बारिश के बावजूद रिकॉर्ड वोटिंग; असम-केरल-पुडुचेरी में सबसे ज़्यादा वोटिंग
मुंबई/नई दिल्ली, 10 अप्रैल, 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में गुरुवार (9 अप्रैल) को एक ही फ़ेज़ में वोटिंग हुई। इलेक्शन कमीशन के शुरुआती डेटा के मुताबिक, तीनों जगहों पर रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बारिश की वजह से हुई मुश्किलों के बावजूद वोटर्स ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया। कुछ जगहों पर वोटर्स को पोलिंग स्टेशन तक पहुंचने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड़ा, तो कुछ जगहों पर बारिश में खड़े होकर वोट डाला।
खास आंकड़े (शाम 5 बजे तक के अंदाज़े के मुताबिक):
पुडुचेरी: 86.92% से 89% (सबसे ज़्यादा)
असम: 84.42% से 85.64% (2021 के मुकाबले ज़्यादा)
केरल: 75% से 78% (2021 से ज़्यादा)
असम में सुबह 9 बजे तक 18% से ज़्यादा वोटिंग हुई थी। जोरहाट, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर समेत कई जिलों में बारिश जारी रहने के बावजूद वोटर लाइनों में लगे थे। युवा वोटर, सीनियर सिटिजन और पहली बार वोट देने वाली महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
केरल में भी वोटरों ने जोश दिखाया। कुछ दूर-दराज के इलाकों में वोटरों को नाम या दूसरे तरीकों से पोलिंग बूथ तक पहुंचना पड़ा।
पुडुचेरी में भी काफी वोटिंग हुई। कुल 296 सीटों (असम 126, केरल 140, पुडुचेरी 30) के लिए वोटिंग शांति से हुई। सिक्योरिटी कड़ी थी।
वोटरों का जोश:
इलेक्शन कमीशन ने कहा कि इन तीनों राज्यों में सबसे ज़्यादा वोटर टर्नआउट रिकॉर्ड किया गया। असम और पुडुचेरी में तो पिछले चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ोतरी भी हुई। बारिश भी वोटरों को नहीं रोक पाई, जिसे डेमोक्रेसी के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
आखिरी आंकड़े जल्द ही बताए जाएंगे और काउंटिंग 13 अप्रैल या उसके बाद होने की संभावना है।
मुंबई/नई दिल्ली, 10 अप्रैल, 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में गुरुवार (9 अप्रैल) को एक ही फ़ेज़ में वोटिंग हुई। इलेक्शन कमीशन के शुरुआती डेटा के मुताबिक, तीनों जगहों पर रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बारिश की वजह से हुई मुश्किलों के बावजूद वोटर्स ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया। कुछ जगहों पर वोटर्स को पोलिंग स्टेशन तक पहुंचने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड़ा, तो कुछ जगहों पर बारिश में खड़े होकर वोट डाला।
खास आंकड़े (शाम 5 बजे तक के अंदाज़े के मुताबिक):
पुडुचेरी: 86.92% से 89% (सबसे ज़्यादा)
असम: 84.42% से 85.64% (2021 के मुकाबले ज़्यादा)
केरल: 75% से 78% (2021 से ज़्यादा)
असम में सुबह 9 बजे तक 18% से ज़्यादा वोटिंग हुई थी। जोरहाट, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर समेत कई जिलों में बारिश जारी रहने के बावजूद वोटर लाइनों में लगे थे। युवा वोटर, सीनियर सिटिजन और पहली बार वोट देने वाली महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
केरल में भी वोटरों ने जोश दिखाया। कुछ दूर-दराज के इलाकों में वोटरों को नाम या दूसरे तरीकों से पोलिंग बूथ तक पहुंचना पड़ा।
पुडुचेरी में भी काफी वोटिंग हुई। कुल 296 सीटों (असम 126, केरल 140, पुडुचेरी 30) के लिए वोटिंग शांति से हुई। सिक्योरिटी कड़ी थी।
वोटरों का जोश:
इलेक्शन कमीशन ने कहा कि इन तीनों राज्यों में सबसे ज़्यादा वोटर टर्नआउट रिकॉर्ड किया गया। असम और पुडुचेरी में तो पिछले चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ोतरी भी हुई। बारिश भी वोटरों को नहीं रोक पाई, जिसे डेमोक्रेसी के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
आखिरी आंकड़े जल्द ही बताए जाएंगे और काउंटिंग 13 अप्रैल या उसके बाद होने की संभावना है।
खास आंकड़े (शाम 5 बजे तक के अंदाज़े के मुताबिक):
पुडुचेरी: 86.92% से 89% (सबसे ज़्यादा)
असम: 84.42% से 85.64% (2021 के मुकाबले ज़्यादा)
केरल: 75% से 78% (2021 से ज़्यादा)
असम में सुबह 9 बजे तक 18% से ज़्यादा वोटिंग हुई थी। जोरहाट, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर समेत कई जिलों में बारिश जारी रहने के बावजूद वोटर लाइनों में लगे थे। युवा वोटर, सीनियर सिटिजन और पहली बार वोट देने वाली महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
केरल में भी वोटरों ने जोश दिखाया। कुछ दूर-दराज के इलाकों में वोटरों को नाम या दूसरे तरीकों से पोलिंग बूथ तक पहुंचना पड़ा।
पुडुचेरी में भी काफी वोटिंग हुई। कुल 296 सीटों (असम 126, केरल 140, पुडुचेरी 30) के लिए वोटिंग शांति से हुई। सिक्योरिटी कड़ी थी।
वोटरों का जोश:
इलेक्शन कमीशन ने कहा कि इन तीनों राज्यों में सबसे ज़्यादा वोटर टर्नआउट रिकॉर्ड किया गया। असम और पुडुचेरी में तो पिछले चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ोतरी भी हुई। बारिश भी वोटरों को नहीं रोक पाई, जिसे डेमोक्रेसी के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
आखिरी आंकड़े जल्द ही बताए जाएंगे और काउंटिंग 13 अप्रैल या उसके बाद होने की संभावना है।
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