मुंबई लोकल के लिए बड़ी राहत! 18,000 करोड़ रुपये के काम से 3500 ट्रिप, दादर के लिए नया प्लेटफॉर्म
मुंबई सबअर्बन रेलवे सिस्टम में बड़े पैमाने पर विस्तार और मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में डिटेल में जानकारी दी। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 18,000 करोड़ रुपये का काम चल रहा है, और इसका मकसद 2030 तक मुंबई में लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 3500 करना है।
अभी, मुंबई में रोज़ाना करीब 3200 लोकल ट्रेनें चलती हैं। अगर यह संख्या बढ़ती है, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 2030 तक यात्रियों के लिए 238 एयर-कंडीशन्ड (AC) लोकल ट्रेनें सर्विस में आ जाएंगी। पहली AC लोकल 2027 में मिलेगी, जबकि बाकी सभी ट्रेनें 2030 तक सप्लाई हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए मॉडर्न कोच फैक्ट्री और रेल कोच फैक्ट्री से प्रोडक्शन का ऑर्डर दिया है।
ज़रूरी प्रोजेक्ट्स:
दादर स्टेशन पर एक और नया प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। जोगेश्वरी में पांच नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
वसई रोड इलाके में छह प्लेटफॉर्म, तीन पिट लाइन और पांच स्टेबलिंग लाइन।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) में चार नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
कई स्टेशनों पर 15-कार वाली ट्रेनों के लिए 12-कार प्लेटफॉर्म को बढ़ाया जा रहा है।
गणेशोत्सव के मौके पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस साल 350 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अगर ज़रूरत पड़ी तो यह संख्या बढ़ाकर 370 करने की तैयारी है।
लोकल ट्रेन यात्रा को ज़्यादा सुरक्षित और मॉडर्न बनाने के लिए हर ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाने की भी योजना है। रेल मंत्री ने कहा कि इन सभी कामों से मुंबई का सबअर्बन रेलवे सिस्टम ज़्यादा कुशल और यात्रियों के लिए आसान बनेगा।
मुंबई सबअर्बन रेलवे सिस्टम में बड़े पैमाने पर विस्तार और मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में डिटेल में जानकारी दी। अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 18,000 करोड़ रुपये का काम चल रहा है, और इसका मकसद 2030 तक मुंबई में लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 3500 करना है।
अभी, मुंबई में रोज़ाना करीब 3200 लोकल ट्रेनें चलती हैं। अगर यह संख्या बढ़ती है, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 2030 तक यात्रियों के लिए 238 एयर-कंडीशन्ड (AC) लोकल ट्रेनें सर्विस में आ जाएंगी। पहली AC लोकल 2027 में मिलेगी, जबकि बाकी सभी ट्रेनें 2030 तक सप्लाई हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए मॉडर्न कोच फैक्ट्री और रेल कोच फैक्ट्री से प्रोडक्शन का ऑर्डर दिया है।
ज़रूरी प्रोजेक्ट्स:
दादर स्टेशन पर एक और नया प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। जोगेश्वरी में पांच नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
वसई रोड इलाके में छह प्लेटफॉर्म, तीन पिट लाइन और पांच स्टेबलिंग लाइन।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) में चार नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
कई स्टेशनों पर 15-कार वाली ट्रेनों के लिए 12-कार प्लेटफॉर्म को बढ़ाया जा रहा है।
गणेशोत्सव के मौके पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस साल 350 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अगर ज़रूरत पड़ी तो यह संख्या बढ़ाकर 370 करने की तैयारी है।
लोकल ट्रेन यात्रा को ज़्यादा सुरक्षित और मॉडर्न बनाने के लिए हर ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाने की भी योजना है। रेल मंत्री ने कहा कि इन सभी कामों से मुंबई का सबअर्बन रेलवे सिस्टम ज़्यादा कुशल और यात्रियों के लिए आसान बनेगा।
अभी, मुंबई में रोज़ाना करीब 3200 लोकल ट्रेनें चलती हैं। अगर यह संख्या बढ़ती है, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 2030 तक यात्रियों के लिए 238 एयर-कंडीशन्ड (AC) लोकल ट्रेनें सर्विस में आ जाएंगी। पहली AC लोकल 2027 में मिलेगी, जबकि बाकी सभी ट्रेनें 2030 तक सप्लाई हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए मॉडर्न कोच फैक्ट्री और रेल कोच फैक्ट्री से प्रोडक्शन का ऑर्डर दिया है।
ज़रूरी प्रोजेक्ट्स:
दादर स्टेशन पर एक और नया प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। जोगेश्वरी में पांच नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
वसई रोड इलाके में छह प्लेटफॉर्म, तीन पिट लाइन और पांच स्टेबलिंग लाइन।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) में चार नए प्लेटफॉर्म और दो पिट लाइन।
कई स्टेशनों पर 15-कार वाली ट्रेनों के लिए 12-कार प्लेटफॉर्म को बढ़ाया जा रहा है।
गणेशोत्सव के मौके पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस साल 350 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अगर ज़रूरत पड़ी तो यह संख्या बढ़ाकर 370 करने की तैयारी है।
लोकल ट्रेन यात्रा को ज़्यादा सुरक्षित और मॉडर्न बनाने के लिए हर ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाने की भी योजना है। रेल मंत्री ने कहा कि इन सभी कामों से मुंबई का सबअर्बन रेलवे सिस्टम ज़्यादा कुशल और यात्रियों के लिए आसान बनेगा।
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