देश का सबसे बड़ा एग्रीकल्चरल कन्वेंशन सेंटर नागपुर में बन रहा है मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया निरीक्षण
नागपुर, 11 जुलाई:-नागपुर के डाभा इलाके में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बन रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज काम का निरीक्षण किया और काम की प्रगति पर संतुष्टि जताई।
एग्रीकल्चरल एग्जीबिशन के अलावा, यह सेंटर एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस के लिए कन्वेंशन वेन्यू के तौर पर पूरी दुनिया में मशहूर होगा और इससे नागपुर शहर को एक अलग पहचान मिलेगी, ऐसा मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस मौके पर भरोसा जताया।
यह सेंटर राज्य सरकार द्वारा डाभा गांव के पास पंजाबराव देशमुख एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की 21.7 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जा रहा है। यह सेंटर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। इस सेंटर से जीरो माइल की दूरी सिर्फ 7.8 km है। चारों दिशाओं से कनेक्टिविटी इस सेंटर की खासियत है। सेंटर के बाहरी हिस्से में लैंडस्केप और फव्वारे होंगे। अंदर के हिस्से में कॉन्फ्रेंस और सेमिनार हॉल, बोर्ड रूम, डाइनिंग हॉल होंगे। इसके अलावा, यहां एक बहुत बड़ी पार्किंग होगी। टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर के साथ-साथ बसों के लिए भी बड़ी पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।
यहां की एक और खासियत 2,000 सीटों वाला ऑडिटोरियम है। यहां का ऑडिटोरियम साइज़ के हिसाब से देश का सबसे बड़ा होगा। यहां फायर सेफ्टी के सभी लेटेस्ट उपाय किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लगाने की ज़िम्मेदारी MSIDC को दी गई है। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर नरेश बोरकर ने मुख्यमंत्री को एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट का 60 परसेंट काम अभी पूरा हो चुका है। इस मौके पर MSIDC के मैनेजिंग डायरेक्टर बृजेश दीक्षित, खा. मायाताई इवेनेट मौजूद थे।
नागपुर, 11 जुलाई:-नागपुर के डाभा इलाके में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बन रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज काम का निरीक्षण किया और काम की प्रगति पर संतुष्टि जताई।
एग्रीकल्चरल एग्जीबिशन के अलावा, यह सेंटर एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस के लिए कन्वेंशन वेन्यू के तौर पर पूरी दुनिया में मशहूर होगा और इससे नागपुर शहर को एक अलग पहचान मिलेगी, ऐसा मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस मौके पर भरोसा जताया।
यह सेंटर राज्य सरकार द्वारा डाभा गांव के पास पंजाबराव देशमुख एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की 21.7 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जा रहा है। यह सेंटर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। इस सेंटर से जीरो माइल की दूरी सिर्फ 7.8 km है। चारों दिशाओं से कनेक्टिविटी इस सेंटर की खासियत है। सेंटर के बाहरी हिस्से में लैंडस्केप और फव्वारे होंगे। अंदर के हिस्से में कॉन्फ्रेंस और सेमिनार हॉल, बोर्ड रूम, डाइनिंग हॉल होंगे। इसके अलावा, यहां एक बहुत बड़ी पार्किंग होगी। टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर के साथ-साथ बसों के लिए भी बड़ी पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।
यहां की एक और खासियत 2,000 सीटों वाला ऑडिटोरियम है। यहां का ऑडिटोरियम साइज़ के हिसाब से देश का सबसे बड़ा होगा। यहां फायर सेफ्टी के सभी लेटेस्ट उपाय किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लगाने की ज़िम्मेदारी MSIDC को दी गई है। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर नरेश बोरकर ने मुख्यमंत्री को एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट का 60 परसेंट काम अभी पूरा हो चुका है। इस मौके पर MSIDC के मैनेजिंग डायरेक्टर बृजेश दीक्षित, खा. मायाताई इवेनेट मौजूद थे।
एग्रीकल्चरल एग्जीबिशन के अलावा, यह सेंटर एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस के लिए कन्वेंशन वेन्यू के तौर पर पूरी दुनिया में मशहूर होगा और इससे नागपुर शहर को एक अलग पहचान मिलेगी, ऐसा मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस मौके पर भरोसा जताया।
यह सेंटर राज्य सरकार द्वारा डाभा गांव के पास पंजाबराव देशमुख एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की 21.7 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जा रहा है। यह सेंटर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। इस सेंटर से जीरो माइल की दूरी सिर्फ 7.8 km है। चारों दिशाओं से कनेक्टिविटी इस सेंटर की खासियत है। सेंटर के बाहरी हिस्से में लैंडस्केप और फव्वारे होंगे। अंदर के हिस्से में कॉन्फ्रेंस और सेमिनार हॉल, बोर्ड रूम, डाइनिंग हॉल होंगे। इसके अलावा, यहां एक बहुत बड़ी पार्किंग होगी। टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर के साथ-साथ बसों के लिए भी बड़ी पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।
यहां की एक और खासियत 2,000 सीटों वाला ऑडिटोरियम है। यहां का ऑडिटोरियम साइज़ के हिसाब से देश का सबसे बड़ा होगा। यहां फायर सेफ्टी के सभी लेटेस्ट उपाय किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लगाने की ज़िम्मेदारी MSIDC को दी गई है। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर नरेश बोरकर ने मुख्यमंत्री को एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट का 60 परसेंट काम अभी पूरा हो चुका है। इस मौके पर MSIDC के मैनेजिंग डायरेक्टर बृजेश दीक्षित, खा. मायाताई इवेनेट मौजूद थे।
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