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अगर इंसाफ मिल भी जाए, तो भी मां के आंसू नहीं रुकेंगे...

आरव वापस नहीं आएगा, लेकिन इंसाफ तो मिला! डेढ़ साल के बच्चे की हत्या के आरोपी को मौत की सजा

फिरोजाबाद, 11 जुलाई, 2026: फिरोजाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एक बहुत ही दिल दहला देने वाले मामले में सिर्फ 40 दिनों में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या के मामले में आरोपी विराज उर्फ ​​जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई गई है। इंसाफ मिलने पर खुशी जताते हुए आरव की मां रति शर्मा फूट-फूट कर रो पड़ीं। उन्होंने भावुक होकर कहा, "मुझे इंसाफ तो मिल गया... लेकिन मेरा आरव कभी वापस नहीं आएगा..."
30 मई को हुई इस बेरहम घटना में आरोपियों ने सड़क पर आरव को 27 सेकंड में 8 बार बेरहमी से पीटा। इस घटना के बाद आरव के परिवार की दुनिया उजड़ गई। कोर्ट के फैसले के बाद रति शर्मा ने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। उन्होंने कहा, “जैसे मैं आज अपने मासूम बच्चे के लिए दिन-रात जूझ रही हूँ, वैसे ही उसकी माँ भी अपने बच्चे को खोने का दुख झेल रही होगी।”
रति शर्मा ने पुलिस, सरकारी वकीलों और गवाहों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस केस की जल्दी जांच की। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरे पीड़ित परिवारों को भी जल्दी इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “देश के दूसरे पीड़ित परिवारों को भी जल्दी इंसाफ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें।”
गांव वालों की तरफ से बधाई
रति शर्मा के बामई गांव में सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है। गांव वालों ने भरोसा जताया कि यह सज़ा हाई कोर्ट में भी वैसी ही रहेगी। हालांकि, यह साफ है कि कानून भले ही अपराधी को सज़ा दे दे, लेकिन मां के दिल का घाव कभी नहीं भरेगा।
हालांकि यह केस तेज़ इंसाफ सिस्टम का एक उदाहरण बन गया है, लेकिन कानून एक मां के बहुत बड़े दर्द और खालीपन को नहीं भर सकता। आरव जैसे मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और उनका सख्ती से लागू होना ज़रूरी है।

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