सदा सरवणकर को हाई कोर्ट से झटका; ठाकरे ग्रुप को बड़ी राहत
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ग्रुप के MLA महेश सावंत की माहिम सीट पर जीत को राहत दी है। कोर्ट ने शिंदे ग्रुप के पूर्व MLA सदा सरवणकर की इलेक्शन पिटीशन खारिज कर दी है। इससे ठाकरे ग्रुप को बड़ी पॉलिटिकल जीत मिली है।
महेश सावंत ने नवंबर 2024 के महाराष्ट्र असेंबली इलेक्शन में माहिम सीट से जीत हासिल की थी। सदा सरवणकर ने इस जीत को हाई कोर्ट में चैलेंज किया था। सरवणकर ने अपनी पिटीशन में आरोप लगाया था कि महेश सावंत ने नॉमिनेशन पेपर फाइल करते समय पेंडिंग क्रिमिनल केस छिपाए और वोटर्स को गुमराह किया। इसलिए, उन्होंने इलेक्शन कैंसिल करने और सावंत को डिसक्वालिफाई करने की मांग की थी।
मंगलवार को जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच के सामने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने सभी सबूतों, कानून के प्रोविजन और दलीलों को ध्यान में रखते हुए सरवणकर की पिटीशन को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि लगाए गए आरोपों में इलेक्शन कैंसिल करने के लिए काफी सबूत नहीं हैं। इससे महेश सावंत का MLA स्टेटस बना रहा।
इस फैसले के बाद ठाकरे ग्रुप के एक्टिविस्ट और सपोर्टर्स ने खुशी जताई है। इस फैसले को शिंदे ग्रुप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माहिम को शिवसेना का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। 2024 के चुनाव में महेश सावंत ने शिंदे ग्रुप के सदा सरवणकर और MNS लीडर अमित ठाकरे को हराया था।
खास बातें:
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सदा सरवणकर की पिटीशन खारिज कर दी।
महेश सावंत (ठाकरे ग्रुप) का माहिम MLA स्टेटस बरकरार है।
आरोप: नॉमिनेशन पेपर में क्रिमिनल केस छिपाना।
कोर्ट: सबूत काफी नहीं, पिटीशन नामंज़ूर।
चुनाव एप्लीकेशन में जानकारी छिपाने के मामले में यह फैसला अहम रहा है। ठाकरे ग्रुप ने इसे अपनी पार्टी की ताकत की जीत बताया है।
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ग्रुप के MLA महेश सावंत की माहिम सीट पर जीत को राहत दी है। कोर्ट ने शिंदे ग्रुप के पूर्व MLA सदा सरवणकर की इलेक्शन पिटीशन खारिज कर दी है। इससे ठाकरे ग्रुप को बड़ी पॉलिटिकल जीत मिली है।
महेश सावंत ने नवंबर 2024 के महाराष्ट्र असेंबली इलेक्शन में माहिम सीट से जीत हासिल की थी। सदा सरवणकर ने इस जीत को हाई कोर्ट में चैलेंज किया था। सरवणकर ने अपनी पिटीशन में आरोप लगाया था कि महेश सावंत ने नॉमिनेशन पेपर फाइल करते समय पेंडिंग क्रिमिनल केस छिपाए और वोटर्स को गुमराह किया। इसलिए, उन्होंने इलेक्शन कैंसिल करने और सावंत को डिसक्वालिफाई करने की मांग की थी।
मंगलवार को जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच के सामने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने सभी सबूतों, कानून के प्रोविजन और दलीलों को ध्यान में रखते हुए सरवणकर की पिटीशन को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि लगाए गए आरोपों में इलेक्शन कैंसिल करने के लिए काफी सबूत नहीं हैं। इससे महेश सावंत का MLA स्टेटस बना रहा।
इस फैसले के बाद ठाकरे ग्रुप के एक्टिविस्ट और सपोर्टर्स ने खुशी जताई है। इस फैसले को शिंदे ग्रुप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माहिम को शिवसेना का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। 2024 के चुनाव में महेश सावंत ने शिंदे ग्रुप के सदा सरवणकर और MNS लीडर अमित ठाकरे को हराया था।
खास बातें:
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सदा सरवणकर की पिटीशन खारिज कर दी।
महेश सावंत (ठाकरे ग्रुप) का माहिम MLA स्टेटस बरकरार है।
आरोप: नॉमिनेशन पेपर में क्रिमिनल केस छिपाना।
कोर्ट: सबूत काफी नहीं, पिटीशन नामंज़ूर।
चुनाव एप्लीकेशन में जानकारी छिपाने के मामले में यह फैसला अहम रहा है। ठाकरे ग्रुप ने इसे अपनी पार्टी की ताकत की जीत बताया है।
महेश सावंत ने नवंबर 2024 के महाराष्ट्र असेंबली इलेक्शन में माहिम सीट से जीत हासिल की थी। सदा सरवणकर ने इस जीत को हाई कोर्ट में चैलेंज किया था। सरवणकर ने अपनी पिटीशन में आरोप लगाया था कि महेश सावंत ने नॉमिनेशन पेपर फाइल करते समय पेंडिंग क्रिमिनल केस छिपाए और वोटर्स को गुमराह किया। इसलिए, उन्होंने इलेक्शन कैंसिल करने और सावंत को डिसक्वालिफाई करने की मांग की थी।
मंगलवार को जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच के सामने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने सभी सबूतों, कानून के प्रोविजन और दलीलों को ध्यान में रखते हुए सरवणकर की पिटीशन को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि लगाए गए आरोपों में इलेक्शन कैंसिल करने के लिए काफी सबूत नहीं हैं। इससे महेश सावंत का MLA स्टेटस बना रहा।
इस फैसले के बाद ठाकरे ग्रुप के एक्टिविस्ट और सपोर्टर्स ने खुशी जताई है। इस फैसले को शिंदे ग्रुप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माहिम को शिवसेना का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। 2024 के चुनाव में महेश सावंत ने शिंदे ग्रुप के सदा सरवणकर और MNS लीडर अमित ठाकरे को हराया था।
खास बातें:
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सदा सरवणकर की पिटीशन खारिज कर दी।
महेश सावंत (ठाकरे ग्रुप) का माहिम MLA स्टेटस बरकरार है।
आरोप: नॉमिनेशन पेपर में क्रिमिनल केस छिपाना।
कोर्ट: सबूत काफी नहीं, पिटीशन नामंज़ूर।
चुनाव एप्लीकेशन में जानकारी छिपाने के मामले में यह फैसला अहम रहा है। ठाकरे ग्रुप ने इसे अपनी पार्टी की ताकत की जीत बताया है।
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