"मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट, नॉर्थ बंगाल के विकास को पूरी तरह नज़रअंदाज़" - मोदी ने तृणमूल सरकार की कड़ी आलोचना की
सिलीगुड़ी (दार्जिलिंग): रविवार, 12 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कवचाठी मैदान में हुई एक बड़ी पब्लिक मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कड़ा हमला बोला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह सरकार मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट देती है, लेकिन उनके पास विकास के लिए कोई फंड नहीं है।" नॉर्थ बंगाल के विकास को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि TMC सरकार सिर्फ अपने 'वोट बैंक' को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा विकास के लिए भेजे गए फंड को यहां 'सिंडिकेट राज' हड़प लेता है।
मोदी ने पहले बंगाली और नेपाली में मीटिंग को संबोधित किया और बाद में हिंदी में बात की। उन्होंने 15 साल पुरानी TMC सरकार को 'काले काम' करने वाली और नॉर्थ बंगाल को पूरी तरह भूली हुई सरकार बताया। उन्होंने कहा, "यह बेरहम सरकार नॉर्थ बंगाल के डेवलपमेंट के लिए काफ़ी फंड नहीं दे रही है। लेकिन यह मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये दे रही है।" प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि 2026 के असेंबली इलेक्शन में TMC का 'महाजंगल राज' खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटिंग में लोगों की बड़ी संख्या में मिली प्रतिक्रिया से 'जनसागर' बन गया। इस मीटिंग को BJP की पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की इस आलोचना ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। (यह खबर दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चूंकि कुछ रिपोर्ट्स में मदरसों के लिए 5700-6000 करोड़ का ज़िक्र है, इसलिए लोकमत हेडलाइन के अनुसार 600 करोड़ को मुख्य खबर में लिया गया है।)
सिलीगुड़ी (दार्जिलिंग): रविवार, 12 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कवचाठी मैदान में हुई एक बड़ी पब्लिक मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कड़ा हमला बोला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह सरकार मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट देती है, लेकिन उनके पास विकास के लिए कोई फंड नहीं है।" नॉर्थ बंगाल के विकास को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि TMC सरकार सिर्फ अपने 'वोट बैंक' को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा विकास के लिए भेजे गए फंड को यहां 'सिंडिकेट राज' हड़प लेता है।
मोदी ने पहले बंगाली और नेपाली में मीटिंग को संबोधित किया और बाद में हिंदी में बात की। उन्होंने 15 साल पुरानी TMC सरकार को 'काले काम' करने वाली और नॉर्थ बंगाल को पूरी तरह भूली हुई सरकार बताया। उन्होंने कहा, "यह बेरहम सरकार नॉर्थ बंगाल के डेवलपमेंट के लिए काफ़ी फंड नहीं दे रही है। लेकिन यह मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये दे रही है।" प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि 2026 के असेंबली इलेक्शन में TMC का 'महाजंगल राज' खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटिंग में लोगों की बड़ी संख्या में मिली प्रतिक्रिया से 'जनसागर' बन गया। इस मीटिंग को BJP की पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की इस आलोचना ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। (यह खबर दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चूंकि कुछ रिपोर्ट्स में मदरसों के लिए 5700-6000 करोड़ का ज़िक्र है, इसलिए लोकमत हेडलाइन के अनुसार 600 करोड़ को मुख्य खबर में लिया गया है।)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह सरकार मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट देती है, लेकिन उनके पास विकास के लिए कोई फंड नहीं है।" नॉर्थ बंगाल के विकास को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि TMC सरकार सिर्फ अपने 'वोट बैंक' को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा विकास के लिए भेजे गए फंड को यहां 'सिंडिकेट राज' हड़प लेता है।
मोदी ने पहले बंगाली और नेपाली में मीटिंग को संबोधित किया और बाद में हिंदी में बात की। उन्होंने 15 साल पुरानी TMC सरकार को 'काले काम' करने वाली और नॉर्थ बंगाल को पूरी तरह भूली हुई सरकार बताया। उन्होंने कहा, "यह बेरहम सरकार नॉर्थ बंगाल के डेवलपमेंट के लिए काफ़ी फंड नहीं दे रही है। लेकिन यह मदरसों के लिए 600 करोड़ रुपये दे रही है।" प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि 2026 के असेंबली इलेक्शन में TMC का 'महाजंगल राज' खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटिंग में लोगों की बड़ी संख्या में मिली प्रतिक्रिया से 'जनसागर' बन गया। इस मीटिंग को BJP की पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की इस आलोचना ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। (यह खबर दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चूंकि कुछ रिपोर्ट्स में मदरसों के लिए 5700-6000 करोड़ का ज़िक्र है, इसलिए लोकमत हेडलाइन के अनुसार 600 करोड़ को मुख्य खबर में लिया गया है।)
.jpg)
