिन बाहर किए गए वोटर्स की संख्या से भी कम था। हालांकि, इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि वोटर लिस्ट को साफ करने के लिए यह प्रोसेस ज़रूरी है।
वोटर लिस्ट 'फ़िल्टर' से बंगाल सरकार को बड़ा झटका; 91 लाख नाम बाहर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन (SIR) प्रोसेस के बाद करीब 91 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। इस वजह से राज्य की 294 सीटों में से 65 से 70 सीटों पर कुछ पोलिंग स्टेशन 2026 के विधानसभा चुनाव में अहम होंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन स्टेशनों पर वोटों का अंतर नतीजे बदल सकता है।
इलेक्शन कमीशन की इस कार्रवाई के बाद बंगाल के राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। इसका असर खासकर नंदीग्राम, भवानीपुर, नॉर्थ 24 परगना (मटुआ पट्टा), मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे इलाकों पर पड़ेगा। यहां 2021 के विधानसभा चुनाव में MLA 623 से 8,000 वोटों के मार्जिन से चुने गए थे, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वोटों का मार्जिन बहुत ज़्यादा नहीं था।
खास बातें:
91 लाख नाम हटाए गए: SIR प्रोसेस में कुल करीब 90.83 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। चुनाव आयोग ने साफ़ किया है कि इसमें डुप्लीकेट, मृतक, माइग्रेटेड या इनवैलिड नाम शामिल हैं।
65-70 अहम सीटें: इन चुनाव क्षेत्रों में कुछ खास सेंटर पर पहले एक ही पोलिंग बूथ हुआ करता था। अब उन नामों की वजह से वोटिंग पैटर्न बदल गया है।
प्रभावित ज़िले: 11 ज़िलों की 70 सीटें प्रभावित हुई हैं।
राजनीतिक दावे: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भरोसा जताया है कि तृणमूल कांग्रेस कम से कम 215 सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। दूसरी ओर, BJP ने 77 सीटों से बढ़कर 170 सीटों पर पहुंचने का दावा किया है। ऐसा लगता है कि BJP ने SIR के बाद बदलावों पर विचार किया है।
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि इस प्रोसेस से तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि कई जगहों पर जीत का मार्जिन बाहर किए गए वोटर्स की संख्या से भी कम था। हालांकि, इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि वोटर लिस्ट को साफ करने के लिए यह प्रोसेस ज़रूरी है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन (SIR) प्रोसेस के बाद करीब 91 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। इस वजह से राज्य की 294 सीटों में से 65 से 70 सीटों पर कुछ पोलिंग स्टेशन 2026 के विधानसभा चुनाव में अहम होंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन स्टेशनों पर वोटों का अंतर नतीजे बदल सकता है।
इलेक्शन कमीशन की इस कार्रवाई के बाद बंगाल के राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। इसका असर खासकर नंदीग्राम, भवानीपुर, नॉर्थ 24 परगना (मटुआ पट्टा), मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे इलाकों पर पड़ेगा। यहां 2021 के विधानसभा चुनाव में MLA 623 से 8,000 वोटों के मार्जिन से चुने गए थे, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वोटों का मार्जिन बहुत ज़्यादा नहीं था।
खास बातें:
91 लाख नाम हटाए गए: SIR प्रोसेस में कुल करीब 90.83 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। चुनाव आयोग ने साफ़ किया है कि इसमें डुप्लीकेट, मृतक, माइग्रेटेड या इनवैलिड नाम शामिल हैं।
65-70 अहम सीटें: इन चुनाव क्षेत्रों में कुछ खास सेंटर पर पहले एक ही पोलिंग बूथ हुआ करता था। अब उन नामों की वजह से वोटिंग पैटर्न बदल गया है।
प्रभावित ज़िले: 11 ज़िलों की 70 सीटें प्रभावित हुई हैं।
राजनीतिक दावे: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भरोसा जताया है कि तृणमूल कांग्रेस कम से कम 215 सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। दूसरी ओर, BJP ने 77 सीटों से बढ़कर 170 सीटों पर पहुंचने का दावा किया है। ऐसा लगता है कि BJP ने SIR के बाद बदलावों पर विचार किया है।
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि इस प्रोसेस से तृणमूल कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि कई जगहों पर जीत का मार्जिन बाहर किए गए वोटर्स की संख्या से भी कम था। हालांकि, इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि वोटर लिस्ट को साफ करने के लिए यह प्रोसेस ज़रूरी है।
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