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उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से भारी नुकसान, 10 लोगों की मौत, 40 से ज़्यादा लापता
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली गाँव में सोमवार रात एक भयानक प्राकृतिक आपदा आई। आधी रात के आसपास हुए भीषण बादल फटने से गाँव में बाढ़ आ गई। इस आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 40 से ज़्यादा लोग लापता हैं। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और प्रशासन व एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं।
क्या हुआ?
सोमवार रात करीब 10 बजे धराली इलाके में भारी बारिश और बादल फटने की घटना हुई। इससे स्थानीय नालों और नदियों में बाढ़ आ गई, जिससे कई घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। रात में गाँव के कई परिवार इस आपदा की चपेट में आ गए। कई लोग पानी के तेज़ बहाव और भूस्खलन में बह गए, जबकि कई लोग मलबे में दब गए।
बचाव अभियान और प्रशासन की भूमिका
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने आपदा पीड़ितों के लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
पीड़ितों की स्थिति
इस आपदा में कई परिवारों ने अपने घर, संपत्ति और करीबी रिश्तेदारों को खो दिया है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण उन्हें संभलने का समय ही नहीं मिला। कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है और अब प्रशासन से तत्काल मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पर्यटकों को भी फिलहाल इस क्षेत्र की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
अगले कदम
प्रशासन ने पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता और पुनर्वास योजनाओं की घोषणा की है। बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगी है। यह आपदा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उबरने के लिए दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता है।
स्थानीय प्रशासन, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हालाँकि, लापता लोगों की तलाश और उनका पुनर्वास एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली गाँव में सोमवार रात एक भयानक प्राकृतिक आपदा आई। आधी रात के आसपास हुए भीषण बादल फटने से गाँव में बाढ़ आ गई। इस आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 40 से ज़्यादा लोग लापता हैं। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और प्रशासन व एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं।
क्या हुआ?
सोमवार रात करीब 10 बजे धराली इलाके में भारी बारिश और बादल फटने की घटना हुई। इससे स्थानीय नालों और नदियों में बाढ़ आ गई, जिससे कई घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। रात में गाँव के कई परिवार इस आपदा की चपेट में आ गए। कई लोग पानी के तेज़ बहाव और भूस्खलन में बह गए, जबकि कई लोग मलबे में दब गए।
बचाव अभियान और प्रशासन की भूमिका
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने आपदा पीड़ितों के लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
पीड़ितों की स्थिति
इस आपदा में कई परिवारों ने अपने घर, संपत्ति और करीबी रिश्तेदारों को खो दिया है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण उन्हें संभलने का समय ही नहीं मिला। कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है और अब प्रशासन से तत्काल मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पर्यटकों को भी फिलहाल इस क्षेत्र की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
अगले कदम
प्रशासन ने पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता और पुनर्वास योजनाओं की घोषणा की है। बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगी है। यह आपदा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उबरने के लिए दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता है।
स्थानीय प्रशासन, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हालाँकि, लापता लोगों की तलाश और उनका पुनर्वास एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या हुआ?
सोमवार रात करीब 10 बजे धराली इलाके में भारी बारिश और बादल फटने की घटना हुई। इससे स्थानीय नालों और नदियों में बाढ़ आ गई, जिससे कई घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए। रात में गाँव के कई परिवार इस आपदा की चपेट में आ गए। कई लोग पानी के तेज़ बहाव और भूस्खलन में बह गए, जबकि कई लोग मलबे में दब गए।
बचाव अभियान और प्रशासन की भूमिका
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने आपदा पीड़ितों के लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
पीड़ितों की स्थिति
इस आपदा में कई परिवारों ने अपने घर, संपत्ति और करीबी रिश्तेदारों को खो दिया है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण उन्हें संभलने का समय ही नहीं मिला। कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है और अब प्रशासन से तत्काल मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके मद्देनजर, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पर्यटकों को भी फिलहाल इस क्षेत्र की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
अगले कदम
प्रशासन ने पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता और पुनर्वास योजनाओं की घोषणा की है। बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगी है। यह आपदा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उबरने के लिए दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता है।
स्थानीय प्रशासन, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हालाँकि, लापता लोगों की तलाश और उनका पुनर्वास एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।