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रूपाली चाकणकर फरार? थोम्ब्रे पाटिल का बम; गंभीर आरोप कि 'सबूत मिटा देंगे', इस्तीफे की मांग और महिला आयोग की हेड पर भी आरोप


पुणे/नासिक/मुंबई, 20 मार्च, 2026: नासिक में खुद को ज्योतिषी 'कैप्टन' अशोक खरात के रेप और यौन शोषण मामले से जहां राज्य हिल गया है, वहीं अब राजनीतिक गलियारों में भी बड़ी हलचल मच गई है। नेशनलिस्ट कांग्रेस (अजीत पवार ग्रुप) की नेता रूपाली पाटिल थोम्ब्रे ने सीधे तौर पर राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर को 'फरार' घोषित कर दिया है और फेसबुक पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, "राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर फरार। बहुजा ताली (ताली)" – यह पोस्ट वायरल हो रही है और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।
रूपाली थोम्ब्रे पाटिल ने कल (19 मार्च) पुणे में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, "महिला आयोग की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर ने अशोक खरात को ढाल दी। उनके सपोर्ट ने इस धोखेबाज की हिम्मत बढ़ा दी है।" उन्होंने यह भी कहा, "अगर चाकणकर ऑफिस में रहे, तो जांच ठीक से नहीं हो पाएगी, 100 परसेंट सबूत नष्ट हो जाएंगे।" खरात के ऑफिस से पुलिस द्वारा जब्त किए गए 58 आपत्तिजनक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "क्या 58 वीडियो का मतलब है कि 58 महिलाओं के साथ रेप हुआ?" उन्होंने मांग की कि चाकणकर को सह-आरोपी बनाया जाए और वह अपने पद से इस्तीफा दें।
वायरल फोटो और वीडियो: चाकणकर एक वीडियो में अशोक खरात की पूजा करते और एक फोटो में उनके ऊपर छाता लिए नजर आ रहे हैं। इन फोटो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चाकणकर की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। थोम्ब्रे पाटिल ने कहा, "अगर अजित पवार आज यहां होते, तो चाकणकर को तुरंत ऑफिस से हटा दिया जाता।" यह अजित पवार गुट में फूट का संकेत दे रहा है। अशोक खरात केस का बैकग्राउंड: खरात पर आरोप है कि उसने मंत्र, हिप्नोसिस और ड्रग्स का इस्तेमाल करके महिलाओं के साथ बार-बार रेप किया। उसे नासिक क्राइम ब्रांच ने 35 साल की एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। हितों के टकराव का मुद्दा इसलिए उठा है क्योंकि चाकणकर उसके ट्रस्ट में शामिल है। थोम्ब्रे पाटिल ने कहा, "यह मुद्दा पार्टी या जाति का नहीं है, यह महिलाओं का है।"
अभी की स्थिति: रूपाली चाकणकर ने अभी तक मीडिया के सामने आकर कोई सफाई नहीं दी है। थोम्ब्रे पाटिल ने ज़ी 24 तास को दिए इंटरव्यू में कहा, "चाकणकर को आगे आकर मीडिया का सामना करना चाहिए।" यह मामला महिला आयोग के कामकाज और नकली ज्योतिषियों के साथ राजनीतिक नेताओं के संबंधों पर सवाल उठा रहा है।
चेतावनी और मांगें:
चाकणकर का तुरंत इस्तीफा।
खरात मामले की निष्पक्ष जांच।
ट्रस्ट के दूसरे सदस्यों पर सवाल।
अंधविश्वास और यौन शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
यह मामला दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है, और इसमें और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहें और शोषण की घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करें।6.5sFast

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