डीज़ल में नहीं मिलेगा इथेनॉल! फ़्लैश पॉइंट गिरने से सुरक्षा को खतरा; सरकार ने प्लान कैंसिल किया, E20 पेट्रोल को लेकर भी बड़ा खुलासा
संसद में बड़ा ऐलान! केंद्र सरकार ने डीज़ल में इथेनॉल मिलाने को लेकर एक अहम फ़ैसला लिया है। डीज़ल में इथेनॉल मिलाने का प्लान फिलहाल पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में इस बारे में ऑफिशियल जानकारी दी।
डीज़ल-इथेनॉल मिलाना क्यों कैंसिल?
टेस्ट से पता चला है कि डीज़ल में इथेनॉल मिलाने से फ्यूल का फ़्लैश पॉइंट तेज़ी से गिर जाता है। फ़्लैश पॉइंट वह कम से कम टेम्परेचर होता है जिस पर फ्यूल से निकलने वाली भाप हवा के संपर्क में आकर चिंगारी से आग पकड़ सकती है। फ़्लैश पॉइंट जितना कम होगा, आग लगने का चांस उतना ही ज़्यादा होगा।
इससे डीज़ल का स्टोरेज, टैंकरों से ट्रांसपोर्टेशन और पेट्रोल पंपों पर अंडरग्राउंड टैंकों में रखना बहुत खतरनाक हो जाता है। इसीलिए सरकार ने यह प्लान छोड़ दिया है।
पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल नहीं
सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 परसेंट से ज़्यादा करने पर भी अपनी स्थिति साफ़ कर दी है। मंत्री ने कहा कि अभी पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। अगर भविष्य में ऐसा कोई फ़ैसला लिया जाता है, तो अगला कदम सभी साइंटिफिक-टेक्निकल टेस्ट और ऑटोमोबाइल कंपनियों और रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ गहरी बातचीत के बाद ही उठाया जाएगा।
E20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित है: सरकार का दावा
E20 पेट्रोल के बारे में सरकार ने साफ़ किया है कि यह फ़्यूल पूरी तरह से सुरक्षित है। ARAI, SIAM, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और IIP द्वारा किए गए लैब टेस्ट और फ़ील्ड ट्रायल से पता चला है कि E20 का इंजन की क्षमता, माइलेज या इंजन के पार्ट्स पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है।
सरकार ने यह भी कहा है कि अभी देश में 20 करोड़ से ज़्यादा दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज़्यादा पेट्रोल कारें इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चल रही हैं, और इंजन के खराब होने का कोई सर्टिफाइड सबूत सामने नहीं आया है।
संसद में बड़ा ऐलान! केंद्र सरकार ने डीज़ल में इथेनॉल मिलाने को लेकर एक अहम फ़ैसला लिया है। डीज़ल में इथेनॉल मिलाने का प्लान फिलहाल पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में इस बारे में ऑफिशियल जानकारी दी।
डीज़ल-इथेनॉल मिलाना क्यों कैंसिल?
टेस्ट से पता चला है कि डीज़ल में इथेनॉल मिलाने से फ्यूल का फ़्लैश पॉइंट तेज़ी से गिर जाता है। फ़्लैश पॉइंट वह कम से कम टेम्परेचर होता है जिस पर फ्यूल से निकलने वाली भाप हवा के संपर्क में आकर चिंगारी से आग पकड़ सकती है। फ़्लैश पॉइंट जितना कम होगा, आग लगने का चांस उतना ही ज़्यादा होगा।
इससे डीज़ल का स्टोरेज, टैंकरों से ट्रांसपोर्टेशन और पेट्रोल पंपों पर अंडरग्राउंड टैंकों में रखना बहुत खतरनाक हो जाता है। इसीलिए सरकार ने यह प्लान छोड़ दिया है।
पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल नहीं
सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 परसेंट से ज़्यादा करने पर भी अपनी स्थिति साफ़ कर दी है। मंत्री ने कहा कि अभी पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। अगर भविष्य में ऐसा कोई फ़ैसला लिया जाता है, तो अगला कदम सभी साइंटिफिक-टेक्निकल टेस्ट और ऑटोमोबाइल कंपनियों और रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ गहरी बातचीत के बाद ही उठाया जाएगा।
E20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित है: सरकार का दावा
E20 पेट्रोल के बारे में सरकार ने साफ़ किया है कि यह फ़्यूल पूरी तरह से सुरक्षित है। ARAI, SIAM, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और IIP द्वारा किए गए लैब टेस्ट और फ़ील्ड ट्रायल से पता चला है कि E20 का इंजन की क्षमता, माइलेज या इंजन के पार्ट्स पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है।
सरकार ने यह भी कहा है कि अभी देश में 20 करोड़ से ज़्यादा दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज़्यादा पेट्रोल कारें इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चल रही हैं, और इंजन के खराब होने का कोई सर्टिफाइड सबूत सामने नहीं आया है।
डीज़ल-इथेनॉल मिलाना क्यों कैंसिल?
टेस्ट से पता चला है कि डीज़ल में इथेनॉल मिलाने से फ्यूल का फ़्लैश पॉइंट तेज़ी से गिर जाता है। फ़्लैश पॉइंट वह कम से कम टेम्परेचर होता है जिस पर फ्यूल से निकलने वाली भाप हवा के संपर्क में आकर चिंगारी से आग पकड़ सकती है। फ़्लैश पॉइंट जितना कम होगा, आग लगने का चांस उतना ही ज़्यादा होगा।
इससे डीज़ल का स्टोरेज, टैंकरों से ट्रांसपोर्टेशन और पेट्रोल पंपों पर अंडरग्राउंड टैंकों में रखना बहुत खतरनाक हो जाता है। इसीलिए सरकार ने यह प्लान छोड़ दिया है।
पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल नहीं
सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 परसेंट से ज़्यादा करने पर भी अपनी स्थिति साफ़ कर दी है। मंत्री ने कहा कि अभी पेट्रोल में 20 परसेंट से ज़्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। अगर भविष्य में ऐसा कोई फ़ैसला लिया जाता है, तो अगला कदम सभी साइंटिफिक-टेक्निकल टेस्ट और ऑटोमोबाइल कंपनियों और रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ गहरी बातचीत के बाद ही उठाया जाएगा।
E20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित है: सरकार का दावा
E20 पेट्रोल के बारे में सरकार ने साफ़ किया है कि यह फ़्यूल पूरी तरह से सुरक्षित है। ARAI, SIAM, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और IIP द्वारा किए गए लैब टेस्ट और फ़ील्ड ट्रायल से पता चला है कि E20 का इंजन की क्षमता, माइलेज या इंजन के पार्ट्स पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है।
सरकार ने यह भी कहा है कि अभी देश में 20 करोड़ से ज़्यादा दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज़्यादा पेट्रोल कारें इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चल रही हैं, और इंजन के खराब होने का कोई सर्टिफाइड सबूत सामने नहीं आया है।
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