शेयर मार्केट में डरावनी गिरावट: पांच दिन में सेंसेक्स 3300 पॉइंट गिरा, 19 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान – युद्ध के साये में और संकट?
मुंबई: पिछला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए काली रात साबित हुआ। सिर्फ पांच वर्किंग डे में सेंसेक्स इंडेक्स 3,300 पॉइंट गिर गया, जिससे बाजार की कमर टूट गई। इससे कुल 19 लाख करोड़ रुपये का निवेश डूब गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण युद्ध की आशंका से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता है, और इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। अब निवेशकों के मन में एक ही सवाल है – क्या यह स्थिति और खराब होगी?
प्रमुख सेक्टर्स की हालत खराब, लेकिन डिफेंस स्टॉक्स में तेजी
सरकारी बैंकों, टूरिज्म और एविएशन, रियल एस्टेट, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों को इस हफ्ते बड़ा झटका लगा। हालांकि, युद्ध के माहौल के कारण निवेशकों ने डिफेंस सेक्टर के शेयरों में उछाल देखा। मझगांव डॉक, सोलर इंडस्ट्रीज और पारस डिफेंस जैसी कंपनियों के शेयर प्राइस में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। 'इकोनॉमिक टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा मार्केट कैप वाली 80 परसेंट कंपनियों के शेयर अपने 'ऑल-टाइम हाई' से 20 परसेंट तक गिर चुके हैं। इसी तरह, निफ्टी इंडेक्स भी अपने हाई से 7 परसेंट तक गिर चुका है।
कच्चे तेल की कीमतें $100 तक पहुंचने की आशंका
US-ईरान विवाद ने दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट डाली है, और तेल की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी की संभावना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह विवाद जल्द खत्म नहीं हुआ, तो कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार जा सकता है। इस बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा, खासकर इंपोर्ट पर निर्भर सेक्टर्स पर।
मार्केट चार्ट कमज़ोर: लंबे समय का नज़रिया ज़रूरी - एक्सपर्ट की सलाह
मार्केट का टेक्निकल एनालिसिस अभी शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म एवरेज से नीचे लग रहा है। चार्ट पर 'वीक कैंडल' पैटर्न कमज़ोर मार्केट का इशारा दे रहा है। स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बोलिनजैक ने कहा कि शॉर्ट टर्म में अनिश्चितता बनी रहेगी, जबकि तेल की बढ़ती कीमतें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही हैं। फिर भी, इस स्थिति से इन्वेस्टमेंट के लिए कुछ अच्छे मौके बनेंगे, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिया रखना बहुत ज़रूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स को अब सावधान रहना चाहिए, मार्केट की चाल पर नज़र रखनी चाहिए और रिस्क का अंदाज़ा लगाना चाहिए। हालांकि यह मार्केट में उतार-चढ़ाव का समय है, लेकिन सब्र और समझदारी से फ़ैसले लेना इन्वेस्टर्स के लिए फ़ायदेमंद होगा।
मुंबई: पिछला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए काली रात साबित हुआ। सिर्फ पांच वर्किंग डे में सेंसेक्स इंडेक्स 3,300 पॉइंट गिर गया, जिससे बाजार की कमर टूट गई। इससे कुल 19 लाख करोड़ रुपये का निवेश डूब गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण युद्ध की आशंका से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता है, और इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। अब निवेशकों के मन में एक ही सवाल है – क्या यह स्थिति और खराब होगी?
