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महिला एवं बाल विकास विभाग की 7 स्कीमें बंद; कुछ धीरे-धीरे बंद होंगी, कुछ पहले से बंद

मुंबई:-महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। विभाग के तहत चलने वाली सात स्कीमें जल्द ही बंद कर दी जाएंगी और उनमें से कुछ पहले से ही बंद हैं। इन स्कीमों को अलग-अलग चरणों में बंद करने का फैसला लिया गया है और सरकार ने इसके लिए कई कारण बताए हैं।
कुछ स्कीमें खर्च में कमी, कुछ के लिए फंड की मांग में कमी और कुछ के लिए पर्याप्त रिस्पॉन्स की कमी के कारण बंद की जा रही हैं।
कौन सी 7 स्कीमें बंद होंगी?
1. महिलाओं के लिए मल्टीपर्पस सोशल सेंटर
2. महिला मंडलों को ग्रांट
3. देवदासी बच्चों के पुनर्वास की स्कीम
4. बिना बिजली वाली आंगनवाड़ियों के लिए सोलर एनर्जी सेट
5. माझी कन्या भाग्यश्री योजना (रिवाइज्ड)
6. शेल्टर चलाने वाले NGO को सपोर्ट
7. कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए फाइनेंशियल मदद
कौन सी स्कीमें पहले से बंद हैं?
महिलाओं के लिए मल्टीपर्पस सोशल सेंटर – 16 अक्टूबर, 2026 से बंद। वजह बताई गई कि खर्च कम हो रहा था।
महिला बोर्ड को ग्रांट – 16 अक्टूबर से बंद।
देवदासी बच्चों के रिहैबिलिटेशन के लिए ज़िला परिषदों को मदद – 16 अक्टूबर से बंद (फंड की डिमांड न होने की वजह से)।
बिना बिजली वाले आंगनवाड़ी सेंटर के लिए सोलर पावर सेट – 16 अक्टूबर से बंद।
दूसरी स्कीमें कब बंद होंगी?
कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों के लिए फाइनेंशियल मदद और माझी कन्या भाग्यश्री योजना – फाइनेंशियल ईयर 2027-28 से बंद हो जाएंगी।
शेल्टर चलाने के लिए NGO को मदद – सभी ज़िलों में शक्ति सदन बनने के बाद अगले फाइनेंशियल ईयर से बंद हो जाएंगी।
सरकार के फैसले में कुल बेनिफिशियरी और इन स्कीमों के बंद होने या बंद होने के बाद कितने लोग प्रभावित होंगे, इस पर डिटेल्ड डेटा नहीं दिया गया है। इसलिए, बेनिफिशियरी की संख्या और स्कीम के सोशल असर को लेकर अभी भी कन्फ्यूजन है।

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