कोलकाता STF ने 15 साल से फरार माओवादी लीडर को गिरफ्तार किया; मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'हम राज्य में रेड टेरर नहीं फैलने देंगे'
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने CPI (माओवादी) के एक अहम लीडर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान असीम मंडल उर्फ आकाश के तौर पर हुई है। वह CPI (माओवादी) सेंट्रल कमेटी का मेंबर है।
यह माओवादी लीडर करीब 15 साल से फरार था। इस दौरान वह अलग-अलग राज्यों के घने जंगलों में छिपा रहा था। सीक्रेट जानकारी मिलने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी मिली और फिर उसे गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में टेक्निकल इंटेलिजेंस सिस्टम का भी अहम रोल रहा।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया। उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की काबिलियत का उदाहरण है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में 'रेड टेरर' नेटवर्क को फिर से फैलाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कट्टरपंथी सोच को राज्य के लोगों की सुरक्षा से समझौता करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। राज्य के विकास में रुकावट डालने वाली ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच अभी चल रही है। असीम मंडल के पिछले कॉन्टैक्ट्स और माओवादी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह इतने लंबे समय तक किस इलाके में रहा था।
चूंकि यह गिरफ्तारी माओवादी संगठन के एक अहम नेता की है, इसलिए जांच एजेंसी अब उसके पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा करने पर ध्यान दे रही है।
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने CPI (माओवादी) के एक अहम लीडर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान असीम मंडल उर्फ आकाश के तौर पर हुई है। वह CPI (माओवादी) सेंट्रल कमेटी का मेंबर है।
यह माओवादी लीडर करीब 15 साल से फरार था। इस दौरान वह अलग-अलग राज्यों के घने जंगलों में छिपा रहा था। सीक्रेट जानकारी मिलने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी मिली और फिर उसे गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में टेक्निकल इंटेलिजेंस सिस्टम का भी अहम रोल रहा।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया। उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की काबिलियत का उदाहरण है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में 'रेड टेरर' नेटवर्क को फिर से फैलाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कट्टरपंथी सोच को राज्य के लोगों की सुरक्षा से समझौता करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। राज्य के विकास में रुकावट डालने वाली ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच अभी चल रही है। असीम मंडल के पिछले कॉन्टैक्ट्स और माओवादी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह इतने लंबे समय तक किस इलाके में रहा था।
चूंकि यह गिरफ्तारी माओवादी संगठन के एक अहम नेता की है, इसलिए जांच एजेंसी अब उसके पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा करने पर ध्यान दे रही है।
यह माओवादी लीडर करीब 15 साल से फरार था। इस दौरान वह अलग-अलग राज्यों के घने जंगलों में छिपा रहा था। सीक्रेट जानकारी मिलने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी मिली और फिर उसे गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में टेक्निकल इंटेलिजेंस सिस्टम का भी अहम रोल रहा।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया। उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की काबिलियत का उदाहरण है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में 'रेड टेरर' नेटवर्क को फिर से फैलाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कट्टरपंथी सोच को राज्य के लोगों की सुरक्षा से समझौता करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। राज्य के विकास में रुकावट डालने वाली ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच अभी चल रही है। असीम मंडल के पिछले कॉन्टैक्ट्स और माओवादी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह इतने लंबे समय तक किस इलाके में रहा था।
चूंकि यह गिरफ्तारी माओवादी संगठन के एक अहम नेता की है, इसलिए जांच एजेंसी अब उसके पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा करने पर ध्यान दे रही है।
.jpg)