प्रमुख सेक्टर्स की हालत खराब, लेकिन डिफेंस स्टॉक्स में तेजी
सरकारी बैंकों, टूरिज्म और एविएशन, रियल एस्टेट, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों को इस हफ्ते बड़ा झटका लगा। हालांकि, युद्ध के माहौल के कारण निवेशकों ने डिफेंस सेक्टर के शेयरों में उछाल देखा। मझगांव डॉक, सोलर इंडस्ट्रीज और पारस डिफेंस जैसी कंपनियों के शेयर प्राइस में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। 'इकोनॉमिक टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा मार्केट कैप वाली 80 परसेंट कंपनियों के शेयर अपने 'ऑल-टाइम हाई' से 20 परसेंट तक गिर चुके हैं। इसी तरह, निफ्टी इंडेक्स भी अपने हाई से 7 परसेंट तक गिर चुका है।
कच्चे तेल की कीमतें $100 तक पहुंचने की आशंका
US-ईरान विवाद ने दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट डाली है, और तेल की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी की संभावना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह विवाद जल्द खत्म नहीं हुआ, तो कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार जा सकता है। इस बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा, खासकर इंपोर्ट पर निर्भर सेक्टर्स पर।
मार्केट चार्ट कमज़ोर: लंबे समय का नज़रिया ज़रूरी - एक्सपर्ट की सलाह
मार्केट का टेक्निकल एनालिसिस अभी शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म एवरेज से नीचे लग रहा है। चार्ट पर 'वीक कैंडल' पैटर्न कमज़ोर मार्केट का इशारा दे रहा है। स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बोलिनजैक ने कहा कि शॉर्ट टर्म में अनिश्चितता बनी रहेगी, जबकि तेल की बढ़ती कीमतें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही हैं। फिर भी, इस स्थिति से इन्वेस्टमेंट के लिए कुछ अच्छे मौके बनेंगे, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिया रखना बहुत ज़रूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स को अब सावधान रहना चाहिए, मार्केट की चाल पर नज़र रखनी चाहिए और रिस्क का अंदाज़ा लगाना चाहिए। हालांकि यह मार्केट में उतार-चढ़ाव का समय है, लेकिन सब्र और समझदारी से फ़ैसले लेना इन्वेस्टर्स के लिए फ़ायदेमंद होगा।
प्रमुख सेक्टर्स की हालत खराब, लेकिन डिफेंस स्टॉक्स में तेजी
सरकारी बैंकों, टूरिज्म और एविएशन, रियल एस्टेट, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों को इस हफ्ते बड़ा झटका लगा। हालांकि, युद्ध के माहौल के कारण निवेशकों ने डिफेंस सेक्टर के शेयरों में उछाल देखा। मझगांव डॉक, सोलर इंडस्ट्रीज और पारस डिफेंस जैसी कंपनियों के शेयर प्राइस में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। 'इकोनॉमिक टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा मार्केट कैप वाली 80 परसेंट कंपनियों के शेयर अपने 'ऑल-टाइम हाई' से 20 परसेंट तक गिर चुके हैं। इसी तरह, निफ्टी इंडेक्स भी अपने हाई से 7 परसेंट तक गिर चुका है।
कच्चे तेल की कीमतें $100 तक पहुंचने की आशंका
US-ईरान विवाद ने दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट डाली है, और तेल की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी की संभावना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर यह विवाद जल्द खत्म नहीं हुआ, तो कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार जा सकता है। इस बढ़ोतरी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा, खासकर इंपोर्ट पर निर्भर सेक्टर्स पर।
मार्केट चार्ट कमज़ोर: लंबे समय का नज़रिया ज़रूरी - एक्सपर्ट की सलाह
मार्केट का टेक्निकल एनालिसिस अभी शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म एवरेज से नीचे लग रहा है। चार्ट पर 'वीक कैंडल' पैटर्न कमज़ोर मार्केट का इशारा दे रहा है। स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बोलिनजैक ने कहा कि शॉर्ट टर्म में अनिश्चितता बनी रहेगी, जबकि तेल की बढ़ती कीमतें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही हैं। फिर भी, इस स्थिति से इन्वेस्टमेंट के लिए कुछ अच्छे मौके बनेंगे, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिया रखना बहुत ज़रूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स को अब सावधान रहना चाहिए, मार्केट की चाल पर नज़र रखनी चाहिए और रिस्क का अंदाज़ा लगाना चाहिए। हालांकि यह मार्केट में उतार-चढ़ाव का समय है, लेकिन सब्र और समझदारी से फ़ैसले लेना इन्वेस्टर्स के लिए फ़ायदेमंद होगा।
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