राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में इलेक्शन कमीशन के SIR प्रोसेस को चुनौती दी; रिट पिटीशन फाइल की
दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट पिटीशन फाइल की है, जिसमें इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के वोटर लिस्ट के स्पेशल इन-डेप्थ रिव्यू (SIR) प्रोसेस को चुनौती दी गई है। यह कानूनी कदम वोटर लिस्ट रिवीजन प्रोसेस में कथित गड़बड़ियों पर कांग्रेस की अगुवाई वाली विपक्षी पार्टियों के आक्रामक रुख और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के तहत उठाया गया है।
पिटीशन फाइल करने से पहले, राहुल गांधी कांग्रेस और 'इंडिया' अलायंस के दूसरे बड़े नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़े थे। इससे पहले, कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से मिलने की मांग की थी और SIR प्रोसेस से जुड़े मुद्दों पर एक बयान देने की इच्छा जताई थी। हालांकि, चीफ जस्टिस ने एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर मीटिंग से इनकार करते हुए कहा था कि मामला सब-जज है।
चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया था कि कोर्ट ज्यूडिशियल प्रोसीडिंग्स के दायरे से बाहर एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों में सीधे दखल नहीं दे सकता। हालांकि, विपक्षी पार्टियों के नेता अपनी मांगों और सही न्याय के लिए कोर्ट के ज्यूडिशियल चैंबर में फॉर्मल पिटीशन फाइल करने के लिए आज़ाद हैं। इस फैसले के बाद, राहुल गांधी ने एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (AoR) एस. प्रसन्ना के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में यह पिटीशन (डायरी नंबर 64196/2026) फाइल की।
चुनाव आयोग के स्पेशल रिव्यू प्रोसेस को लेकर पहले से फाइल की गई कुछ ऐसी ही पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस के दिए गए संकेत के मुताबिक, राहुल गांधी की फाइल की गई यह नई पिटीशन भी पहले से पेंडिंग और सुनी जा चुकी दूसरी पिटीशन के साथ लिस्ट होने की संभावना है। इस कानूनी लड़ाई ने अब चुनाव आयोग के कामकाज पर पॉलिटिकल और ज्यूडिशियल दबाव बढ़ा दिया है।
दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट पिटीशन फाइल की है, जिसमें इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के वोटर लिस्ट के स्पेशल इन-डेप्थ रिव्यू (SIR) प्रोसेस को चुनौती दी गई है। यह कानूनी कदम वोटर लिस्ट रिवीजन प्रोसेस में कथित गड़बड़ियों पर कांग्रेस की अगुवाई वाली विपक्षी पार्टियों के आक्रामक रुख और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के तहत उठाया गया है।
पिटीशन फाइल करने से पहले, राहुल गांधी कांग्रेस और 'इंडिया' अलायंस के दूसरे बड़े नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़े थे। इससे पहले, कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से मिलने की मांग की थी और SIR प्रोसेस से जुड़े मुद्दों पर एक बयान देने की इच्छा जताई थी। हालांकि, चीफ जस्टिस ने एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर मीटिंग से इनकार करते हुए कहा था कि मामला सब-जज है।
चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया था कि कोर्ट ज्यूडिशियल प्रोसीडिंग्स के दायरे से बाहर एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों में सीधे दखल नहीं दे सकता। हालांकि, विपक्षी पार्टियों के नेता अपनी मांगों और सही न्याय के लिए कोर्ट के ज्यूडिशियल चैंबर में फॉर्मल पिटीशन फाइल करने के लिए आज़ाद हैं। इस फैसले के बाद, राहुल गांधी ने एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (AoR) एस. प्रसन्ना के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में यह पिटीशन (डायरी नंबर 64196/2026) फाइल की।
चुनाव आयोग के स्पेशल रिव्यू प्रोसेस को लेकर पहले से फाइल की गई कुछ ऐसी ही पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस के दिए गए संकेत के मुताबिक, राहुल गांधी की फाइल की गई यह नई पिटीशन भी पहले से पेंडिंग और सुनी जा चुकी दूसरी पिटीशन के साथ लिस्ट होने की संभावना है। इस कानूनी लड़ाई ने अब चुनाव आयोग के कामकाज पर पॉलिटिकल और ज्यूडिशियल दबाव बढ़ा दिया है।
पिटीशन फाइल करने से पहले, राहुल गांधी कांग्रेस और 'इंडिया' अलायंस के दूसरे बड़े नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़े थे। इससे पहले, कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से मिलने की मांग की थी और SIR प्रोसेस से जुड़े मुद्दों पर एक बयान देने की इच्छा जताई थी। हालांकि, चीफ जस्टिस ने एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर मीटिंग से इनकार करते हुए कहा था कि मामला सब-जज है।
चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया था कि कोर्ट ज्यूडिशियल प्रोसीडिंग्स के दायरे से बाहर एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों में सीधे दखल नहीं दे सकता। हालांकि, विपक्षी पार्टियों के नेता अपनी मांगों और सही न्याय के लिए कोर्ट के ज्यूडिशियल चैंबर में फॉर्मल पिटीशन फाइल करने के लिए आज़ाद हैं। इस फैसले के बाद, राहुल गांधी ने एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (AoR) एस. प्रसन्ना के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में यह पिटीशन (डायरी नंबर 64196/2026) फाइल की।
चुनाव आयोग के स्पेशल रिव्यू प्रोसेस को लेकर पहले से फाइल की गई कुछ ऐसी ही पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस के दिए गए संकेत के मुताबिक, राहुल गांधी की फाइल की गई यह नई पिटीशन भी पहले से पेंडिंग और सुनी जा चुकी दूसरी पिटीशन के साथ लिस्ट होने की संभावना है। इस कानूनी लड़ाई ने अब चुनाव आयोग के कामकाज पर पॉलिटिकल और ज्यूडिशियल दबाव बढ़ा दिया है।
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