TMC का सिंबल फ्रीज! ममता बनर्जी को मिला ‘फुटबॉलर’, बागियों को मिला ‘लिफाफा’; दोनों ग्रुप्स को मिला नया नाम-सिंबल
पश्चिम बंगाल की पॉलिटिक्स में बड़ा उलटफेर हुआ है। इलेक्शन कमीशन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का ओरिजिनल नाम और सिंबल फ्रीज कर दिया है और दोनों ग्रुप्स को नए नाम और सिंबल दिए गए हैं। शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस के बाद अब TMC में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
ममता बनर्जी की लीडरशिप वाले ग्रुप का नाम अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ होगा। इस ग्रुप को फुटबॉल प्लेयर का इलेक्शन सिंबल दिया गया है। जबकि अरूप रॉय की लीडरशिप वाले बागी ग्रुप का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया है। इस ग्रुप को लिफाफे का सिंबल मिला है।
इससे पहले गुरुवार रात को इलेक्शन कमीशन ने एक इंटरिम ऑर्डर जारी करके दोनों ग्रुप्स को TMC का ओरिजिनल नाम और सिंबल इस्तेमाल करने से बैन कर दिया था। सिंबल ‘फूलों का जोड़ा’, जो 1998 से पार्टी का आइडेंटिटी सिंबल रहा है, अब फ्रीज कर दिया गया है। मई में असेंबली इलेक्शन में हार के बाद पार्टी में बड़ी बगावत हुई थी। दो-तिहाई से ज़्यादा MLA बागी हो गए और रीताब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता चुने गए। अब, नाम और सिंबल फ्रीज़ होने से ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। कमीशन ने यह फ़ैसला “इलेक्शन सिंबल ऑर्डर, 1968” के मुताबिक दोनों ग्रुप की राय सुनने के बाद लिया। फ़ाइनल रिज़ल्ट आने तक, कोई भी ग्रुप ओरिजिनल नाम या सिंबल इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। दोनों ग्रुप आने वाले उपचुनाव अपने नए नाम और सिंबल के साथ लड़ेंगे।
पश्चिम बंगाल की पॉलिटिक्स में बड़ा उलटफेर हुआ है। इलेक्शन कमीशन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का ओरिजिनल नाम और सिंबल फ्रीज कर दिया है और दोनों ग्रुप्स को नए नाम और सिंबल दिए गए हैं। शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस के बाद अब TMC में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
ममता बनर्जी की लीडरशिप वाले ग्रुप का नाम अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ होगा। इस ग्रुप को फुटबॉल प्लेयर का इलेक्शन सिंबल दिया गया है। जबकि अरूप रॉय की लीडरशिप वाले बागी ग्रुप का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया है। इस ग्रुप को लिफाफे का सिंबल मिला है।
इससे पहले गुरुवार रात को इलेक्शन कमीशन ने एक इंटरिम ऑर्डर जारी करके दोनों ग्रुप्स को TMC का ओरिजिनल नाम और सिंबल इस्तेमाल करने से बैन कर दिया था। सिंबल ‘फूलों का जोड़ा’, जो 1998 से पार्टी का आइडेंटिटी सिंबल रहा है, अब फ्रीज कर दिया गया है। मई में असेंबली इलेक्शन में हार के बाद पार्टी में बड़ी बगावत हुई थी। दो-तिहाई से ज़्यादा MLA बागी हो गए और रीताब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता चुने गए। अब, नाम और सिंबल फ्रीज़ होने से ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। कमीशन ने यह फ़ैसला “इलेक्शन सिंबल ऑर्डर, 1968” के मुताबिक दोनों ग्रुप की राय सुनने के बाद लिया। फ़ाइनल रिज़ल्ट आने तक, कोई भी ग्रुप ओरिजिनल नाम या सिंबल इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। दोनों ग्रुप आने वाले उपचुनाव अपने नए नाम और सिंबल के साथ लड़ेंगे।
ममता बनर्जी की लीडरशिप वाले ग्रुप का नाम अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ होगा। इस ग्रुप को फुटबॉल प्लेयर का इलेक्शन सिंबल दिया गया है। जबकि अरूप रॉय की लीडरशिप वाले बागी ग्रुप का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया है। इस ग्रुप को लिफाफे का सिंबल मिला है।
इससे पहले गुरुवार रात को इलेक्शन कमीशन ने एक इंटरिम ऑर्डर जारी करके दोनों ग्रुप्स को TMC का ओरिजिनल नाम और सिंबल इस्तेमाल करने से बैन कर दिया था। सिंबल ‘फूलों का जोड़ा’, जो 1998 से पार्टी का आइडेंटिटी सिंबल रहा है, अब फ्रीज कर दिया गया है। मई में असेंबली इलेक्शन में हार के बाद पार्टी में बड़ी बगावत हुई थी। दो-तिहाई से ज़्यादा MLA बागी हो गए और रीताब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता चुने गए। अब, नाम और सिंबल फ्रीज़ होने से ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। कमीशन ने यह फ़ैसला “इलेक्शन सिंबल ऑर्डर, 1968” के मुताबिक दोनों ग्रुप की राय सुनने के बाद लिया। फ़ाइनल रिज़ल्ट आने तक, कोई भी ग्रुप ओरिजिनल नाम या सिंबल इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। दोनों ग्रुप आने वाले उपचुनाव अपने नए नाम और सिंबल के साथ लड़ेंगे।
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