US-ईरान विवाद बढ़ा; होर्मुज स्ट्रेट में तनाव, तेल की कीमतों में उछाल
मराठी न्यूज़ रिपोर्ट (13 जुलाई, 2026):
दुबई/तेहरान: जैसे-जैसे US और ईरान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ओमान और बहरीन में टारगेट पर सफलतापूर्वक हमला करने का दावा किया है। IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में US मिलिट्री बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने बहरीन में US मिलिट्री फैसिलिटी और जॉर्डन में प्रिंस हसन एयर बेस पर फ्यूल टैंक और एम्युनिशन डिपो को नष्ट कर दिया। इसने ओमान में एक रडार सिस्टम को नष्ट करने का भी दावा किया है। हालांकि, बहरीन ने ईरान पर इन हमलों में आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव:
होर्मुज स्ट्रेट के पास धमाकों की खबरें सामने आई हैं। ईरान ने स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे इंटरनेशनल शिपिंग पर असर पड़ा है। जहाजों की आवाजाही पांच हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। US का जवाब: US CENTCOM ने ईरान के तटीय इलाकों पर नए हमलों की रिपोर्ट दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर पिछले शांति समझौते (MoU) को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सीज़फ़ायर खत्म करने का ऐलान किया था। आर्थिक असर: नए हमलों से एशियाई बाज़ारों में तेल की कीमतें 4% से ज़्यादा बढ़ गई हैं, जिससे दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर बढ़ गया है। बीच-बचाव की कोशिशें: क़तर, पाकिस्तान और ओमान के बिचौलिए शांति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान का कहना है कि US के दबाव की वजह से ओमान के साथ बातचीत रुक गई है। हालात अभी भी खराब हैं। दोनों तरफ से और हमलों की उम्मीद है। ज़्यादा अपडेट के लिए, भरोसेमंद न्यूज़ सोर्स देखें।
मराठी न्यूज़ रिपोर्ट (13 जुलाई, 2026):
दुबई/तेहरान: जैसे-जैसे US और ईरान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ओमान और बहरीन में टारगेट पर सफलतापूर्वक हमला करने का दावा किया है। IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में US मिलिट्री बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने बहरीन में US मिलिट्री फैसिलिटी और जॉर्डन में प्रिंस हसन एयर बेस पर फ्यूल टैंक और एम्युनिशन डिपो को नष्ट कर दिया। इसने ओमान में एक रडार सिस्टम को नष्ट करने का भी दावा किया है। हालांकि, बहरीन ने ईरान पर इन हमलों में आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव:
होर्मुज स्ट्रेट के पास धमाकों की खबरें सामने आई हैं। ईरान ने स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे इंटरनेशनल शिपिंग पर असर पड़ा है। जहाजों की आवाजाही पांच हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। US का जवाब: US CENTCOM ने ईरान के तटीय इलाकों पर नए हमलों की रिपोर्ट दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर पिछले शांति समझौते (MoU) को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सीज़फ़ायर खत्म करने का ऐलान किया था। आर्थिक असर: नए हमलों से एशियाई बाज़ारों में तेल की कीमतें 4% से ज़्यादा बढ़ गई हैं, जिससे दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर बढ़ गया है। बीच-बचाव की कोशिशें: क़तर, पाकिस्तान और ओमान के बिचौलिए शांति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान का कहना है कि US के दबाव की वजह से ओमान के साथ बातचीत रुक गई है। हालात अभी भी खराब हैं। दोनों तरफ से और हमलों की उम्मीद है। ज़्यादा अपडेट के लिए, भरोसेमंद न्यूज़ सोर्स देखें।
दुबई/तेहरान: जैसे-जैसे US और ईरान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ओमान और बहरीन में टारगेट पर सफलतापूर्वक हमला करने का दावा किया है। IRGC ने कहा कि उसने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में US मिलिट्री बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने बहरीन में US मिलिट्री फैसिलिटी और जॉर्डन में प्रिंस हसन एयर बेस पर फ्यूल टैंक और एम्युनिशन डिपो को नष्ट कर दिया। इसने ओमान में एक रडार सिस्टम को नष्ट करने का भी दावा किया है। हालांकि, बहरीन ने ईरान पर इन हमलों में आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव:
होर्मुज स्ट्रेट के पास धमाकों की खबरें सामने आई हैं। ईरान ने स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की है, जिससे इंटरनेशनल शिपिंग पर असर पड़ा है। जहाजों की आवाजाही पांच हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। US का जवाब: US CENTCOM ने ईरान के तटीय इलाकों पर नए हमलों की रिपोर्ट दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर पिछले शांति समझौते (MoU) को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सीज़फ़ायर खत्म करने का ऐलान किया था। आर्थिक असर: नए हमलों से एशियाई बाज़ारों में तेल की कीमतें 4% से ज़्यादा बढ़ गई हैं, जिससे दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर बढ़ गया है। बीच-बचाव की कोशिशें: क़तर, पाकिस्तान और ओमान के बिचौलिए शांति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान का कहना है कि US के दबाव की वजह से ओमान के साथ बातचीत रुक गई है। हालात अभी भी खराब हैं। दोनों तरफ से और हमलों की उम्मीद है। ज़्यादा अपडेट के लिए, भरोसेमंद न्यूज़ सोर्स देखें।
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