शिवाजी पार्क प्रोटेस्ट में अभिजीत दीपके आक्रामक; फडणवीस की कड़ी आलोचना
मुंबई | 2 अक्टूबर, 2026:-मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘जेल भरो’ प्रोटेस्ट किया। इस प्रोटेस्ट को CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने लीड किया।
प्रोटेस्ट के दौरान दीपके ने केंद्र सरकार, इलेक्शन कमीशन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। इस दौरान उन्होंने प्रोटेस्ट को लेकर फडणवीस के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “उन्हें तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात हुई थी; अगर तीन महीने के लिए कहा गया होता, तो स्थिति अलग होती।”
फडणवीस की लीडरशिप की आलोचना करते हुए दीपके ने उनकी कुर्सी को लेकर भी ताना मारा। उन्होंने कहा, “आपकी कुर्सी का एक पैर फेविकोल का बना है और दूसरा फेविस्टिक से चिपका हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटेस्ट के बाद अगर उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो भी वह प्रोटेस्ट नहीं रोकेंगे।
शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट की परमिशन का मुद्दा
CJP के शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट करने के ऐलान के बाद, ऐसी खबरें आईं कि पुलिस ने परमिशन देने से मना कर दिया है। उसके बाद भी, दीपके ने प्रोटेस्ट करने का अपना इरादा ज़ाहिर किया था। उन्होंने सवाल उठाया था, “सत्तारूढ़ नेता शिवाजी पार्क में मीटिंग कर सकते हैं, तो यह जगह प्रोटेस्ट के लिए क्यों नहीं होनी चाहिए?”
इलेक्शन कमीशन पर भी सवाल
CJP ने SIR यानी वोटर लिस्ट में खास तौर पर गहराई से बदलाव के प्रोसेस पर एतराज़ जताया है। दीपके ने पहले मांग की थी कि 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए जाएं और SIR प्रोसेस पर फिर से विचार किया जाए।
इस बीच, CJP ने 2 अक्टूबर के प्रोटेस्ट के बाद इस प्रोटेस्ट को देश भर में ले जाने और अक्टूबर के आखिर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने का अपना रुख ज़ाहिर किया है।
प्रोटेस्ट को देखते हुए शिवाजी पार्क इलाके में भारी पुलिस तैनात की गई थी। स्थानीय नागरिकों के एक ग्रुप ने यह भी चिंता ज़ाहिर की थी कि प्रोटेस्ट से इलाके में शांति और रोज़ाना के लेन-देन पर असर पड़ेगा।
मुंबई | 2 अक्टूबर, 2026:-मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘जेल भरो’ प्रोटेस्ट किया। इस प्रोटेस्ट को CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने लीड किया।
प्रोटेस्ट के दौरान दीपके ने केंद्र सरकार, इलेक्शन कमीशन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। इस दौरान उन्होंने प्रोटेस्ट को लेकर फडणवीस के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “उन्हें तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात हुई थी; अगर तीन महीने के लिए कहा गया होता, तो स्थिति अलग होती।”
फडणवीस की लीडरशिप की आलोचना करते हुए दीपके ने उनकी कुर्सी को लेकर भी ताना मारा। उन्होंने कहा, “आपकी कुर्सी का एक पैर फेविकोल का बना है और दूसरा फेविस्टिक से चिपका हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटेस्ट के बाद अगर उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो भी वह प्रोटेस्ट नहीं रोकेंगे।
शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट की परमिशन का मुद्दा
CJP के शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट करने के ऐलान के बाद, ऐसी खबरें आईं कि पुलिस ने परमिशन देने से मना कर दिया है। उसके बाद भी, दीपके ने प्रोटेस्ट करने का अपना इरादा ज़ाहिर किया था। उन्होंने सवाल उठाया था, “सत्तारूढ़ नेता शिवाजी पार्क में मीटिंग कर सकते हैं, तो यह जगह प्रोटेस्ट के लिए क्यों नहीं होनी चाहिए?”
इलेक्शन कमीशन पर भी सवाल
CJP ने SIR यानी वोटर लिस्ट में खास तौर पर गहराई से बदलाव के प्रोसेस पर एतराज़ जताया है। दीपके ने पहले मांग की थी कि 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए जाएं और SIR प्रोसेस पर फिर से विचार किया जाए।
इस बीच, CJP ने 2 अक्टूबर के प्रोटेस्ट के बाद इस प्रोटेस्ट को देश भर में ले जाने और अक्टूबर के आखिर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने का अपना रुख ज़ाहिर किया है।
प्रोटेस्ट को देखते हुए शिवाजी पार्क इलाके में भारी पुलिस तैनात की गई थी। स्थानीय नागरिकों के एक ग्रुप ने यह भी चिंता ज़ाहिर की थी कि प्रोटेस्ट से इलाके में शांति और रोज़ाना के लेन-देन पर असर पड़ेगा।
प्रोटेस्ट के दौरान दीपके ने केंद्र सरकार, इलेक्शन कमीशन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। इस दौरान उन्होंने प्रोटेस्ट को लेकर फडणवीस के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “उन्हें तीन दिन के लिए जेल में डालने की बात हुई थी; अगर तीन महीने के लिए कहा गया होता, तो स्थिति अलग होती।”
फडणवीस की लीडरशिप की आलोचना करते हुए दीपके ने उनकी कुर्सी को लेकर भी ताना मारा। उन्होंने कहा, “आपकी कुर्सी का एक पैर फेविकोल का बना है और दूसरा फेविस्टिक से चिपका हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटेस्ट के बाद अगर उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो भी वह प्रोटेस्ट नहीं रोकेंगे।
शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट की परमिशन का मुद्दा
CJP के शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट करने के ऐलान के बाद, ऐसी खबरें आईं कि पुलिस ने परमिशन देने से मना कर दिया है। उसके बाद भी, दीपके ने प्रोटेस्ट करने का अपना इरादा ज़ाहिर किया था। उन्होंने सवाल उठाया था, “सत्तारूढ़ नेता शिवाजी पार्क में मीटिंग कर सकते हैं, तो यह जगह प्रोटेस्ट के लिए क्यों नहीं होनी चाहिए?”
इलेक्शन कमीशन पर भी सवाल
CJP ने SIR यानी वोटर लिस्ट में खास तौर पर गहराई से बदलाव के प्रोसेस पर एतराज़ जताया है। दीपके ने पहले मांग की थी कि 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए जाएं और SIR प्रोसेस पर फिर से विचार किया जाए।
इस बीच, CJP ने 2 अक्टूबर के प्रोटेस्ट के बाद इस प्रोटेस्ट को देश भर में ले जाने और अक्टूबर के आखिर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने का अपना रुख ज़ाहिर किया है।
प्रोटेस्ट को देखते हुए शिवाजी पार्क इलाके में भारी पुलिस तैनात की गई थी। स्थानीय नागरिकों के एक ग्रुप ने यह भी चिंता ज़ाहिर की थी कि प्रोटेस्ट से इलाके में शांति और रोज़ाना के लेन-देन पर असर पड़ेगा।
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