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गुड़ी पड़वा से एक दिन पहले बेमौसम आफ़त! महाराष्ट्र में ओलावृष्टि से तबाही, किसान परेशान;

गुड़ी पड़वा से एक दिन पहले बेमौसम आफ़त! महाराष्ट्र में ओलावृष्टि से तबाही, किसान परेशान; लाखों की अंगूर, आम, गेहूं, ज्वार की फसलें खराब, सरकार ने मदद मांगी
मुंबई/पुणे, 20 मार्च, 2026: मार्च की गर्मी के बाद, महाराष्ट्र में अचानक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई है। 17 से 19 मार्च के बीच, राज्य के मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ इलाकों में आंधी, बिजली, भारी बारिश और भयंकर ओले गिरे। रबी सीजन की फसलें कटाई के समय आई इस कुदरती आफ़त से किसान परेशान हो गए हैं। लाखों रुपये के नुकसान से बलिराजा आर्थिक तंगी में आ गए हैं।
मुख्य रूप से प्रभावित ज़िले और नुकसान:
धाराशिव (उस्मानाबाद) ज़िला: लोहारा तालुका में ओलावृष्टि हुई। तूफ़ान से फसलें गिर गईं, अंगूर गिर गए और अंगूर के गुच्छे फट गए। आम, अंगूर और ज्वार की फसलों को भारी नुकसान हुआ। लातूर ज़िला: शहर और गांव के इलाकों में ओले और बारिश से आम, अंगूर और ज्वार जैसी फसलों को नुकसान हुआ। बागों पर खास तौर पर असर पड़ा।
जालना ज़िला: सिरसवाड़ी में गेहूं की फसल ज़मीन पर गिर गई। ओले गिरने से प्याज और बागों को बहुत नुकसान हुआ। किसान अशोक सतभाये जैसे कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं।
सोलापुर ज़िला (सांगोला तालुका): जुनोनी, जुजारपुर इलाके में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरे। अंगूर, आम, अनार और केसर आम को भारी नुकसान हुआ; बड़ी मात्रा में किरिया गिरे।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), बीड, नांदेड़, परभणी: ओले गिरने और बारिश से रबी की फसलों (गेहूं, चना, ज्वार) और बागों को नुकसान हुआ। कन्नड़ तालुका में भारी ओले गिरे।
नासिक (सिन्नर), पुणे (अंबेगांव), कोल्हापुर: बेमौसम बारिश और ओले; रबी की फसलों और फलों के प्रोडक्शन पर असर पड़ा।
मौसम विभाग (IMD) ने 18 से 20 मार्च तक विदर्भ (अमरावती, अकोला, यवतमाल वगैरह), मराठवाड़ा (नांदेड़, परभणी, हिंगोली, जालना, बीड, धाराशिव, लातूर) और मध्य महाराष्ट्र (अहिल्यानगर, सतारा, सांगली, सोलापुर) इलाकों में कहीं-कहीं बारिश, आंधी और ओले गिरने का अनुमान लगाया है। राज्य के कृषि विभाग ने किसानों से सावधान रहने और अपनी फसल को सुरक्षित रखने की अपील की है।
किसानों ने सरकार से तुरंत नुकसान का आकलन करने और मदद की घोषणा करने की मांग की है। अंधविश्वास और क्लाइमेट चेंज की वजह से खेती का संकट और गंभीर होता जा रहा है, इसलिए किसान संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सावधानी बरतने की सलाह:
खड़ी फसलों और कटे हुए अनाज को बचाएं।
ओले और आंधी की वजह से घर से बाहर निकलने से बचें।
मौसम के अपडेट रेगुलर देखते रहें।
इस बेमौसम संकट का राज्य की खेती की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। सरकार से जल्द से जल्द राहत योजना की घोषणा करने की मांग बढ़ रही है।

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