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राहुल गांधी की 'डिनर डिप्लोमेसी', इंडिया ब्लॉक को एकजुट रखने का सियासी मकसद?

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में अपनी 'डिनर डिप्लोमेसी' के जरिए इंडिया ब्लॉक के नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के साथ एक निजी डिनर का आयोजन किया, जिसमें गठबंधन की एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।
इस डिनर में समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), और अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात का मकसद 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया ब्लॉक को मजबूत और एकजुट रखना है, ताकि सत्तारूढ़ एनडीए के खिलाफ एक सशक्त विपक्षी गठबंधन बनाया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की यह पहल न केवल गठबंधन के भीतर विश्वास बहाली की कोशिश है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि क्षेत्रीय दलों के बीच किसी भी तरह का मतभेद सरकार के खिलाफ उनकी साझा लड़ाई को कमजोर न करे। डिनर के दौरान विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें संसद में समन्वय, संयुक्त रणनीति, और आगामी विधानसभा चुनावों में सहयोग शामिल हैं।
हालांकि, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस डिनर को केवल एक सामाजिक मुलाकात बताया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे एक सियासी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। क्या राहुल गांधी की यह 'डिनर डिप्लोमेसी' इंडिया ब्लॉक को नई ताकत देगी, या यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात साबित होगी? यह देखना दिलचस्प होगा।

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